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[Hindi] ला नीना का अध्याय ख़त्म; ईएनएसओ की तटस्थ स्थिति शुरू

[Hindi] ला नीना का अध्याय ख़त्म; ईएनएसओ की तटस्थ स्थिति शुरू

04:00 PM

AL Nino and Monsoon 2018

Updated: 18 मई, 2018 12:55 PM (IST): ला नीना का अध्याय ख़त्म; ईएनएसओ की तटस्थ स्थिति शुरू

आख़िरकार ला नीना की स्थिति अब समाप्त हो गई है और ईएनएसओ न्यूट्रल यानि अल-नीनो सदर्न ओशीलेशन की तटस्थ स्थिति आ गई है। प्रशांत महासागर में भूमध्य रेखा के पास पूर्व और मध्य में समुद्र की सतह का तापमान औसत से नीचे के आसपास पहुँच गया है।

पिछले सप्ताह नीनो संकेतकों विशेषकर नीनो 3.4 इंडेक्स के मुताबिक तापमान में वृद्धि हुई है। नीनो 3.4 इंडेक्स से ही यह तय होता है कि यह अल-नीनो की स्थिति है, ला नीना है या तटस्थ स्थिति है।

ईएनएसओ की तटस्थ स्थिति इस वर्ष सितंबर-नवंबर तक बनी रह सकती है। उसके पश्चात संभावना है कि 2018-19 की सर्दियों में स्थितियाँ बदलेंगी और अल-नीनो उभार पर होगा।

अल-नीनो की तरह ही ला नीना के भी निम्नलिखित तीन चरण होते हैं:

ला-नीना निगरानी: जलवायु परिवर्तन केंद्र (सीपीसी) ला नीना के विकसित होने के लिए अनुकूल स्थितियों के संकेतकों का एक बुलेटिन जारी करता है, जिसमें 6 महीने का निगरानी समय भी शामिल होता है।

ला नीना एड्वाइज़री: यह तब जारी किया जाता है जब ला नीना की स्थिति बन जाती है और इसके जारी रहने की संभावना होती है।

आखिरी ला नीना एड्वाइज़री: यह एड्वाइज़री तब जारी की जाती है जब ला नीना की स्थिति खत्म हो जाती है।

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Updated on May 4, 2018 4:31 PM (IST): मॉनसून के आगमन से पूर्व ईएनएसओ की तटस्थ स्थिति संभावित

पिछले कई सप्ताहों के रुझान बताते हैं कि समूचे प्रशांत महासागर क्षेत्र में कमजोर ला-नीना की स्थिति बनी रही। हालांकि कुछ परिवर्तन दिखा है और समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि के रुझान मिलने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में समुद्र की सतह के तापमान में व्यापक वृद्धि हुई।

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आंकड़ों में अगर देखें तो भारतीय मॉनसून को प्रभावित करने वाले नीनो 3.4 इंडेक्स में 2 डिग्री सेल्सियस का उल्लेखनीय बदलाव आया है। 3 मई को यह ऊपर चढ़ते हुए तटस्थ स्थिति यानि 0°C पर पहुँच गया। आने वाले हफ्तों में इसमें और वृद्धि के आसार हैं।

यह लगातार 5वां सप्ताह है जब प्रशांत महासागर की सतह के तापमान में वृद्धि का रुझान रहा। नीनो इंडेक्स के अंतर्गत दर्ज किए गए तापमान को नीचे दिए टेबल में देख सकते हैं।

ENSO Indexes

स्काइमेट के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ और मौसम विज्ञान विभाग के प्रेसीडेंट एवीएम जीपी शर्मा के मुताबिक इस सूची में आगामी सप्ताहों में वृद्धि का रुख जारी रहेगा। मौसम से जुड़े सभी मॉडल संकेत कर रहे हैं कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगमन से पहले यानि मई में ही अल नीनो सदर्न ओशिलीएशन (ईएनएसओ) तटस्थ स्थिति में आ जाएगा।

इस बात की पूरी संभावना है कि इसकी तटस्थ स्थिति पूरे मॉनसून सीजन में जारी रहेगी। इसलिए कह सकते हैं दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2018 पर इसके नकारात्मक प्रभाव की आशंका फिलहाल नहीं है।

ENSO Forecast

Updated on April 25, 2018 6:41 PM (IST): ‘ला नीनाकी घोषणा, मॉनसून से पहले रहेगा तटस्थ स्थिति में

