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[Hindi] अरब सागर में बना तूफान लुबान, बढ़ रहा ओमान की ओर; भारत के लिए नहीं कोई ख़तरा

[Hindi] अरब सागर में बना तूफान लुबान, बढ़ रहा ओमान की ओर; भारत के लिए नहीं कोई ख़तरा

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Updated on Oct 8, 2018 09:00 AM: अरब सागर में बना तूफान लुबान, बढ़ रहा ओमान की ओर; भारत के लिए नहीं कोई ख़तरा

अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी भागों पर विकसित हुआ सिस्टम पिछले कई दिनों से लगातार सशक्त हो रहा था। आज अरब सागर के मध्य पूर्व पर चक्रवाती तूफान बन गया। इसे लुबान नाम दिया गया है। तूफान लुबान 20 किलोमीटर प्रतिघण्टे की गति से पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ रहा है। सोमवार की सुबह यह ओमान के सलालाह से लगभग 1000 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार समुद्र में स्थितियाँ इसे लगातार मदद कर रही हैं जिससे उम्मीद है कि अगले 24 घंटों में भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है। साथ ही पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ता रहेगा और अगले 4-5 दिनों में ओमान तथा यमन के तटों पर लैंडफॉल करेगा।

अब यह लगभग स्पष्ट हो चुका है कि तूफान लुबान भारतीय तटों पर तबाही वाली बारिश नहीं देगा। हालांकि केरल, कर्नाटक के तटीय भागों और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों पर इसके चलते सामान्य बारिश जारी रहने की संभावना है।

Updated on Oct 3, 2018 at 04:10 PM: अरब सागर में 7-8 अक्तूबर को उठेगा चक्रवात; या ओमान या पाकिस्तान होंगे निशाने पर

अरब सागर में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सशक्त होते हुए शुक्रवार को निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया। यह सिस्टम लगातार प्रभावी हो रहा है और अगले 24 घंटों में डिप्रेशन बन जाएगा। उसके बाद जल्द ही यह डीप डिप्रेशन बन सकता है। स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 7 से 8 अक्टूबर के बीच यह सिस्टम प्रभावी होते हुए चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। इसे लुबान नाम दिया जाएगा।

इस समय जिस जगह पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है उस स्थान पर समुद्र में सभी स्थितियाँ चक्रवाती तूफान विकसित होने के लिए अनुकूल हैं। समुद्र की सतह का तापमान 29 से 30 डिग्री के बीच चल रहा है। इसके अलावा मैडेन जूलियन ओशीलेशन यानि MJO धीरे-धीरे हिन्द महासागर में आ रहा है और 6 से 12 अक्टूबर के बीच यह पूरी तरह से हिन्द महासागर में आ जाएगा। एमजेओ इस सिस्टम को तूफान बनने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

अभी अनुमान है कि तूफान विकसित होने के बाद शुरुआत में उत्तर-पश्चिमी दिशा में ओमान की तरफ जाएगा। आशंका इसके दिशा बदलकर दक्षिणी पाकिस्तान और इससे सटे गुजरात की ओर भी आने की है। अगर यह ओमान की ओर गया तो ज़्यादा तबाही मचाएगा क्योंकि ओमान के पास अरब सागर में तापमान अधिक है, जिससे इसकी क्षमता लंबे समय तक बनी रह सकती है। जबकि पाकिस्तान के पास समुद्र की सतह का तापमान कम है जिससे यह जल्द ही कमजोर हो जाएगा।

कह सकते हैं कि ओमान पर लैंडफॉल के बाद तबाही वाली स्थिति होगी लेकिन दूसरी ओर अगर यह पाकिस्तान की तरफ आता है तो दक्षिणी पाकिस्तान और गुजरात सहित अन्य भागों में भारी बारिश हो सकती है लेकिन ओमान जैसी तबाही वाली स्थितियों की आशंका नहीं है। इस बीच केरल, तटीय कर्नाटक और तटीय महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों के लिए बारिश बढ़ने की उम्मीद है।

Published on Oct 3, 2018: चक्रवात बन रहा अरब सागर में; केरल सहित पश्चिमी तटों पर भीषण बारिश के आसार

भारत में मॉनसून सीजन ख़त्म हो गया है और अब देश तेज़ बारिश के लिए चक्रवाती तूफान की प्रतीक्षा में है। हालांकि चक्रवाती तूफ़ान अपने साथ भारी बारिश ही नहीं बल्कि तबाही भी लाते हैं। इस समय अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान विकसित होने के लिए मौसमी परिदृश्य अनुकूल होते हैं। स्काइमेट पहले से बताता आ रहा है कि इंटर ट्रोपिकल कन्वर्जेंस ज़ोन भूमध्य रेखा के पास बना हुआ है। इसी जगह कई चक्रवाती सिस्टम भी बने हुए हैं, जो पश्चिमी दिशा में बढ़ते हुए प्रतीत हो रहे हैं। इसी के चलते एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अरब सागर में लक्षद्वीप के करीब विकसित हुआ है।

इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी भागों पर भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है और इन दोनों सिस्टमों को एक ट्रफ रेखा कनेक्ट कर रही है। दो सिस्टम होने के कारण ही इनके आगे बढ़ने की गति काफी कम होगी और यह धीरे-धीरे सशक्त भी हो रहे हैं। इन सिस्टमों के कारण दक्षिण भारत के कुछ भागों में बारिश लगातार बढ़ती जाएगी। तटीय भागों में भारी बारिश होती रहेगी। इसके अलावा यह सिस्टम जहां पर आगे बढ़ रहे हैं वहाँ समुद्र में परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। तापमान 29 से 30 डिग्री के बीच है और विंड शीयर भी लो है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 27 डिग्री सेल्सियस तापमान चक्रवाती तूफान बनने के लिए अनुकूल होता है।

SST temperatures

 

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों का आंकलन है कि केरल के तटों के पास अरब सागर के दक्षिणी-पूर्वी भागों पर 5 अक्टूबर को एक निम्न दबाव या गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है। अनुमान है कि निम्न दबाव बनने के 48 घंटों के भीतर ही यह डिप्रेशन बन जाएगा। उसके कुछ ही समय बाद इसके और प्रभावी होकर डीप डिप्रेशन बनने की संभावना भी है।

समुद्र में परिस्थितियाँ इस बात की ओर संकेत कर रही हैं कि यह सिस्टम बाद में और सशक्त होते हुए अरब सागर के मध्य भागों पर चक्रवाती तूफान बन जाएगा। अगर यह तूफान बनता है तो इसे ‘लुबान’ नाम दिया जाएगा। हालांकि इसके ओमान की ओर जाने की संभावना है। लेकिन अगर परिस्थितियाँ बदलीं तो इसकी दिशा में परिवर्तन हो सकता है और इसमें नहीं होगा कि यह गुजरात के तटों के करीब पहुँच सकता है। हालांकि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगा।

इस बीच मौसम विशेषज्ञों का आंकलन है कि अगर यह सिस्टम ओमान का रुख करता है तो भी भारतीय तटीय क्षेत्रों के लिए ख़तरा ख़त्म नहीं होगा। ऐसा पहले भी हुआ है कि ओमान के बिलकुल करीब पहुँचकर भी चक्रवाती तूफानों की दिशा बदली है और यह गुजरात की तरफ पहुंचे हैं। इसलिए इस बार भी हमें नज़र रखनी होगी कि कहीं ओमान पर लैंडफॉल करने से पहले यह गुजरात या पाकिस्तान की ओर ना प्रस्थान कर जाये। मान लिया जाए कि अगर चक्रवाती तूफान बनने के बाद ओमान के पास से इसकी दिशा में बदलाव होता है तो यह 12 अक्टूबर के आसपास गुजरात की ओर पहुंचेगा।

इस बीच अरब सागर के मध्य भागों पर चक्रवात बनने तक भी इसकी क्षमता काफी बढ़ जाएगी और यह अपने केंद्र के चारों ओर तकरीबन 500 किलोमीटर के दायरे को प्रभावित करेगा। इसलिए भारत के पश्चिमी तटों को अलर्ट पर रहना होगा। केरल से लेकर कर्नाटक और महाराष्ट्र तक भीषण बारिश होगी। अनुमान है कि 5 से 8 अक्टूबर तक पश्चिमी तटों के पास समुद्र में हलचल काफी अधिक होगी। इस दौरान मछली पकड़ने के अलावा अन्य समुद्री गतिविधियों पर विराम लगा देना ही बेहतर होगा। केरल सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है।

बारिश की चेतावनी

अक्टूबर 3-4: समुद्र में बने सिस्टमों के कारण केरल में पहले से बारिश बढ़ गई है। बारिश और तेज़ होगी तथा कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में मूसलाधार वर्षा देखने को मिल सकती है।

अक्टूबर 5: केरल में मूसलाधार बारिश होने की संभावना। तटीय कर्नाटक के भी कुछ भागों में बारिश तेज़ हो जाएगी। साथ ही गोवा और तटीय महाराष्ट्र में भी गर्जना के साथ बौछारें शुरू हो जाएंगी।

Model output for rains

अक्टूबर 6-7: केरल और तटीय कर्नाटक में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है। केरल में अचानक बाढ़, भूस्खलन और तटबंधों में पानी भरने की पुनरावृत्ति होगी। इस दौरान गोवा में मध्यम बारिश होगी। तटीय महाराष्ट्र के शहरों में भी कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा की संभावना बन रही है।

अक्टूबर 8: केरल और तटीय कर्नाटक में भीषण बारिश राहत 8 अक्टूबर को भी मिलने की उम्मीद नहीं है। केरल में जन-जीवन फिर से बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकता है। गोवा और तटीय महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। गुजरात में भी बारिश शुरू हो सकती है।

Image credit: Dailymail

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