Skymet weather

[Hindi] गुजरात में फरवरी में असामान्य सर्दी ने चौंकाया; अब बढ़ेगा पारा और सर्दी से मिलेगी राहत

February 11, 2020 5:24 PM |

गुजरात में पिछले कई दिनों से सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उत्तर भारत के पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाएँ अपना असर दिखा रही थीं जिससे तापमान सामान्य से नीचे चल रहा था। कुछ इलाकों में पारा 10 डिग्री से भी नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा था।

ठंडी उत्तरी हवाएँ उत्तर भारत के पहाड़ों से चलकर मध्य भारत में गुजरात और महाराष्ट्र तक पहुँच रही थीं। पिछले हफ्ते उत्तर भारत के पहाड़ों पर भारी बर्फबारी नहीं हुई इसीलिए लगातार ठंडी हवाएँ चलती रहीं और तापमान में वृद्धि नहीं हो सकी। हालांकि कई बार तापमान में मामूली वृद्धि दर्ज की गई तो अधिकांश समय पारा सामान्य से नीचे बना रहा।

स्काइमेट के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 24 घंटों के दौरान राज्य में हवाओं का असर कम हुआ है जिससे न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि हुई है और ठंड से लोगों को राहत मिली है।

English Version: Temperatures to play see saw in Gujarat for next few days 

इस समय उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ पहुंचा है जिसके कारण उत्तर-पश्चिमी हवाएँ जहां कमजोर होंगी वहीं ओडिशा पर बने विपरीत चक्रवाती क्षेत्र के कारण बंगाल की खाड़ी से दक्षिण-पूर्वी आर्द्र हवाएँ पहुँचेंगी जिससे गुजरात के शहरों में तापमान बढ़ेगा। अगले दो-तीन दिनों के दौरान हवाओं का रुख इसी तरह रहेगा और तापमान में वृद्धि का क्रम जारी रहेगा।

14 फरवरी तक पश्चिमी विक्षोभ कश्मीर और लद्दाख से दूर चला जाएगा जिससे उत्तर दिशा से ठंडी हवाओं का प्रवाह फिर से बढ़ जाएगा। यह हवाएँ बर्फ से हिमालय से आएंगी और गुजरात तक पहुँचेंगी जिससे 14-15 फरवरी से दोबारा दिन और रात के तापमान में कमी देखने को मिलेगी। हालांकि तापमान में उतनी गिरावट नहीं होगी, जितनी फरवरी के शुरुआती दिनों में देखी गई थी।

Image credit: The Weather Channel

कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

देश भर के मौसम का हाल जानने के लिए देखें वीडियो







For accurate weather forecast and updates, download Skymet Weather (Android App | iOS App) App.

Weather Forecast

Other Latest Stories






latest news

Skymet weather

Download the Skymet App

Our app is available for download so give it a try

×