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[Hindi] चक्रवात तितली कमजोर होकर पहुंचेगा बंगाल; बंगाल सहित असम और त्रिपुरा में होगी अच्छी बारिश

[Hindi] चक्रवात तितली कमजोर होकर पहुंचेगा बंगाल; बंगाल सहित असम और त्रिपुरा में होगी अच्छी बारिश

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Updated on Oct 12, 2018, 7:00 PM: चक्रवात तितली कमजोर होकर पहुंचेगा बंगाल; बंगाल सहित असम और त्रिपुरा में होगी अच्छी बारिश

चक्रवाती तूफान तितली शुक्रवार को कमजोर हो गया। शाम के समय यह डिप्रेशन के रूप में ओड़ीशा के उत्तरी भागों पर पहुँच गया था। जिसके चलते ओड़ीशा में बारिश की गतिविधियों में कमी आ गई है। यह कल तक पश्चिम बंगाल के और करीब पहुँच जाएगा और क्रमशः कमजोर होता रहेगा।

इसकी दिशा बदलकर उत्तर-पूर्वी होने के कारण और ज़मीनी भागों पर होने के कारण इसके और अधिक प्रभावी होने या अधिक इलाकों को प्रभावित करने की आशंका कम है। अब अनुमान है कि धीरे-धीरे ओड़ीशा पर बारिश कम होती जाएगी और पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भागों तथा मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में बारिश बढ़ जाएगी। बांग्लादेश में भी बारिश तेज़ होने की संभावना है। इन भागों में कई जगहों पर भारी बारिश का भी अनुमान है।

इसके आगे बढ़ने से ओड़ीशा में बारिश में कमी आ जाएगी। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा बनी रह सकती है। दूसरी ओर झारखंड के दक्षिण-पूर्वी शहरों में अगले 24 घंटों तक मध्यम वर्षा के आसार हैं। जबकि राज्य के शेष भागों, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की वर्षा या बूँदाबाँदी गिरने की संभावना है। 24 घंटों के बाद इन भागों में मौसम साफ हो जाएगा।

Updated on Oct 12, 2018, 11:00 AM: चक्रवात कभी भी बनेगा डिप्रेशन; जल्द पहुंचेगा पश्चिम बंगाल

भीषण चक्रवात तितली बीती रात कुछ कमजोर हुआ और उत्तर-पूर्वी दिशा में बढ़ रहा है। ज़मीनी भागों पर इसके पहुँचने के कारण इसकी क्षमता लगातार कम होती जा रही है। जल्द ही यह डीप डिप्रेशन बन सकता है। स्काइमेट के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ एवीएम जीपी शर्मा के अनुसार शुक्रवार की दोपहर तक यह और कमजोर होकर डिप्रेशन बन जाएगा।

जैसा पहले से अनुमान लगाया गया था चक्रवात तितली उत्तर-पूर्वी दिशा में आगे निकल रहा है। यह सिस्टम ओड़ीशा को तेज़ी से पार कर रहा है और तितलागढ़ से 50 किलोमीटर पूर्व में है। तूफान जिन भागों से गुज़र रहा है वहाँ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुँच रही है।

पश्चिम बंगाल के और करीब आ गया है जिससे पश्चिम बंगाल में के कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। अगले 24 से 48 घंटों में पश्चिम बंगाल में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

Updated on Oct 11, 2018, 06:30 PM: चक्रवात तितली भीषण चक्रवात से कमजोर हुआ; ओड़ीशा पार कर पहुंचेगा पश्चिम बंगाल

भीषण चक्रवात तितली ओड़ीशा के अधिकांश भागों में भीषण तूफानी हवाओं के साथ बारिश दे रहा है। समुद्री तूफान ने 11 अक्तूबर को ओड़ीशा के गोपालपुर के पास से दस्तक दी। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अभी भी 100 किलोमीटर से ऊपर की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। तूफान इस समय लगभग 14 किलोमीटर प्रतिघण्टे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ रहा है।

आज रात में इसकी दिशा बदलकर फिर से दिशा बदलकर उत्तर-पूर्वी दिशा में पश्चिम बंगाल की ओर जाएगा। स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शुक्रवार की सुबह के आसपास यह पश्चिम बंगाल पर पहुँच जाएगा। हालांकि तब तक और कमजोर होकर डिप्रेशन बन जाएगा।