ओषनिक नीनो इंडेक्स यानि ओएनआई के अंतर्गत तीन-तीन महीनों की अवधि के कई चरणों में समुद्र की सतह का तापमान का अध्ययन किया जाता है नीनो 3.4 इंडेक्स पर आधारित होता है। जब ओएनआई 3 महीनों के पाँच चरणों में लगातार 0.5 डिग्री या उससे कम के स्तर पर बना रहता है तब ला नीना की स्थिति घोषित की जाती है। जनवरी-फरवरी-मार्च के आंकड़ें देखें तो ओएनआई वैल्यू -0.8 डिग्री सेल्सियस रही।

जब से ला नीना की निगरानी शुरू हुई तब से 5 चरणों में दर्ज किए समुद्र सतह के तापमान नीचे टेबल में दिये गए हैं:

ONI

इस बीच पिछले एक सप्ताह में समुद्र की सतह के तापमान में हल्की वृद्धि देखी गई। नीनो 3.4 इंडेक्स, जिसका सीधा संबंध भारतीय मॉनसून से है, में भी इस दौरान 2 डिग्री सेल्सियस की मामूली तब्दीली दिखी है। हालांकि यह अभी भी शून्य से नीचे है लेकिन मामूली वृद्धि के साथ 23 अप्रैल को -0.2 डिग्री पर रहा।

यह लगातार चौथा सप्ताह है जब तापमान में निरंतर वृद्धि का रुझान देखा गया। तापमान में हाल के बदलाव नीचे दी गई नीनो सूची में देख सकते हैं।

SST

मौसम से जुड़े मॉडल संकेत कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में भी तापमान में वृद्धि का रुझान जारी रहेगा। इसके मद्देनज़र हम उम्मीद कर रहे हैं मॉनसून के आगमन से पहले मई तक ला नीना ईएनएसओ तटस्थ स्थिति में आ जाएगा।

माना जा रहा है कि नीनो 3.4 वृद्धि का रुझान जारी रहेगा और 2018 में सर्दियाँ शुरू होने से पहले एल नीनो की स्थिति आ जाएगी।

  Updated on March 20, 2018 5:41 PM (IST): ‘ला नीना’ लगातार कमजोर स्थिति में, मॉनसून 2018 के लिए नहीं है चिंताजनक हालात पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रशांत महासागर के तापमान में मामूली बदलाव देखने को मिले हैं। आंकड़े संकेत करते हैं कि ला नीना की स्थिति लगातार कमजोर बनी हुई है। इस परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए स्काइमेट ने अपनी इस बात को फिर से दोहराया है कि मार्च से मई के बीच ला नीना के धीरे-धीरे तटस्थ स्थिति में आने की उम्मीद की जा सकती है। इसमें महत्वपूर्ण है कि भारतीय मॉनसून को प्रभावित करने वाले नीनो 3.4 इंडेक्स में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जिससे दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2018 पर इसका कोई बुरा असर पड़ने की चिंता पैदा हो। पिछले एक सप्ताह के दौरान नीनो इंडेक्स में रिकॉर्ड किए गए बदलाव नीचे दिए गए टेबल में देख सकते हैं। ENSO Indexes प्रशांत महासागर के पश्चिमी भागों में समुद्र की सतह का तापमान (एसएसटी) लगातार बढ़ रहा है। जबकि पूर्वी और मध्य प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह अभी भी ठंडी है और इसकी सतह का तापमान लगातार सामान्य से नीचे बना हुआ है। Updated on March 14, 2018 1:41 PM (IST): ला नीना निरंतर होगा कमजोर, मॉनसून 2018 के आगाज़ के समय पहुँच सकता है तटस्थ स्थिति में पिछले एक सप्ताह में नीनो 3.4 इंडेक्स में 1 डिग्री सेल्सियस का अंतर देखा गया है। गौरतलब है कि नीनो इंडेक्स का सीधा संबंध भारतीय मॉनसून से है। यानि इसमें उतार-चढ़ाव का असर मॉनसून पर देखा जाता है। यह यूं तो लगातार शून्य से नीचे चल रहा है लेकिन 12 मार्च के आंकड़ें देखें तो पिछले दिनों की तुलना में इसमें मामूली वृद्धि हुई है और यह -0.7 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुँच गया। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब तापमान में बढ़ोत्तरी का रुझान देखने को मिला है। यह कमजोर ला नीना की ओर संकेत करता है। हालांकि नीनो 3 और नीनो 1+2 के तापमान के स्तर में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली है। नीचे दिये गए टेबल में नीनो के सभी स्तरों में उतार-चढ़ाव समझा जा सकता है। ENSO Indexes प्रशांत महासागर की गर्म होती स्थिति के चलते हम उम्मीद कर रहे हैं कि मार्च से मई के बीच ला नीना तटस्थ स्थिति में आ जाएगा। मौसम के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने वाले अधिकांश मॉडल भी इसी संभावना की ओर संकेत कर रहे हैं। ENSO Model Forecast Graph Sources: https://iri.columbia.edu/ इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि ला नीना तटस्थ स्थिति में उस समय आएगा जब भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2018 का आगाज़ हो रहा होगा। Orignially Published on 07 March, 2018: ला नीना उभार पर, मॉनसून 2018 के आगाज़ से पहले इसके कमज़ोर होने की संभावना अल नीनो और ला नीना भारत में मौसम के संदर्भ में व्यापक बहस का मुद्दा हैं, क्योंकि हिंद महासागर क्षेत्र में मॉनसून पर इन दोनों के व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। हालांकि दक्षिण पश्चिम मॉनसून पर दोनों के प्रभाव अलग-अलग होते हैं। अल नीनो अपने उभार के समय में ही भारत में मॉनसून की क्षमता को कम कर देता है वहीं ला नीना सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा के लिए जाना जाता है। अब मॉनसून का सीजन शुरू होने में कुछ ही महीनों का वक्त रह गया है ऐसे में यह आवश्यक है कि हम इन दोनों मौसमी परिदृश्यों पर पैनी नज़र बनाए रखें और इनकी वर्तमान स्थिति का आकलन करें।पिछले चार महीनों के दौरान पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में भूमध्य सागर की सतह का तापमान सामान्य से ऊपर था जबकि प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी भागों में यह औसत से कम था। इस सीजन में ला-नीना की स्थिति पर अपडेट पहले ही जारी किए जा चुके हैं। दुनिया भर के मौसम विशेषज्ञ इसकी स्थिति पर बारीक नजर रखे हुए हैं। ला-नीना या अल-नीनो को घोषित करने के लिए अल नीनो निगरानी जारी होने के बाद 5 निगरानी दौर आने होते हैं। सितंबर से इसकी शुरुआत होती है और मार्च तक 5 चरणों में इसकी निगरानी की जाती है। उदाहरण: चरण 1 - सितंबर- अक्टूबर -नवंबर। चरण 2- अक्टूबर-नवंबर-दिसम्बर। चरण-3 नवंबर-दिसम्बर-जनवरी। चरण -4 दिसम्बर-जनवरी-फरवरी। चरण -5 जनवरी-फरवरी-मार्च। नीचे दिये गए टेबल में आप देख सकते हैं कि 4 चरणों में समुद्र की सतह का औसत तापमान -0.5 डिग्री से नीचे बना हुआ है।

