उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में साफ मौसम, तापमान में आएगी गिरावट

By: Skymet team | Edited By:
Mar 4, 2025, 12:45 PM
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उत्तर भारत में साफ मौसम, फोटो: Canva

उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बीते 4-5 दिनों में मध्यम से भारी बर्फबारी और शीतकालीन बारिश हुई है। कई स्थानों पर मौसम गतिविधियां काफी तेज़ और प्रभावशाली थी। मैदानी इलाकों में हुई बारिश जहां कृषि के लिए वरदान साबित हुई, वहीं पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी से जल स्रोतों को फिर से भरने में मदद मिली। हालांकि, इस मौसम प्रणाली का एक नकारात्मक पहलू यह भी रहा कि ढलानों पर भारी बर्फबारी के कारण हिमस्खलन हुए, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ। हालांकि, अब मौसम में जल्द ही सुधार आने की संभावना है।

पहाड़ों पर मौसम होगा जल्द साफ

वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के मध्य और ऊपरी इलाकों में स्थित है और यह अपने अंतिम चरण में है। यह जल्द ही उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़ देगा और 5 मार्च से पूरे क्षेत्र में मौसम में सुधार की संभावना है। पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में मौजूद इस सिस्टम के अवशेष पहले ही खत्म हो चुके हैं और यह अब उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में पहुंच गया है। जल्द ही इन इलाकों में भी मौसम साफ हो जाएगा।

5 से 8 मार्च तक साफ रहेगा मौसम

उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानी इलाकों में 5 से 8 मार्च 2025 तक मौसम साफ बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के मैदानी इलाकों में पहले ही मौसम सुहावना हो गया है, यहां अच्छी धूप और मौसमी गर्माहट देखने को मिल रही है। हालांकि, 9 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में दस्तक देगा। यह सिस्टम अगले 3-4 दिनों तक पहाड़ी राज्यों में सक्रिय रहेगा। इस दौरान 10 मार्च को मौसम प्रणाली का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा, जबकि अन्य दिनों में हल्की से मध्यम गतिविधियां होंगी। हालांकि, यह प्रभाव मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा और तलहटी के कुछ स्थानों में भी हल्की बारिश हो सकती है।

तापमान में गिरावट की संभावना

मौसम में व्यापक सुधार के चलते उत्तर भारत के पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आएगी। मैदानी इलाकों में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान एकल अंकों (सिंगल डिजिट) में आ सकता है। पंजाब और हरियाणा के पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना, करनाल और आसपास के क्षेत्रों में हल्की ठंड महसूस की जा सकती है, जहां न्यूनतम तापमान 7-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं, दिन का तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। दिल्ली में न्यूनतम तापमान अभी भी दोहरे अंकों (डबल डिजिट) में बना रहेगा, हालांकि इसमें भी मामूली गिरावट देखी जा सकती है। 9 मार्च को नए पश्चिमी विक्षोभ के आगमन के बाद न्यूनतम तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने लगेगी।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

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