दिल्ली में बरसात कमजोर, सप्ताह के बीच शुष्क मौसम परेशान करेगा, जानें पूरे मौसम का हाल
दिल्ली में पिछले चार दिनों से कोई खास बारिश दर्ज नहीं हुई है। राजधानी के बेस स्टेशन सफदरजंग पर पिछले तीन दिनों से शून्य वर्षा दर्ज की गई है। अन्य ज्यादातर वेधशालाओं पर भी पिछले दो दिनों से कोई नापने योग्य वर्षा नहीं हुई। इस हफ्ते भी ऐसे ही हालात बने रहने की संभावना है, यानी या तो बिल्कुल बारिश नहीं होगी या बहुत हल्की बौछारें पड़ेंगी। अधिकतम स्थिति में, कुछेक इलाकों में बहुत कम समय के लिए बिखरी और क्षणिक फुहारें देखने को मिल सकती हैं।
मानसून की मुख्य ट्रिगर लाइन दिल्ली से दूर
दिल्ली में मानसून वर्षा का मुख्य आधार मौसमी मानसून ट्रफ होता है। फिलहाल, पश्चिमी छोर पर दक्षिण पाकिस्तान में बना गहरा निम्न दबाव क्षेत्र और पूर्वी छोर पर ओडिशा–आंध्र प्रदेश तट से दूर बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण, इस ट्रफ को इसकी सामान्य स्थिति से काफी दक्षिण की ओर खिसका रहे हैं। अगले 48 घंटों में यह निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम की ओर बढ़कर कमजोर हो जाएगा। इसके बाद मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा उत्तर की ओर खिसककर 11 और 12 सितंबर को दिल्ली के करीब आ जाएगा। हालांकि, यह दिल्ली से अब भी कुछ दूरी पर रहेगा और इसी वजह से किसी खास बारिश की संभावना नहीं है।
गर्मी और उमस से बेहाल होंगे लोग
किसी उल्लेखनीय बारिश के अभाव में इस हफ्ते दिल्ली में तापमान मध्य-30 डिग्री सेल्सियस तक बना रहेगा। गर्मी और उमस का मेल लोगों को बेहद चिपचिपा और असहज मौसम देगा। यदि कुछ राहत मिली भी तो वह बहुत मामूली होगी और आराम की स्थिति नहीं बना पाएगी। आने वाला सप्ताहांत कुछ राहत भरा हो सकता है, क्योंकि उस दौरान दिल्ली में गर्जन-तड़ित के साथ बौछारों के आसार हैं। इससे तापमान थोड़ा संतुलित हो सकेगा और गर्मी में कुछ कमी आएगी। हालांकि, दिल्ली में बेहतर और लगातार बारिश की संभावना अगले हफ्ते से ही बन पाएगी।





