[Hindi] मॉनसून 2019 प्रगति: देहरादून, नैनीताल, बिहार और असम में जारी रहेगी मॉनसून की भारी बारिश

July 14, 2019 5:55 PM |

Updated on July 14, 2019: देहरादून, नैनीताल, बिहार और असम में जारी रहेगी मॉनसून की भारी बारिश

असम और मेघालय में अगले 24 घंटों के दौरान व्यापक रूप से भारी से अति भारी बारिश वर्षा होने की संभावना है। जिसके बाद धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियों कम होने लगेगी।

पूर्वोत्तर राज्यों के बाकी हिस्सों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में अगले दो से तीन दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

Updated on July 13, 2019: बिहार, असम, मेघालय में जारी रहेगी मूसलाधार बारिश

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय और असम में अगले 48 घंटों के दौरान भारी वर्षा हो सकती है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कमी देखने को मिल सकती है।

अगले 24 घंटों के दौरान बिहार के उत्तरी इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

हालांकि हिमालय के तराई इलाकों में अगले 2 से 3 दिनों तक भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

Updated on July 12, 2019: देश भर में ब्रेक-मॉनसून की स्थिति जल्द देगी दस्तक

देश ब्रेक-मॉनसून की स्थिति की ओर बढ़ रहा है। हिमालय तराई इलाके, उत्तर-पूर्व भारत और पश्चिमी तट के हिस्सों के अधिकांश हिस्सों से बारिश पहले ही कम हो गई है।

आने वाले दिनों में यानी कम से कम अगले 4-5 दिनों के लिए, भारी बारिश उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालय पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश और मेघालय तक सीमित हो जाएगी। इसके साथ ही, पश्चिमी तट पर, विशेष रूप से तटीय कर्नाटक और दक्षिण कोंकण और गोवा में अच्छी बारिश के साथ कुछ जगहों पे भारी बारिश भी देखने को मिल है।

इसे देखते हुए, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर रहेगी। आने वाले दिनों में मौसम के लिहाज से असम को ज्यादा राहत नहीं मिलेगी।

Updated on July 11, 2019: उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में जारी रहेगी बाढ़ वाली बारिश

मॉनसून के जोरदार प्रदर्शन के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार और मेघालय के हिस्सों में मूसलाधार बारिश जारी रहने की उम्मीद है। इन सभी राज्यों में तीन अंकों में बारिश रिकॉर्ड की गई। आँकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 122 मिमी, बरेली में 112 मिमी, बहराइच में 105 मिमी, शाहजहांपुर में 101 मिमी, वाराणसी में 104 मिमी, पासीघाट में 125 मिमी और बिहार के छपरा में 123 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय राजस्थान में बाड़मेर, जोधपुर, चुरू, पंजाब में लुधियाना, कपूरथला से होकर गुज़र रही है। बाड़मेर और जोधपुर में पहले ही मॉनसून पहुंचा था। यानि इन भागों में मॉनसून में कोई प्रगति नहीं हुई और अगले 3-4 दिनों तक इसमें प्रगति की कोई संभावना नहीं है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के हिस्सों में बने एक चिन्हित निम्न दवाब क्षेत्र के कारण मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ हिस्सों में तो भारी मूसलाधार मानसून की वर्षा के आसार हैं।

वैसे तो, पहले से ही कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी हालात बन चुकी है और हमारा अनुमान है कि आने वाले 24 घंटों में स्थितियां और भयावह हो जाएगी।

Updated on July 10, 2019: पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून देगा जोरदार बारिश, बाढ़ की स्थितियां सम्भव

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून जोरदार बना हुआ है। इससे इन क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश जारी है। कल यानि मंगलवार 09 जुलाई, सुबह 08:30 बजे से बीते 24 घंटों के दौरान बहराइच में 202 मिमी, गोरखपुर में 114 मिमी, भागलपुर में 102 मिमी, पासीघाट में 112 मिमी और उत्तरी लखीमपुर में 105 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है।

इन मूसलाधार बारिश की गतिविधियों के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ की स्थिति बन गयी है। वहीं असम एक बार फिर से बाढ़ की चपेट में आ गया है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है वहीं इस सिस्टम से एक ट्रफ रेखा पूर्वोत्तर भारत तक फैली हुई है। इन दोनों सिस्टमों के कारण अगले 2 से 3 दिनों तक इन स्थानों में हो रही मौसमी हलचल जारी रहेगी।

