Skymet weather

[Hindi] राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज और धूलभरी आंधी के साथ बारिश की संभावना

April 6, 2019 11:08 AM |

स्काईमेट द्वारा किये गए पूर्वानुमान के मुताबिक, राजस्थान के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान प्री-मॉनसून गतिविधियाँ देखी गईं। राजस्थान के पश्चिमी भागों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रीय है। इस सिस्टम के प्रभाव से एक ट्रफ मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों तक फैली हुई है।

इस मौसम प्रणाली की वजह से पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के उत्तरी भागों में अच्छी बारिश देखी गयी। इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों पर धूल भरी आंधी का भी प्रकोप बना हुआ था।

स्काईमेट का अनुमान है कि, ट्रफ रेखा बने रहने के कारण 6 अप्रैल यानी आज भी गरज के साथ छिटपुट बारिश की गतिविधियां बने रहने की संभावना है। जबकि, एक-दो स्थानों पर धूल भरी का असर भी देखा जा सकता है। राजस्थान के इलाके जैसे श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर, अलवर, भरतपुर, जयपुर, दौसा और सवाई माधोपुर जैसी जगहों पर धूल भरी आंधी के साथ गरज और बारिश की उम्मीद है।

चूंकि, यह प्री-मॉनसून गतिविधियाँ हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश की गतिविधियां दोपहर या शाम तक दिखने की उम्मीद है। इन मौसम प्रणाली के बने रहने के कारण राजस्थान के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति से मामूली राहत मिल सकती है। हालांकि, राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी जिलों में लू जैसी स्थिति बरक़रार रहने की संभावना है।

Also Read In English : Jaipur, Alwar, Bikaner to continue witness rain, thundershower activities, dust storm at few places

पूर्वानुमान के अनुसार, इन राज्यों में गरज के साथ बारिश की यह गतिविधियाँ 24 घंटे के बाद कम हो जाएंगी। जिसके बाद तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि दिखने के आसार हैं। तापमान में बढ़ोतरी होने के कारण अगले दो-तीन दिनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में लू का प्रकोप फिर से देखा जा सकता है।

Image Credit : Scroll.in

कृपया ध्यान दें : स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.comअवश्य लिखें ।







For accurate weather forecast and updates, download Skymet Weather (Android App | iOS App) App.

Weather Forecast

Other Latest Stories






latest news

Skymet weather

Download the Skymet App

Our app is available for download so give it a try

×