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[Hindi] वायु प्रदूषण के कारण हर साल 88 लाख लोग असमय होते हैं मौत का शिकार

[Hindi] वायु प्रदूषण के कारण हर साल 88 लाख लोग असमय होते हैं मौत का शिकार

08:41 PM

एक अध्धयन के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण यूरोप में 7,90,000 लोगों की समय से पहले मृत्यु हो जाती है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा करीब 88 लाख तक पहुँच जाता है। वैश्विक स्तर पर हर साल वायु प्रदुषण के कारण 1 लाख लोगो पर 120 से अधिक मौतें हो जाती हैं। सिर्फ एशिया महाद्वीप की बात करें तो चीन में वायु प्रदुषण के कारण करीब 28 लाख लोगों की मृत्यु हुई है। और वर्ष 2015 में भारत में वायु प्रदूषण के कारण 25 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी।

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शोधकर्ताओं के अनुसार, इनमें से 80 प्रतिशत के करीब मृत्यु का कारण स्मॉग की वजह से हुए दिल का दौरा पड़ने, स्ट्रोक और अन्य हृदय सम्बन्धी रोग हैं। वायु प्रदुषण ह्रदय रोग और दिमागी बीमारियों के अलावा नपुंसकता जैसी समस्याओं का भी कारण है।

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शोधकर्ताओं ने पाया कि वाहनों, उद्योगों और कृषि में उपयोग किये जाने वाले रसायनों की वजह से हुए प्रदुषण के हानिकारक कणों का मिला जुला रूप लोगो के जीवन को समय से पहले खत्म करने का मुख्य कारण है। इसकी वजह से लोगों के जीवन में औसतन 2.2 वर्ष कम हो जाता है।

गौरतलब है कि हाल ही में एनजीओ ग्रीनपीस और आईक्यू एयर विसुअल द्वारा किये गए शोध में पाया गया था कि विश्व के 20 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में पहला स्थान गुरुग्राम का था। इस सूची में भारत के कुल 16 शहर थे। इसी सूची के शुरुआती 10 शहरों में से 8 शहर और शुरुआती 5 में से 4 शहर भारतीय थे।

Image credit: globalsherpa.org

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