इस दौरान अधिकांश स्थानों पर बारिश का आंकड़ा सैकड़े में भी जा सकता है। बारिश की गतविधियों के कारण पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकांश स्थानों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

Updated on July 9, 2019: चुरू और लुधियाना पहुंचा मॉनसून, देश के बाकी हिस्सों को सामान्य समय में कर जाएगा पार

उम्मीद के मुताबिक मॉनसून में 9 जुलाई को प्रगति देखने को मिली और यह पंजाब तथा हरियाणा में भीतरी भागों तक पहुँच गया। राजस्थान में भी मॉनसून में प्रगति हुई है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बाकी बचे हिस्सों में भी सामान्य समय सीमा के अंदर ही मॉनसून का आगाज़ होने की संभावना है।

मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय राजस्थान में बाड़मेर, जोधपुर, चुरू, पंजाब में लुधियाना, कपूरथला से होकर गुज़र रही है। बाड़मेर और जोधपुर में पहले ही मॉनसून पहुंचा था। यानि इन भागों में मॉनसून में कोई प्रगति नहीं हुई।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार देश के बाकी बचे हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए मौसमी स्थितियाँ अनुकूल दिखाई दे रही हैं। पश्चिमी राजस्थान मॉनसून का आखिरी पड़ाव है, जहां 15 जुलाई तक समान्यतः मॉनसून का आगमन होता है। साल 2019 में मॉनसून का आगमन 8 जून को केरल में हुआ था उसके बाद इसकी रफ्तार और मंद पड़ गई थी।

हालांकि पिछले कुछ दिनों में मॉनसून में अच्छी प्रगति देखने को मिली है जिससे उम्मीद है कि राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में अगले सप्ताह मॉनसून दस्तक दे देगा।

Updated on July 7, 2019: हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों को छोड़कर पुरे देश में पंहुचा मॉनसून 

मॉनसून अब तीन राज्यों के हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों में नहीं पहुंचा है। अगले 24-48 घंटों में इन भागों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल बनती हुई दिखाई दे रही हैं। बता दें कि, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों को छोड़कर दक्षिण पश्चिम मॉनसून का आगमन पूरे देश में हो चूका है।

हालांकि, मॉनसून की उत्तरी सीमा आज भी बाड़मेर, जोधपुर, सीकर, रोहतक, चंडीगढ़, ऊना और अमृतसर में है।

Updated on July 4, 2019: दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने सम्पूर्ण गुजरात और मध्य प्रदेश समेत राजस्थान के कुछ अन्य इलाकों में भी दी दस्तक

मॉनसून का आगमन गुजरत, अरब सागर, मध्य प्रदेश और राजस्थान के अन्य इलाकों में भी हो चुका है। मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय, बाड़मेर, अजमेर, ग्वालियर, शाहजहांपुर, नजीबाबाद और मंडी से होते हुए गुजर रही है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में मौसम, अगले 24 घंटों में मॉनसून के आगमन के अनुकूल बना हुआ है।

Updated on July 3, 2019: मॉनसून ने गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अन्य इलाकों में भी दी दस्तक

गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अन्य कई इलाकों में भी मॉनसून का आगमन हो चुका है। इस समय, मॉनसून की उत्तरी सीमा द्वारका, डीसा, उदयपुर, कोटा, ग्वालियर, शाहजहांपुर, निजबाबाद और मंडी से होते हुए गुजर रही है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न-दबाव क्षेत्र के पश्चिमी-उत्तर पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ने के आसार हैं। इसके कारण गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ अन्य इलाकों के साथ ही अगले 48-72 घंटों में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के भी कुछ इलाकों में मॉनसून का आगमन हो सकता है।

Updated on July 2, 2019: राजस्थान में हुआ मानसून का आगमन, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-एनसीआर होगा अगला पड़ाव

दक्षिण पश्चिमी मानसून प्रगति के साथ पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ भागों में दस्तक दे चुका है। वहीं गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों समेत उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के भी कुछ अन्य भागों तक पहुंच चुका है।

इसके अलावा मॉनसून की उत्तरी सीमा, द्वारका, अहमदाबाद, राजगढ़, खजुराहो, लखनऊ, नजीबाबाद और मंडी से होते हुए गुजर रही है।

