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[Hindi] अल नीनो के उभार की संभावना प्रबल; कम पड़ेगी सर्दी

[Hindi] अल नीनो के उभार की संभावना प्रबल; कम पड़ेगी सर्दी

07:46 PM

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अल नीनो के अस्तित्व में आने के लिए मौसमी परिदृश्य धीरे-धीरे अनुकूल होता जा रहा है। प्रशांत महासागर लगातार गर्म बना हुआ है और भूमध्य सागर सागर के भी सभी भागों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है।

पिछले दो हफ्तों से लगातार समुद्र की सतह का तापमान जीरो डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। खासकर नीनो 3.4 रीजन में तापमान में वृद्धि हुई है, जो अल नीनो की घोषणा के लिए महत्वपूर्ण मापदंड माना जाता है। नीचे दिए गए टेबल में हाल के दिनों में नीनो इंडेक्स में दर्ज किए गए तापमान आप देख सकते हैं।

El nino Index

स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया भर के मौसम से जुड़े मॉडल 2018-19 की सर्दियों में अल-नीनो के उभार की 80% संभाव्यता जता रहे हैं और 2019 के बसंत ऋतु में इसके उभरने की संभाव्यता 50 से 60% है। उसके बाद संकेत यह मिल रहे हैं कि अल नीनो उतार पर होगा और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2019 से पहले या उस दौरान यह कमजोर हो हो जाएगा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब अल नीनो कमजोर हो रहा होता है तब दुनिया भर के मौसम के लिए स्थिति अच्छी होती है, बनिस्पत जब यह उभर पर होता है। लेकिन यह मौसमी स्थितियों प्रभावित नहीं करेगा इसकी संभावना को पूरी तरह से खारिज भी नहीं किया जा सकता।

आगामी मॉनसून में अभी लगभग 6 महीनों से अधिक का वक्त है, इसलिए अल नीनो के 2019 के मॉनसून पर प्रभाव के बारे में कुछ भी स्पष्ट कह पाना मुश्किल है। इसके लिए अल नीनो की स्थितियों पर नजदीक नजर रखनी होगी। जैसा कि स्काइमेट ने इससे पहले भी स्पष्ट किया है कि अल नीनो का कोई नियम कहीं भी दर्ज नहीं है और यह हर बार अलग अलग तरह से दुनिया के मौसम को प्रभावित करता है। इसका हालिया उदाहरण 2018 का कमजोर उत्तर-पूर्वी मॉनसून है।

आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि अल नीनो जब भी उभर पर होता है तब उत्तर-पूर्वी मॉनसून का प्रदर्शन सामान्य से बेहतर होता है, जबकि 2018 में उत्तर-पूर्वी मॉनसून का प्रदर्शन अब तक काफी कमजोर रहा है। जिससे दक्षिण भारत के जिन राज्यों में उत्तर पूर्वी मॉनसून से बारिश होती है वहां बारिश में कमी का अंतर काफी बढ़ गया है।

लेकिन प्रायः यह भी देखने को मिला है कि अल नीनो की उपस्थिति में सर्दियां प्रभावित होती हैं। इस समय अल नीनो उभार पर है और इसको भी गर्म सर्दी यानी अब तक उम्मीद से कम सर्दी पड़ने के कारण के तौर पर देखा जा रहा है। वर्ष 2018 की सर्दी में देश के कई इलाकों में तापमान सामान्य से अभी भी ऊपर चल रहे हैं जिससे सर्दी दूर है।

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कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

 

 

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