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[Hindi] छठ पूजा 2017: गोरखपुर, बलिया, पटना, गया, भागलपुर में शुष्क और सुहावना मौसम

[Hindi] छठ पूजा 2017: गोरखपुर, बलिया, पटना, गया, भागलपुर में शुष्क और सुहावना मौसम

06:00 PM

Happy-Chhath-Pujaछठ पूजा की धूम समूचे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस समय देखते ही बनती है। नदी के घाटों, जलाशयों, नहरों के किनारों पर पूजा की तैयारियां बीते कई दिनों से चल रही हैं। छठ का व्रत रखने वाली महिलाएं पूरे नियम और संयम के साथ भक्ति और आस्था में डूबी हुई हैं। इस बीच मौसम भी सुहावना हो गया है। उत्तर प्रदेश के बिहार से सटे पूर्वी क्षेत्रों और समूचे बिहार में छठ पर्व पर मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क बना रहेगा।

दोनों राज्यों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलना शुरू हो गई हैं। बिहार में भागलपुर, छपरा, सुपौल, मोतिहारी, मधुबनी, सहरसा, सासाराम, पटना, गया और सीतामढ़ी सहित उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली में शुष्क और शीतल उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलती रहेंगी। इन सभी भागों में सुबह के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट भी होगी जिससे गुनगुनी सर्दी का अनुभव कर सकते हैं।

हालांकि तापमान में क्रमशः गिरावट के बाद भी 26 अक्टूबर को छठ के मुख्य पर्व के दिन भी मौसम इतना ठंडा नहीं होगा कि पानी में खड़े होकर सूर्य देवता को अर्ध्य देने में कोई कठिनाई हो। आपको यह भी बता दें कि जब गंगा के मैदानी भागों में उत्तर पश्चिमी हवाएं चलती है तब वातावरण काफी साफ हो जाता है, चमकती धूप दिखाई देती है। शीतल प्रकृति की इन हवाओं के चलते दिन में धूप के बावजूद मौसम सुहावना हो जाता है।

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बिहार और इससे सटे उत्तर प्रदेश में छठ सबसे बड़े पर्व के रूप में मनाया जाता है, जिसमें माताएं सूर्य देवता की पूजा करती हैं और अपने पुत्र के लिए दीर्घायु की कामना करती है। छठ पर्व के उत्सव में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली और मुंबई सहित समूचे देश के अलग-अलग हिस्सों से बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग अपने घरों को पहुंच चुके हैं।

मौसम के संदर्भ में छठ पर्व को देखें तो इस वर्ष का यह पर्व साफ, शुष्क और सुहावने मौसम के बीच मनाया जाएगा। पिछले वर्ष छठ पर्व पर मौसम अपेक्षाकृत ठंडा था। सुबह के समय कोहरा और कुहासा भी छाने लगा था। इस बार स्थितियां अलग हैं। कह सकते हैं कि छठ पर्व का उत्सव मनाने के लिए यह मौसम पूरी तरह अनुकूल है।

लेकिन पर्व के समापन के बाद छठ घाटों पर फैली गंदगी से जहां उत्सव की पवित्रता कम होती है वहीं स्वच्छता और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। स्काइमेट की छठ व्रतधारियों और उत्सव में शामिल होने वालों से अपील है कि स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण के लिए कोई विषम स्थिति पैदा करने से बचें।

Image credit: India.com

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