वहीं निम्न-दबाव क्षेत्र के मध्य भारत की ओर बढ़ने के साथ ही अगले 2-3 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के बचे हुए भागों में मॉनसून के दस्तक के लिए मौसम अनुकूल हो जायेगा। इसी के साथ ही, यह राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के भी कुछ अन्य इलाकों में पहुँच जायेगा।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तराखंड के बचे हुए इलाकों में भी मॉनसून दस्तक दे सकता है।

Updated on July 1, 2019: आतंरिक हिस्सों की ओर बढ़ेगा निम्न दबाव क्षेत्र , मध्य भारत में भारी बारिश की उम्मीद

खाड़ी में बना निम्न दवाब का क्षेत्र अब ओडिशा और उससे सटे पश्चिम बंगाल से अंतर्देशीय में बढ़ेगा और तेज हो जाएगा। जिसके कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, विदर्भ, कोंकण व गोवा, गुजरात और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

Updated on June 30, 2019: ओडिशा और छत्तीसगढ़ में निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण भारी बारिश की संभावना

महाराष्ट्र के अधिकांश भागों में बीते 24 घंटों के में भारी बारिश देखने को मिली है। महाराष्ट्र के ठाणे में इस दौरान 177 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है।

वहीं मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय द्वारका, अहमदाबाद, भोपाल, जबलपुर, पेंड्रा, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी और मुक्तेश्वर से होते हुए गुजर रही है।

इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भागों और पश्चिम बंगाल के तटीय भागों से सटे इलाकों पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम अगले 48 घंटों में तीव्र होने के साथ ही पश्चिमी/उत्तर-पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ेगा।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसमी सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गंगीय पश्चिम बंगाल के भागों में भारी बारिश होने की संभावना है।

Updated on June 29, 2019: निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होगी भारी बारिश

बीते 24 घंटों में महारष्ट्र के अधिकांश भागों में भारी बारिश दर्ज की गयी है। जहां कल यानि शुक्रवार 28 जून को मुंबई में 235 मिलीमीटर और पुणे में 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मॉनसून की उत्तरी रेखा इस समय, द्वारका, अहमदाबाद, भोपाल, जनलपुर, पेंड्रा, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी और मुक्तेश्वर से होकर गुजर रही है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि जल्द ही एक निम्न दबाव का क्षेत्र भारत के भागों में प्रभावी होने की संभावना है। यह सिस्टम भी पुराने मौसमी सिस्टम की तरह ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और कोकण क्षेत्र से होते हुए पश्चिम दिशा की ओर बढ़ जायेगा। इससे अगले 48 घंटों में यहां भारी बारिश होने के आसार हैं।

Updated on June 28, 2019: अहमदाबाद और भोपाल में प्रवेश किया मॉनसून, उत्तर-पश्चिमी भारत है अगला पड़ाव

दक्षिण पश्चिम मॉनसून 2019 ने गति पकड़ ली है और अब उत्तरी अरब सागर, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है। हालांकि, मॉनसून का केवल पश्चिमी शाखा ही आगे बढ़ा है जबकि, पूर्वी शाखा अभी भी स्थिर है।

मॉनसून की उत्तरी रेखा यानि एनएलएम इस समय, द्वारका, अहमदाबाद, भोपाल, जबल्पुर, पेन्द्रा, सुल्तानपुर, लखीमपुर खेरी और मुखतेश्वर होकर गुजर रही है।

हम उम्मीद करते हैं कि मॉनसून अब कम से कम दो दिनों के लिए एक मामूली ब्रेक लेगा, इसके बाद आगे बढ़ेगा और इसके पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों को कवर करने की संभावना है।

Updated on June 26, 2019:  मॉनसून के रफ्तार में लगी ब्रेक, अगले दो-तीन दिनों तक नहीं आएगा बदलाव

पिछले पाँच-छह दिनों की तेज़ी के बाद मॉनसून की रफ्तार में कमी आ गई है। मॉनसून की उत्तरी सीमा आज भी वेरावल, सूरत, इंदौर, मंडला, पेंडरा, वाराणसी, सुल्तानपुर, लखीमपुर खेरी और मुक्तेश्वर में बनी हुई है। इस समय मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियाँ अनुकूल नहीं दिखाई दे रहीं हैं।

पश्चिमी तटों पर महाराष्ट्र से केरल तक एक ट्रफ बन गई है, जिससे दक्षिण भारत पर मॉनसूनी हवाओं का प्रवाह सीमित हुआ है। बंगाल की खाड़ी से भी आर्द्र हवाओं के प्रवाह में कमी है। यही कारण है कि अगले दो-तीन दिनों तक मॉनसून में प्रगति देखने को नहीं मिलेगी।