Table 1

चार चरणों के आंकड़े आ गए हैं। जबकि 5वें चरण का आंकड़ा आना अभी बाकी है। तापमान -0.5 डिग्री से कम रहता है तो इस वर्ष को ला नीना वर्ष घोषित कर दिया जाएगा। पिछले 4 रुझान ऐसा ही संकेत कर रहे हैं। मौसम से जुड़े अधिकांश मॉडल संकेत कर रहे हैं कि उत्तरी गोलार्ध में बसंत ऋतु यानि मार्च से मई की अवधि में ला नीना तटस्थ स्थिति में आएगा। तापमान के -0.5°C से 0.5°C तक के स्तर को तटस्थ स्थिति माना जाता है।

ENSO Forecast

इसके अलावा नीनो 3.4 सूची का संबंध भारतीय मॉनसून से है। 3.4 सूची निरंतर शून्य से नीचे की स्थिति में बनी हुई है। आखिर में 5 मार्च को भी इसका स्तर 0.8 पर ही था। नीचे दिए गए टेबल में इसका रुझान आप देख सकते हैं।

Table 2

टेबल के अनुसार पिछले 2 सप्ताह में नीनो 1+2 का रुझान बढ़ता हुआ दिखा है। यह चिंता का विषय नहीं है क्योंकि इसका भारतीय मॉनसून पर कोई विशेष असर स्पष्ट नहीं है। नीनो 3.4 पिछले 1 महीने से सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस नीचे के स्तर पर बना हुआ है। हालांकि मार्च की शुरुआत से नीनो 3.4 में हल्की वृद्धि दिखी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सीजन में ऐसा पहली बार हुआ है जब नीनो 3.4 में बढ़ोतरी का रुझान देखा गया है। आने वाले दिनों में भी अनुमान है कि वृद्धि जारी रह सकती है।

Image credit: LiveMint

कृपया ध्यान दें: स्काइमेट की वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी सूचना या लेख को प्रसारित या प्रकाशित करने पर साभार: skymetweather.com अवश्य लिखें।

 

 

4 thoughts on “[Hindi] ला नीना का अध्याय ख़त्म; ईएनएसओ की तटस्थ स्थिति शुरू

  1. Vijay Pal Singh

    Bahut khushi hui aapka aanklan padhkar, ki monsoon 2018 theek – thaak rahega.Aapki report best of the best.

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