इसके आगे बढ़ने के चलते ओड़ीशा पर ख़तरा ख़त्म हो जाएगा और पश्चिम बंगाल पर बारिश तेज़ हो जाएगी। हालांकि दोनों राज्यों में फिलहाल मध्यम से भारी बारिश की ही संभावना है। इसके अलावा झारखंड और बिहार में भी अगले 24 घंटों तक चक्रवात तितली का असर दिखाई देगा और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिल सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी हल्की बारिश कहीं-कहीं होने के आसार हैं।

Published on October 10, 2018: बंगाल की खाड़ी में चक्रवात तितली भीषण चक्रवात बन गया है; 11 अक्टूबर को ओड़ीशा में लैंडफॉल

बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ चक्रवाती तूफान बुधवार की दोपहर तक अति भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है। यह तेज़ी से ओड़ीशा की तरफ़ आ रहा है। आशंका अगले 24 घंटों के भीतर ओड़ीशा के तटों को पार करने की है। स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के आंकलन के अनुसार इस बात की पूरी संभावना है कि अगले 12 घंटों में इसकी क्षमता कैटेग्री वन के हरीकेन या टाइफ़ून के बराबर होगी। पश्चिमी प्रशांत महासागर में उठने वाले तूफान को टाइफ़ून और उत्तरी अटलांटिक में बनने वाले समुद्री तूफानों को हरीकेन कहा जाता है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में बंगाल की खाड़ी इस समय बादलों से ढँक गई है।

सभी मौसमी परिदृश्य इस बात के स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि तूफान तितली अत्यंत भीषण चक्रवात का रूप ले लेगा। बंगाल की खाड़ी के मध्य पश्चिम में यह और गहराता हुआ दिखाई दे रहा है। इस समय इसकी रफ्तार तकरीबन 13-14 किलोमीटर प्रतिघण्टे की है। कम गति के कारण इसके और भीषण रूप अख़्तियार करने की पूरी संभावना है। बुधवार की सुबह यह कलिंगपट्टनम से लगभग 270 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में और गोपालपुर से 320 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में था। स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार चक्रवात तितली की आँख (आई) सैटेलाइट तस्वीरों में देखी जा सकती है।

अभी जो इसकी गति है अगर आगे भी यह बनी रहती है तो आज देर रात या कल सुबह तक आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम और ओड़ीशा के गोपालपुर से पास से भारत में आएगा। उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओड़ीशा के पास से लैंडफाल करने के बाद यह फिर से अपनी दिशा बदलकर उत्तर और उत्तर-पूर्व में ओड़ीशा होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल की तरफ़ जाएगा। इसके चलते विशाखापत्तनम और गोपालपुर सहित उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश तथा ओड़ीशा के तटीय शहरों में मध्यम से भारी बारिश शुरू हो गई है। धीरे-धीरे बारिश की गतिविधियां और तेज़ होने की उम्मीद है।

इन भागों में आज रात से भीषण बारिश होगी और 100 किलोमीटर प्रतिघण्टे की गति से हवाएँ भी चलेंगी। जिस समय चक्रवात तितली का लैंडफॉल होगा उस समय हवा की रफ्तार तकरीबन 140 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुँच जाएगी, जो कभी-कभी 160 किलोमीटर से भी ऊपर पहुँच सकती है। इसके चलते तटीय ओड़ीशा कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, झोपड़े उड़ सकते हैं, बिजली आपूर्ति ठप हो जाएगी, रेल, सड़क और हवाई यातायात भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हो सकता है। माना जा रहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान ओड़ीशा के तटीय शहरों में बाढ़ भी बड़ी चुनौती बनेगी। पूर्वी तटों के पास समुद्र में हलचल काफी अधिक है।

अगले 2-3 दिनों तक बंगाल की खाड़ी के प्रभावित क्षेत्रों में समुद्री गतिविधियां बंद रखने की सलाह दी गई है। हालांकि अगले 24 घंटों में लैंडफॉल के बाद इसकी क्षमता में कमी आनी शुरू हो जाएगी लेकिन अब से लेकर 13-14 अक्टूबर तक ओड़ीशा और पश्चिम बंगाल के अधिकांश शहरों में तूफानी हवाओं के साथ भीषण बारिश देखने को मिलेगी।

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