हालांकि पूर्वोत्तर भारत पर बंगाल की खाड़ी से आर्द्र हवाएँ पहुँच रही हैं जिसके चलते असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार वर्षा होने की संभावना है।

Updated on June 25 2019: मुंबई समेत सूरत और इंदौर में मॉनसून ने दी दस्तक

दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने प्रगति के साथ आखिरकार मुंबई में दस्तक दे दी। इसी के साथ मॉनसून ने महाराष्ट्र के पूरे भागों समेत दक्षिणी गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों को भी कवर कर लिया है। हालांकि मॉनसून की प्रगति सिर्फ पश्चिमी हिस्सों में ही देखने को मिल रही है।

मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय वेरावल, सूरत, इंदौर, मांडला, पेंड्रा, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी और मुक्तेश्वर से होते हुए गुजर रही है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक किसी भी सक्रिय मानसून वृद्धि के अभाव में, मॉनसून स्थिर रहेगा और अगले कुछ दिनों तक प्रगति होने की उम्मीद नहीं है।

Updated on June 24, 2019: कोंकण और मध्य महाराष्ट्र समेत उत्तराखंड के भागों मॉनसून ने दी दस्तक

दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून ने रफ्तार पकड़ कर कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के भागों तक पहुंच गया है। मॉनसून इस समय मराठवाड़ा और विदर्भ के सभी इलाकों समेत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के भी कुछ भागों तक पहुंच गया है। इसके अलावा उत्तराखंड के भी कुछ भागों में मॉनसून ने दस्तक दे दी है।

वहीं मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय अलीबाग, मालेगांव, खांडवा, छिंदवाड़ा, मांडला, पेंड्रा, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी और मुक्तेश्वर से होते हुए गुज़र रही है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि, मॉनसून की प्रगति अगले 48 घंटों में मुंबई समेत कोंकण के भी भागों तथा मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बचे हुए भागों, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ भागों तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की ओर भी हो सकती है।

Updated on June 23, 2019:  नागपुर, वाराणसी और बहराइच तक आ गया मॉनसून, अगला पड़ाव होंगे मुंबई, सूरत, भोपाल और लखनऊ

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2019 ने पिछले चार दिनों से रफ़्तार पकड़ी है। लंबे ब्रेक के बाद केरल से 20 जून को मॉनसून आगे निकला और अगले 3-4 दिनों में इसने मध्य भारत के कई इलाकों को कवर करते हुए पूर्वी भारत में तेज़ी से छलांग लगाई। 23 जून को मॉनसून महाराष्ट्र के विदर्भ के लगभग सभी भागों में पहुँच गया। मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में भी मॉनसून में प्रगति हुई है।

मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय रत्नागिरी, अहमदनगर, औरंगाबाद, नागपुर, पेंडरा, वाराणसी और बहराइच से होकर गुज़र रही है।

मॉनसून को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से पूरी मदद मिल रही है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में मॉनसून अच्छी रफ़्तार में बढ़ेगा। अगले 48-72 घंटों में मॉनसून मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों में पहुँच जाएगा। साथ मध्य प्रदेश और गुजरात में भी दस्तक दे देगा। कानपुर और लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के मध्य भागों तक आ जाएगा।

स्काइमेट का आकलन है कि 25 जून तक मॉनसून जम्मू कश्मीर के भी कुछ भागों में दस्तक दे देगा।

Updated on June 22, 6:50 PM: बिहार, छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा मॉनसून

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ और हिस्सों सहित कर्नाटक के बाकी भागों तथा तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और बिहार और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है।

अगले 2-3 दिनों के दौरान मध्य अरब सागर, कोंकण के बाकी हिस्सों तथा मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ और छत्तीसगढ़, उत्तरी अरब सागर के कुछ हिस्से, दक्षिणी गुजरात और मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्से में दक्षिण पश्चिम मॉनसून की आगे की प्रगति के लिए स्थितियां अनुकूल है।

Updated on June 21, 2:30 PM: आंध्र प्रदेश, तेलंगाना सहित छत्तीसगढ़ और ओडिशा के हिस्सों को कवर किया मॉनसून

