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[Hindi] दिल्ली में मॉनसून के बाद कितना बदल जाता है मौसम

November 7, 2020 8:00 AM |

दिल्ली में आमतौर पर मॉनसून की विदाई के बाद बारिश की गतिविधियां काफी कम हो जाती हैं। दिल्ली में एक वर्ष की अवधि में औसतन 693 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की जाती है। सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना है अगस्त। अगस्त में 246 मिलीमीटर वर्षा औसतन रिकॉर्ड की जाती है। दूसरे नंबर पर है जुलाई जब 205 मिलीमीटर के आसपास बारिश दर्ज होती है। मॉनसून का आखरी महीना होता है सितंबर, जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में औसतन 112 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की जाती है। 

मॉनसून की वापसी के बाद अक्टूबर महीने में 26 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जाती जाती है। उसके बाद जब बारी नवंबर की आती है तब बारिश औसतन बहुत कम हो जाती है। दिल्ली में नवंबर में सामान्य वर्षा का आंकड़ा महज 3 मिमी है। लेकिन दिल्ली में इस साल मॉनसून सीजन से ही बारिश बहुत कम हो रही है। अगस्त को छोड़कर मॉनसून सीजन के बाकी तीनों महीनों में दिल्ली में बारिश में कमी रही है।

दिल्ली में मॉनसून सीजन में जून से सितंबर के बीच चार महीनों की अवधि में औसतन 605 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जाती है। लेकिन साल 2020 के मॉनसून सीजन में औसत से 37% कम महज़ 455 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। मॉनसून की विदाई और मॉनसून सीजन खत्म होने के बाद से मौसम शुष्क बना हुआ है। 1 अक्टूबर से लेकर 6 नवंबर तक जहां दिल्ली में औसतन 12 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की जानी थी वहां बारिश 0 मिलीमीटर हुई है यानी कि 100% की कमी रही है। 

इन स्थितियों के बीच आने वाले दिनों में भी कोई बदलाव संभावित नहीं है, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास कोई सक्रिय मौसमी सिस्टम विकसित होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। सर्दियों के मौसम में अक्टूबर से फरवरी के बीच मौसम के संदर्भ में दिल्ली बीते कई वर्षों से प्रदूषण को लेकर सुर्खियां बटोरती रही है। इस बार सोने पे सुहागा बन रहा है शुष्क मौसम, क्योंकि अक्टूबर में होने वाली बारिश से दिल्ली में प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिलती है जो कि नदारद है।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान समय में पूर्वी और मध्य प्रशांत महासागर में ला नीना के बढ़ते प्रभाव के कारण भारत की सर्दियां और उत्तर पूर्वी मॉनसून प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में आशंका है कि दिल्ली में नवंबर महीने में होने वाली औसत वर्षा का आंकड़ा भी प्राप्त हो पाएगा या नहीं इसमें संदेह है। हालांकि बारिश भले नहीं हो रही है लेकिन तापमान में गिरावट लगातार जारी है। यही क्रम आगे भी जारी रहेगा जिसके चलते इस बात की आशंका है कि दिल्ली के लोगों को बरसों बाद जबरदस्त सर्दी का सामना साल 2020 में करना पड़ सकता है।

Image credit: The Lalit

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