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[Hindi] जतिन सिंह, एमडी स्काइमेट: इस सप्ताह उत्तर भारत को छोड़ शेष भारत में सक्रिय रहेगा मौसम, बंगाल की खाड़ी पर 14-15 अक्टूबर को एक और डिप्रेशन उभरने की संभावना है, दिल्ली प्रदूषण में होगी वृद्धि

October 13, 2020 11:00 AM |

दक्षिण पश्चिम मॉनसून की वापसी में 6 अक्टूबर से ब्रेक लगी हुई है। पूर्वी और मध्य भारत में आगामी दिनों में बारिश के जारी रहने के मद्देनजर, मॉनसून की वापसी में और देरी हो सकती है। इसके अलावा दक्षिणी प्रायद्वीप भारत पर उत्तर-पूर्वी मॉनसून की शुरुआत में देरी हो सकती है।

सर्दियों की शुरुआत से ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली प्रदूषण की गिरफ्त में आ जाती है और जल्द ही बेइन्तहा प्रदूषण के कारण दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील हो जाती है। हालांकि इस साल ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे इस प्रदूषण को कम करने के लिए न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका तीनों एक सुर में काम कर रहे हैं। औद्योगिक प्रदूषण और पराली से उठने वाले धुएँ को नियंत्रित करने के लिए सभी एजेंसियां सख्त हो गई हैं। आगामी महीनों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई उपायों की शुरुआत की गई है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने बड़ी परियोजनाओं के सभी बिल्डरों को एंटी-स्मॉग गन लगाने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न करने पर उन्हें 5,00,000 रुपये का भारी जुर्माना देना होगा। एंटी-स्मॉग गन के द्वारा हवा में 50 मीटर तक पानी का छिड़काव किया जाता है, जिससे हवा की निचली सतह में निर्माण स्थल से उठने वाला प्रदूषण नीचे आ जाता है। इस आदेश के अनुपालन के संबंध में 15 अक्टूबर से निरीक्षण शुरू होने की संभावना है।

प्रदूषण की संभावनाओं के मद्देनज़र, दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में प्रमुख निर्माण स्थलों पर 10 से अधिक एंटी-स्मॉग गन स्थापित किए गए हैं। 15 अक्टूबर से पहले और अधिक एंटी-स्मॉग गन स्थापित किए जाने की संभावना है, जिसमें कुछ लैंडफिल साइटें भी शामिल हैं जहां बड़े पैमाने पर बायोमाइनिंग का काम चल रहा है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की अगुवाई वाली टास्क फोर्स ने दिल्ली और एनसीआर में अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में पर्याप्त कार्यबल तैनात करने को कहा है। विशेष रूप से ‘रेड’ और ऑरेंज ’श्रेणियों के उद्योगों को संबन्धित राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक स्वीकारनामा देने को कहा गया है कि उनका उद्योग प्रदूषण नहीं फैला रहा है। दिल्ली सरकार ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) द्वारा विकसित तरल घोल का धान की पराली पर छिड़काव शुरू कर दिया है ताकि पराली को जैविक खाद में बदला जा सके।

पंजाब सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया है कि उसने पराली प्रबंधन के लिए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (EPCA) और कस्टम हायरिंग सेंटर (CHG) द्वारा छोटे और सीमांत किसानों को उपलब्ध कराई जाने वाली मशीनों के लिए किराया नहीं लेने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने राज्यों को नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के लिए कहा है जिसके माध्यम से नियमों और निर्देशों के अनुपालन की निगरानी की जा सके। साथ ही अदालत ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मुख्य सचिवों को तलब किया है और उन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अगली सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रहने का आदेश दिया है।

इस बीच यह सप्ताह पूर्वी और मध्य भारत के लिए सक्रिय मौसम वाला सप्ताह होने जा रहा है। एक नया डिप्रेशन 14-15 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी से उभरने की संभावना है। इस सिस्टम का भी समुद्री सफर पिछले सिस्टमों की तरह ही छोटा होगा। इसके बावजूद यह पोस्ट मॉनसून सीजन का पहल चक्रवाती तूफान बन सकता है। अगर ऐसा होता है, तो इसका नाम गति होगा और यह ओडिशा पर लैंडफॉल करेगा।