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2019 इस समय मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों सहित तटीय कर्नाटक के बाकी हिस्सों, दक्षिणी कोंकण व गोवा के कुछ हिस्सों, दक्षिणी मध्य महाराष्ट्र और आंतरिक कर्नाटक, बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, पूर्वोत्तर राज्यों के बाकी बचे हिस्सों और पश्चिम बंगाल के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा है।

मॉनसून की उत्तरी सीमा यानि NLM रत्नागिरी, कोल्हापुर, शिवमोग्गा, सलेम, कडलोर, कोलकाता और गंगटोक से होकर आगे बढ़ रही है।

इसके अलावा, अगले दो से तीन दिनों के दौरान मध्य अरब सागर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तेलंगाना, तमिलनाडु के बाकी भागों, बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ और हिस्सों सहित बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की प्रगति के लिए स्थितियाँ अनुकूल हो रही है।

मॉनसून 2019: जानिए कहाँ पहुंचा मॉनसून और आगे कैसी होगी इसकी रफ्तार

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2019 लंबे समय से दक्षिण भारत में डेरा जमाये हुए है। मॉनसून अब 15 दिन पीछे हो गया है। हालांकि अब स्थितियाँ बदली हुई दिखाई दे रही हैं क्योंकि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। इस सिस्टम के चलते मॉनसून रफ्तार पकड़ सकता है।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 2 से 5 दिनों के बीच मॉनसून कर्नाटक के कुछ हिस्सों, दक्षिणी कोंकण-गोवा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के बाकी भागों, पूर्वोत्तर भारत के बाकी हिस्सों, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओड़ीशा के कुछ हिस्सों में आ सकता है।

मॉनसून की उत्तरी सीमा 19 जून तक दक्षिण भारत में मंगलुरु, मैसूर, सलेम, कुड्डालोर, गोलपारा, अलीपुरद्वार और गंगटोक में थी। अगले 24 घंटों के दौरान केरल, तटीय कर्नाटक, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह, पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अच्छी मॉनसून वर्षा जारी रहने के संकेत हैं।

मॉनसून पर विस्तृत जानकारी के लिए देखें विडियो: 

आमतौर पर मुंबई, कोलकाता, भुवनेश्वर में 10 जून के आसपास मॉनसून आ जाता है लेकिन 2019 में 25 जून से पहले इसके आने की संभावना नहीं है। 21-22 जून से महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओड़ीशा, दक्षिणी मध्य प्रदेश और बिहार में मौसम बदलेगा और 25 जून के आसपास इन भागों पर अच्छी बारिश के साथ मॉनसून के आगमन की पूरी संभावना है।

Read this article in English: MONSOON 2019 PROGRESS: SW MONSOON 2019 TO ADVANCE OVER SOUTHERN PENINSULA, KONKAN AND GOA IN NEXT FEW DAYS

मॉनसून की सुस्ती से मध्य और उत्तर भारत के हैरान और परेशान किसानों को जून के आखिर तक राहत की आस दिखेगी जब अगले चरण में 30 जून के आसपास मॉनसून अहमदाबाद, भोपाल और लखनऊ तक के शहरों को कवर करेगा। राजधानी दिल्ली, पिंक सिटी जयपुर और हरियाणा के अंबाला में एक हफ्ते की देरी के बाद 7 जुलाई के आसपास मॉनसून दस्तक दे सकता है। इसी दौरान देहारादून, शिमला, श्रीनगर सहित उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में भी मॉनसून का आगाज़ हो सकता है।

मॉनसून में सुस्ती के कारण

मॉनसून 2019 पर अल-नीनो का साया तो था ही उस पर साइक्लोन वायु की मार भी पड़ी जिससे मॉनसून जल्द उबरता दिखाई नहीं दे रहा है।

NLMअल नीनो के कारण केरल में एक सप्ताह की देरी से मॉनसून का आगमन हुआ। अल नीनो का असर ना सिर्फ मॉनसून के शुरुआती महीने जून में अब तक रहा है बल्कि जुलाई-अगस्त और सितंबर में भी यह मॉनसून पर हावी रहेगा।

मॉनसून की सुस्ती के कारण देश के ज़्यादातर राज्यों में बारिश में कमी बहुत ऊपर पहुँच गई है। सबसे अधिक मार उत्तर प्रदेश पर पड़ी है जहां 83% कम बारिश हुई है। पूरे देश में 1 जून से 19 जून के बीच सामान्य से 44% कम वर्षा हुई है। हालांकि जून के आखिरी हफ्ते में अच्छी बारिश से हालात बेहतर हो सकते हैं।

कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।


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