पश्चिमी प्रशांत में टाइफून WIPHA सक्रिय, जुलाई अंत तक मानसून में पहला ब्रेक संभव

By: skymet team | Edited By: skymet team
Jul 21, 2025, 7:10 PM
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तूफान विफा से समुंद्र में हलचल- फोटो: AFP

टाइफून ‘WIPHA’ के कारण रविवार को हांगकांग में भारी बारिश हुई, अब यह तूफान दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ता हुआ चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के तट से टकराया। इस तूफान के कारण हांगकांग में लगभग 500 उड़ानें रद्द या रीशेड्यूल करनी पड़ीं। कई लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। जब तूफान कमजोर होकर ट्रॉपिकल स्टॉर्म में बदल गया, तब हांगकांग के मौसम विभाग ने चेतावनी को कम कर दिया। हालांकि, तूफान अभी भी संगठित है और इसके चारों ओर मजबूत बादल और हवाओं की पट्टियाँ मौजूद हैं, जो निम्न स्तरीय चक्रवातीय केंद्र के चारों ओर घूम रही हैं।

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वियतनाम में लैंडफॉल के बाद तूफान होगा कमजोर

यह ट्रॉपिकल स्टॉर्म आज (सोमवार) गल्फ ऑफ टोंकिन में कुछ समय के लिए रुकेगा और कल सुबह वियतनाम के तट से टकराने की संभावना है। तट से टकराने के बाद इस तूफान की ताकत तेजी से कम होगी। भूमि से टकराने के कारण (terrain friction) और नमी के अभाव में तूफान जल्द ही कमजोर होकर उत्तर लाओस क्षेत्र में एक दबावविहीन क्षेत्र (depression) बन जाएगा। इसके बाद यह और पश्चिम की ओर बढ़कर थाईलैंड और म्यांमार क्षेत्र में एक निम्न दबाव प्रणाली के रूप में कमजोर हो जाएगा।

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तूफान का असर बंगाल की खाड़ी तक पहुंचेगा

तूफान के बचे हुए अवशेष (remnants) म्यांमार होते हुए 23-24 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में प्रवेश करेंगे। इसके बाद, यह मौसमी परिसंचरण (cyclonic circulation) दोबारा सक्रिय हो जाएगा। एक मजबूत मानसूनी सिस्टम उत्तर बंगाल की खाड़ी में विकसित होने की संभावना है। मौजूदा मौसम मॉडल के अनुसार यह प्रणाली उत्तर भारत के इंडो-गैंगेटिक प्लेन्स (Indo-Gangetic Plains) की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ की दिशा हिमालय की तराई की ओर शिफ्ट हो सकती है। यह बदलाव इस महीने के अंत तक होने की संभावना है। हालांकि, दोबारा स्पष्टता के लिए 72 घंटों बाद पूर्वानुमान की समीक्षा की जाएगी।

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'ब्रेक इन मानसून' की संभावना जुलाई के अंत से

अगर मौसम मॉडल सही साबित होते हैं, तो मानसून ट्रफ के स्थानांतरण से इस महीने के अंत में ‘ब्रेक इन मानसून’ की स्थिति बन सकती है। इस स्थिति में बारिश का दायरा मैदानी इलाकों से हटकर हिमालय की तराई और पूर्वोत्तर भारत में केंद्रित हो जाता है। देश के अन्य हिस्सों में केवल छिटपुट गतिविधियाँ होती हैं। इस पर आगे विस्तार से चर्चा सप्ताह के अंत में की जाएगी। फिलहाल के अनुमान के अनुसार, सीजन का पहला 'ब्रेक फेज' अगस्त के पहले सप्ताह तक जारी रह सकता है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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