मौसम लेगा करवट: गुजरात में थमेगी प्री-मानसून बारिश, अगले हफ्ते लू के आसार बढ़े

By: Skymet team | Edited By:
May 12, 2025, 5:00 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

गुजरात में बढ़ेगी गर्मी, फोटो: Canva

पिछले सप्ताह गुजरात में अप्रत्याशित मौसमी गतिविधियाँ देखने को मिलीं। गुजरातराज्य आमतौर पर प्री-मानसून सिस्टम की जद में नहीं आता है, इसलिए यह एक असामान्य स्थिति रही। प्री-मानसून का असर अभी भी गुजरात में बना हुआ है, जिससे सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट बारिश और गरज-चमक देखने को मिली। भुज में 4 मिमी और पोरबंदर में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। गुजरात की राजधानी गाँधीनगर और अहमदाबाद में देर शाम और रात को गरज-चमक तो हुई, लेकिन बारिश नहीं हुई।

तापमान सामान्य से नीचे रहा

गुजरात के अधिकांश हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। केवल भुज ऐसा स्थान रहा जहाँ पारा 40°C के पार गया। जबकि अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, सुरेन्द्रनगर, डीसा और वल्लभ विद्यानगर जैसे आंतरिक क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 37-38°C के बीच रहा। हालांकि, इस सप्ताह के मध्य के बाद तापमान लगातार बढ़ने की संभावना है।

अरब सागर में चक्रवाती परिसंचरण और अगले 48 घंटे में प्रभाव

निम्न स्तरों पर उत्तर-पूर्वी अरब सागर में एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह सिस्टम पिछले सप्ताहांत से कमजोर हुआ है, लेकिन अभी भी दक्षिण-पश्चिमी हवाएं सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटवर्ती इलाकों में प्रवेश कर रही हैं। इन परिस्थितियों के चलते अगले 24 से 48 घंटों तक बिखरी मौसमी गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं। उसके बाद यह परिसंचरण समुद्र में ही समाप्त हो जाएगा और पूरे गुजरात में मौसम साफ हो जाएगा।

15 मई से बढ़ेगी गर्मी, तापमान 40°C पार

15 मई से गुजरात में पछुआ हवाएं चलने लगेंगी। पाकिस्तान और राजस्थान से गर्म हवाएं गुजरात के आंतरिक हिस्सों तक पहुंचेंगी। 15 मई से सौराष्ट्र के आंतरिक भागों और उत्तर व मध्य गुजरात में तापमान 40°C को पार कर सकता है। बढ़ती गर्मी और सीमा पार से आने वाली गर्म हवाओं के मिलेजुले असर से राज्य के कुछ हिस्सों में लू जैसे हालात बन सकते हैं।

गर्मी होगी लेकिन लू नहीं चलेगी

हालांकि, तापमान में बढ़ोतरी होगी, लेकिन पूरे गुजरात में अत्यधिक गर्मी की आशंका नहीं है। लू का असर सीमित इलाकों तक ही रहेगा। गाँधीनगर और अहमदाबाद जैसे शहरों में 15 मई के बाद तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के नीचे-ऊपर बना रह सकता है और अगले सप्ताह ज्यादा बढ़ने की संभावना है।

author image
Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है