दिल्ली में लू की वापसी, 42 डिग्री पार कर सकता है तापमान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस सप्ताह एक और हीटवेव (लू) की स्थिति बनने की संभावना है। इससे पहले, 7 से 9 अप्रैल 2025 के बीच तीन दिन तक लू चली थी। उस दौरान अधिकतम तापमान 41°C दर्ज किया गया था, जो इस साल का अब तक का सबसे अधिक तापमान था। पिछले तीन दिनों में पारे में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। राजधानी की मुख्य वेधशाला केंद्र सफदरजंग में कल अधिकतम तापमान 36.6°C दर्ज किया, जो पिछले दिन की तुलना में 1.4°C अधिक था। आज अधिकतम तापमान 38°C तक पहुँच सकता है और कल 15 मार्च तक तापमान 39°C तक पहुँचने की संभावना है। अप्रैल के इस समय सामान्य तापमान लगभग 36°C होता है। लू की स्थिति तब बनती है जब अधिकतम तापमान 41°C या उससे ऊपर पहुँचता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में कोई मौजूदा सिस्टम नहीं
अगले दो दिनों तक पहाड़ों में कोई भी सक्रिय मौसम प्रणाली (Weather System) नहीं है। इस दौरान साफ आसमान और शुष्क मौसम के कारण गर्मी धीरे-धीरे जमा होती जाएगी और तापमान बढ़ जाएगा। वहीं, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 16 अप्रैल को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में दस्तक देगा। इसके साथ ही एक सहायक चक्रवाती परिसंचरण (Circulation) 17 अप्रैल को उत्तर पंजाब और राजस्थान के ऊपर बनने की संभावना है। यह सिस्टम 16 से 21 अप्रैल तक पर्वतीय इलाकों को प्रभावित करेगा, जिसमें 18 से 20 अप्रैल के बीच सबसे अधिक प्रभाव रहेगा।
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मैदानों में तापमान में तेज उछाल
जैसा कि आमतौर पर होता है, सिस्टम के आगमन से पहले मैदानों में गर्म हवाएं चलने लगती हैं। दिल्ली में 16 से 20 अप्रैल के बीच तापमान तेजी से बढ़ेगा और 40°C से ऊपर बना रहेगा। 16 और 19 अप्रैल को तापमान 40°C से 41°C के बीच रहेगा, जो सीमावर्ती लू की स्थिति को दर्शाता है। 17 और 18 अप्रैल को पारा 42°C पार कर सकता है, जो मध्यम श्रेणी की लू मानी जाएगी।
बादल तो होंगे, बारिश नहीं
हालांकि चक्रवाती परिसंचरण के निकट होने के कारण बीच-बीच में बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। जैसे ही पहाड़ों में मौसम सक्रिय होगा और निचली सतह पर हवाएं तेज़ होंगी, तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। यह राहत सप्ताहांत (20-21 अप्रैल) तक देखने को मिल सकती है।
















