[Hindi] हरियाणा के लिए अगले एक सप्ताह (21 से 27 अगस्त, 2019) का मौसम पूर्वानुमान रिपोर्ट और किसानों के लिए जरुरी सलाह

August 21, 2019 3:49 PM |

हरियाणा में पिछले हफ्ते अच्छी बारिश हुई है। साथ ही, उत्तराखंड में हुई भारी बारिश का असर भी हरियाणा में दिखा जब यमुना नदी के जल स्तर में वृद्धि हुई।

हालांकि, हरियाणा में हुई अब तक की मॉनसून वर्षा के आंकड़े देखें तो राज्य अभी भी सामान्य वर्षा से 26 प्रतिशत पीछे है। आंकड़े बताते हैं कि, 1 जून से 20 अगस्त तक हरियाणा में 308 मिमी की जगह मात्र 227 मिलिमीटर बारिश हुई है।

राज्य के रोहतक, पंचकुला, फ़तेहाबाद, पानीपत, झज्जर, कैथल, सोनीपत, महेन्द्रगढ़ ऐसे ज़िले हैं जहां बारिश में कमी 40 से 60 प्रतिशत की रही है।
अधिक बारिश मात्र करनाल और सिरसा में हुई है। आंकड़ों पर नज़र डालें तो सिरसा में सामान्य से 14 प्रतिशत और करनाल में 5 प्रतिशत अधिक वर्षा इस साल मॉनसून सीजन में हुई है।

अब, यानि 21 से 24 अगस्त के बीच ज़्यादातर समय और अधिकांश स्थानों पर समूचे राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान हरियाणा में उत्तर-पश्चिमी हवाएँ चलेंगी और ज़्यादातर शहरों में तापमान 33 से 38 डिग्री के बीच रहेगा।

हालांकि 25 अगस्त से हवाओं का रुख बदलकर फिर से पूर्वी हो जाएगा। जिसके कारण 25 से 27 अगस्त के बीच राज्य के पूर्वी और दक्षिणी भागों में बारिश के लिए मौसम अनुकूल हो जाएगा।

वहीं, 26 और 27 अगस्त को सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला, फ़रीदाबाद, पलवल, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, भिवानी, हिसार, सिरसा और आसपास के जिलों में कुछ बारिश देखने को मिल सकती है।

इस मौसम में होने वाले खेती के लिए सलाह

शुष्क मौसम को ध्यान में रखते हुए किसान उर्वरकों व दवाओं का छिड़काव कर सकते हैं। पिछले दिनों हुई बारिश और 25 से फिर से बारिश की संभावना को देखते हुए माना जा रहा है कि गन्ने के खेतों में नमी अधिक रहेगी जिसके कारण गन्ने में पाइरिल्ला का प्रकोप हो सकता है।

इसलिए फसल की नियमित निगरानी करते रहें। प्रकोप होने पर फेनीट्रोथियान 50 ई.सी. या मैलाथियान 50 ई.सी. को 600 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिड़कें।

इसके अलावा, धान की फसल में उचित नमी बनाए रखें व खर-पतवारों को नष्ट करें। बरसाती टमाटर की रोपाई करने के लिए यह उचित समय है। मक्के की फसल में पानी का जमाव न होने दें।

धान की बौनी बासमती किस्मों में प्रति एकड़ 80 किलोग्राम यूरिया, तीन बार में डालनी चाहिए। दूसरी 3 सप्ताह बाद व तीसरी 6 सप्ताह बाद डालें। लंबी किस्म वाली बासमती में 50 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ दो बार में डालें पहली खुराक 3 सप्ताह बाद व दूसरी 6 सप्ताह बाद दें।

Image Credit: Deseret News

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