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[Hindi] गुजरात के लिए अच्छी ख़बर; लंबे इंतज़ार के बाद राज्य में मॉनसून के आगमन की संभावना

[Hindi] गुजरात के लिए अच्छी ख़बर; लंबे इंतज़ार के बाद राज्य में मॉनसून के आगमन की संभावना

03:01 PM

 Monsoon rains in Gujarat

मॉनसून के प्रदर्शन के संदर्भ में गुजरात देश के उन भागों में से है जहां अनिश्चितता सबसे अधिक रहती है। राज्य में आमतौर पर 15 जून को मॉनसून का आगमन होता है और सीज़न के आखिर तक मॉनसून वर्षा जारी रहती है। कभी-कभी 10 से 15 अक्तूबर तक मॉनसून गुजरात से वापस नहीं लौटता।

गुजरात में देश के अन्य भागों के मुक़ाबले मॉनसून के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिलता है। गुजरात में कहीं बहुत अधिक तो कहीं काफी कम वर्षा देखने को मिलती है। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में चार महीनों के मॉनसून सीज़न में 477.5 मिलीमीटर वर्षा होती है जबकि गुजरात क्षेत्र में 914.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है।

हालांकि चार महीनों में गुजरात में जुलाई और अगस्त ही सबसे अधिक वर्षा वाले महीने हैं। इन दो महीनों में गुजरात राज्य में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की जाती है। गुजरात में पूरे सीज़न की 31 प्रतिशत वर्षा अगस्त में होती है। इसी तरह कच्छ में भी अगस्त में 26 फीसदी बारिश होती है। मॉनसून सीज़न के आखिरी महीने सितंबर में गुजरात में 18 प्रतिशत और कच्छ में 16 फीसदी वर्षा दर्ज की जाती है।

इस मॉनसून सीज़न में अब तक गुजरात में बारिश ना के बराबर हुई है। यह राज्य के लिए सामान्य बात नहीं है क्योंकि जून पूरी तरह से सूखा नहीं जाता है। 1 जून से अब तक सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में सामान्य से 96 प्रतिशत कम और गुजरात क्षेत्र में सामान्य से 89 फीसदी कम बारिश हुई है।

बीते वर्षों में गुजरात में मॉनसून का प्रदर्शन नीचे दिए टेबल में देख सकते हैं:

Monsoon rains in Gujarat in past 6 years

इस टेबल में देख सकते हैं कि दोनों क्षेत्रों में मॉनसून वर्षा का रुझान एक जैसा नहीं रहा है। यानि कभी सौराष्ट्र और कच्छ में सामान्य से अधिक बारिश हुई तो किसी वर्ष गुजरात क्षेत्र में मूसलाधार वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह दोनों क्षेत्रों में बारिश में कमी भी अनिश्चित रही है। राज्य पर मॉनसून के आने और इसके प्रदर्शन के बीच भी कोई सीधा संबंध नहीं है।

जहां तक वर्ष 2018 के मॉनसून की बात है, शुरुआती रुझानों के आधार पर अनुमान था कि मॉनसून अपने निर्धारित से पहले गुजरात में दस्तक देगा। लेकिन बीते 10 दिनों से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में कोई प्रभावी मौसमी सिस्टम विकसित नहीं हुए जिसके चलते मॉनसून अपनी जगह पर ही ठहर गया।

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गुजरात के अधिकांश हिस्सों में आमतौर पर 15 जून तक मॉनसून का आगमन हो जाता है। इस बार 09 जून को मुंबई के आगे ठाणे तक पहुँचने के बाद मॉनसून सुस्त हो गया है। बीते 12 दिनों में मॉनसून की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

इस बीच अब संभावना बनी है कि जल्द ही मॉनसून आगे बढ़ेगा और गुजरात में बारिश का लंबा इंतज़ार खत्म होगा। अनुमान है कि 24 जून को बंगाल की खाड़ी में एक मॉनसून सिस्टम विकसित हो सकता है जिसके चलते जून के आखिर तक गुजरात में मॉनसून दस्तक दे देगा।

Image credit: VishwaGujarat

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