Skymet weather

[Hindi] एमडी (जतिन सिंह) ब्लॉग- बंगाल की खाड़ी से आएंगे दो मॉनसून सिस्टम, आंध्र प्रदेश से गुजरात तक भारी बारिश का अनुमान, मॉनसून की वापसी में होगी देरी

September 14, 2020 4:20 PM |

सितंबर महीने में देश में अब तक मॉनसून का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। 1 सितंबर से लेकर 14 सितंबर तक औसत वर्षा में 30% की कमी रही। हालांकि आने वाले समय में स्थितियां बदलेंगी और बारिश बढ़ेगी क्योंकि बंगाल की खाड़ी पर एक के बाद एक दो मॉनसून सिस्टम बनने वाले हैं। इसके चलते न सिर्फ अब तक की कमी की भरपाई होगी बल्कि मॉनसून की वापसी में भी कुछ समय की देरी होने की संभावना है।

वर्ष 2020-21 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद -23.9% रहा, जो पिछले चार दशकों का सबसे कम है। यह एक चिंताजनक स्थिति है। इसमें कोई संदेह नहीं कि ऐसा कोरोना महामारी के संकट के कारण हुआ है, लेकिन दुनिया में कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित अन्य विकसित देशों की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था पर सबसे ज्यादा चोट पहुंची है। कोरोना वायरस के मामले भारत में अब और तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं और फिलहाल इसमें जल्द कमी आने की संभावना भी दिखाई नहीं दे रही है।

पूर्ण अनलॉक के बाद अर्थव्यवस्था को लेकर उम्मीद की किरण अब इसलिए दिखाई दे रही है क्योंकि सरकारी तंत्र कमर कस चुका है। साथ ही कृषि की तरफ से अच्छे संकेत हैं। सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट के बीच कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जिसकी विकास दर 2020-21 की पहली तिमाही में 3.4% रही है। जबकि इससे पहले वित्तीय वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में अच्छे मॉनसून के बावजूद कृषि की विकास दर 3% थी। इस साल कृषि की विकास दर को इस स्तर पर ले जाने का श्रेय रबी फसलों के उत्पादन को दिया जा सकता है जिसने कोविड-19 लॉक डाउन के बीच न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को संबल दिया बल्कि किसानों का भी सहारा बना।

अनाज खरीद के सरकार के सख़्त नियमों के चलते अप्रैल और जून के बीच अनाजों की कीमतों में स्थिरता बनी रही। पहली तिमाही में कृषि क्षेत्र की विकास दर को आगे भी (दूसरी तिमाही में) बनाए रखना एक चुनौती है। अब खरीफ फसलों की आवक मंडियों में शुरू हो गई है। दूसरी तिमाही में कृषि की विकास दर के आंकड़े आगामी एक महीने में सरकार जारी कर सकती है। लगातार दूसरे वर्ष अच्छे मॉनसून के चलते तीसरी तिमाही में भी कृषि की अच्छी विकास दर की उम्मीद की जा सकती है।

इस सप्ताह ओडिशा से लेकर गुजरात तक मॉनसून सक्रिय रहेगा जिससे सप्ताह भर की अवधि में औसत से अधिक बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते कुछ इलाकों पर बाढ़ का खतरा भी अपेक्षित है।

उत्तर भारत

पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मॉनसून इस सप्ताह भी कमजोर रहेगा। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होगी, खासकर सप्ताह के दूसरे भाग में। उत्तर भारत में लगातार दक्षिण-पूर्वी आर्द्र मॉनसूनी हवाएँ चलती रहेंगी जिससे राजस्थान से मॉनसून की वापसी शुरू होने में विलंब होगा।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी भारत के भागों में इस सप्ताह हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। यह गतिविधियां बिहार और उत्तरी बंगाल के पूर्वी हिस्सों में ज़्यादा होंगी। पूर्वोत्तर भारत के भागों में सप्ताह के शुरुआती दिनों में मॉनसून की व्यापक सक्रियता के चलते अच्छी बारिश की संभावना है। इसमें भी सिक्किम, असम के निचले भागों, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में ही मॉनसून की हलचल ज़्यादा होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में सामान्य मॉनसून वर्षा के आसार हैं।

मध्य भाग

निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी से निकल कर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और गुजरात को व्यापक बारिश देने जा रहा है। इसके अलावा, एक अन्य मौसमी सिस्टम 17 सितंबर को म्यांमार से बंगाल की खाड़ी में प्रवेश कर सकता है। यह सिस्टम भी देश के मध्य भागों का ही रुख करेगा। वर्तमान निम्न दबाव की तुलना में यह सिस्टम ज़्यादा प्रभावी हो सकता है। इसके चलते ओडिशा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।

दक्षिण प्रायद्वीप

सप्ताह के पहले भाग में दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश की उम्मीद है। सप्ताह के दूसरे हिस्से में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा होने की संभावना है। तटीय कर्नाटक, उत्तरी कर्नाटक और केरल में 19 और 20 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। इस सप्ताह के दौरान तमिलनाडु सबसे कम प्रभावित राज्य होगा।

दिल्ली-एनसीआर

सप्ताह के पहले भाग में अधिकांश समय बारिश नहीं होगी जिससे दिन का तापमान बढ़ते हुए सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा। 17 और 20 सितंबर के बीच दिल्ली-एनसीआर में बिखरे हुए बारिश की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी हवाएँ अगले दो सप्ताह तक उत्तर भारत में चलती रहेंगी जिससे दिल्ली से मॉनसून की वापसी में लगभग दो सप्ताह की देरी होने के आसार हैं।

चेन्नई

दक्षिण भारत के प्रमुख महानगरों में एक चेन्नई में मौसम गर्म और आर्द्र बना रहेगा। आसमान में बादल छाए रहेंगे। शाम और रात के समय हल्की से मध्यम वर्षा होने की उम्मीद है। दिन और रात का तापमान क्रमशः 35 और 25 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।

Image credit: The Hindu

कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।







For accurate weather forecast and updates, download Skymet Weather (Android App | iOS App) App.

Weather Forecast

Other Latest Stories






latest news

Skymet weather

Download the Skymet App

Our app is available for download so give it a try

×