उत्तर भारत

उत्तर भारत पहाड़ी क्षेत्र इस सप्ताह भी कोई मौसमी नहीं देखेंगे। मैदानी राज्यों में भी सप्ताह के अधिकांश दिनों में मौसम साफ और शुष्क ही बना रहेगा। उत्तर प्रदेश और दक्षिण राजस्थान में सप्ताहांत में हल्की बारिश होगी। उत्तर और पश्चिमी राजस्थान और पड़ोसी हरियाणा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर बना रहेगा जो औसत से अधिक होगा।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सप्ताह की पहले भाग में हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियां होने की संभावना है। दूसरे भाग में इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इनमें से अधिकांश हिस्सों में 15 और 16 तारीख को मौसम की गतिविधियां हल्की हो जाएंगी। पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में 12 से 16 अक्टूबर के बीच बहुत भारी बारिश की उम्मीद नहीं है। हालांकि 17 और 18 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में गरज के साथ छिटपुट वर्षा देखने को मिलेगी।

मध्य भाग

मध्य भागों पर पहुंचा डिप्रेशन मध्य भारत के सभी 5 राज्यों को प्रभावित करेगा। पूर्वी तट पर ओडिशा से शुरू होकर पश्चिम की ओर गुजरात तक इसका असर दिखेगा। ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में पूरे सप्ताह बारिश और गरज के साथ बारिश होगी। 12 से 15 अक्टूबर के बीच महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। सप्ताह के आखिर में अरब सागर में कोंकण और दक्षिण गुजरात तट पर एक चक्रवाती सिस्टम बनेगा इसके साथ गुजरात और कोंकण में 15 से 18 अक्टूबर के बीच मध्यम से भारी बारिश होगी। मुंबई में भी इस दौरान मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण प्रायद्वीप

इस सप्ताह के शुरुआती दो-तीन दिनों के दौरान तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल में काफी व्यापक वर्षा होने की संभावना है। तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा जैसे अन्य हिस्सों में हल्की वर्षा ही देखने को मिलेगी। सप्ताह के आखिर में तमिलनाडु में लगभग शुष्क मौसम की स्थिति की उम्मीद है।

दिल्ली एनसीआर

दिल्ली-एनसीआर में सप्ताह के दौरान शुष्क मौसम की स्थिति रहेगी। आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। गरज वाले हल्के बादल भी छा सकते हैं। इस सप्ताह के दौरान रात का तापमान कुछ बढ़ेगा और 25 डिग्री के करीब पहुँच सकता है। दिन के तापमान में मामूली गिरावट हो सकती है।

चेन्नई

आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। पूरे सप्ताह में उमस रहेगी। सप्ताह के शुरुआती दिनों में हल्की वर्षा संभव है। राजधानी शहर चेन्नई में इस सप्ताह के अंत में या आगामी सप्ताह के आरंभ में उत्तर-पूर्वी मॉनसून के आगमन की उम्मीद की जा सकती है।

दिल्ली प्रदूषण

पिछले एक सप्ताह से दिल्ली प्रदूषण 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में है। पीएम 10 दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में मध्यम' श्रेणी में है जबकि पीएम 2.5 'खराब' श्रेणी में है।

वर्तमान में क्षेत्र का समग्र एक्यूआई 200 से 300 के बीच चल रहा है। इस समय पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं 5 से 10 किमी प्रति घंटे की कम गति से बह रही हैं। रात के समय हवा रुक जाती है जिससे प्रदूषक निचली सतह पर टिके रहते हैं।

पंजाब के कई हिस्सों के साथ-साथ पाकिस्तान के आसपास के हिस्सों में भी पराली जलाए जाने की खबरें हैं। हरियाणा में भी फसलों के अवशेष जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं।

उत्तर-पश्चिमी हवाएँ अगले 2 दिनों तक जारी रहेंगी जो हरियाणा और पंजाब के साथ-साथ पाकिस्तान के मध्य भागों से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की ओर धुएँ के कण लाएँगी। अगले 48 घंटों में प्रदूषण बढ़ने की संभावना है।

लेकिन 14-15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में हवा का रुख बदलेगा क्योंकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से पूर्वी हवाएँ अपना असर दिखाएंगी। ये तेज हवाएं धान की पराली से आ रहा धुआँ रोक सकती हैं। इसलिए 14 से 17 अक्टूबर के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से कुछ राहत मिलेगी।

Image credit: The Week

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