दिल्ली-एनसीआऱ में अगले 4 दिन बरसेंगे बादल, अगले 4 दिन हल्की से मध्यम बारिश, फिर बढ़ेगी गर्मी

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 6, 2026, 1:10 PM
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दिल्ली-एनसीआर में बारिश अलर्ट

मुख्य मौसम बिंदु

  • 2 जुलाई को मानसून ने दिल्ली में प्रवेश किया, लेकिन लगातार बारिश नहीं हुई।
  • पिछले 24 घंटों में छतरपुर में सबसे अधिक 48.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
  • खराब मौसम के कारण 15 उड़ानों का रूट बदलकर जयपुर और लखनऊ भेजा गया।
  • 7 से 9 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
  • पूर्वानुमान वैधता: यह विश्लेषण और पूर्वानुमान 6 से 10 जुलाई 2026 तक प्रभावी है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 2 जुलाई 2026 को तय समय से थोड़ा देर से दिल्ली में प्रवेश किया। पिछले तीन दिनों से दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें देखने को मिल रही हैं। हालांकि, यह बारिश लगातार नहीं हुई है। ज्यादातर स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश हुई और फिर मौसम सामान्य हो गया। इसलिए अब तक वह लंबा और लगातार बारिश वाला मानसूनी दौर देखने को नहीं मिला, जिसकी आमतौर पर मानसून के आगमन के बाद उम्मीद की जाती है।

खराब मौसम से उड़ानों पर असर, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश

बुधवार को अचानक बने गरज वाले बादलों, तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण 15 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली में उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी। खराब मौसम के चलते इन विमानों को जयपुर और लखनऊ की ओर भेजना पड़ा। पिछले 24 घंटों में सफदरजंग मौसम केंद्र में 6.4 मिमी और पालम हवाई अड्डे पर 16.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि छतरपुर में सबसे अधिक 48.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बादल छाए रहने, मध्यम गति की हवाएं चलने और बीच-बीच में बारिश होने से अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।

क्यों हो रही है रुक-रुक कर बारिश? जानिए मौसम की वजह

दिल्ली में मानसूनी बारिश का मुख्य कारण मानसूनी ट्रफ है, जो इस समय राजस्थान से गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है। फिलहाल यह ट्रफ झारखंड और छत्तीसगढ़ के ऊपर बने डिप्रेशन के प्रभाव में है और इसकी स्थिति दिल्ली से काफी दक्षिण में बनी हुई है। दूसरी ओर, पहाड़ी राज्यों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है, जो इस ट्रफ को समय-समय पर उत्तर की ओर खींच रहा है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से ट्रफ उत्तर और दक्षिण की ओर लगातार खिसकती रहेगी। इसी वजह से दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

10 जुलाई तक बारिश, उसके बाद फिर बढ़ सकती है गर्मी

आज दिल्ली में हल्की बारिश और कुछ इलाकों में छोटी अवधि की बौछारें पड़ सकती हैं। 7 जुलाई से 9 जुलाई के बीच बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ने की संभावना है। 10 जुलाई को भी इस मौसम प्रणाली का असर बना रहेगा और कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद मानसूनी ट्रफ उत्तर की ओर खिसक जाएगी, जिससे सप्ताहांत (11-12 जुलाई) में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। मौसम शुष्क होने के साथ दिन का तापमान फिर बढ़ने लगेगा। अगले सप्ताह की शुरुआत में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच सकता है और 37 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा भी पार कर सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

दिल्ली-एनसीआर में 10 जुलाई 2026 तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मानसूनी ट्रफ दिल्ली के दक्षिण में बनी हुई है और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इसकी स्थिति बदल रही है। इसी कारण बारिश लगातार न होकर अंतराल के साथ हो रही है।

10 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। सप्ताहांत से मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा और अगले सप्ताह तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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