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[Hindi] मॉनसून 2019: अब तक के प्रदर्शन और इसके आगे बढ़ने की संभावनाएं

June 20, 2019 1:27 PM |

मॉनसून 2019 की सुस्ती से देश भर में चिंता बढ़ती जा रही है। देश के मध्य और उत्तरी राज्यों में मॉनसून वर्षा के लिए अभी और करना होगा इंतज़ार। देश के ज़्यादातर भागों में जून के आखिरी हफ्ते में अच्छी बारिश होने की संभावना दिखाई दे रही है।

वर्ष 2019 में मॉनसून ने केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में एक सप्ताह की देरी से 8 जून को दस्तक दी थी। लेकिन अरब सागर में उठे चक्रवात ‘वायु’ ने इस पर लगाम लगाई और मॉनसून को पूरे-पूरे 15 दिन पीछे धकेल दिया।

पिछले 5 दिनों से मॉनसून कर्नाटक में ही अटका हुआ था। लेकिन 20 जून को इसमें कुछ प्रगति हुई और बड़ी लंबी प्रतीक्षा के बाद मॉनसून का आगमन महाराष्ट्र के दक्षिणी तटवर्ती हिस्सों में भी हो गया। मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय रत्नागिरी, कोल्हापुर, शिमोगा, सलेम, कुड्डालोर, अलीपुरद्वार और गंगटोक पर है।

जून के शुरुआती तीन हफ्तों में मॉनसून जहां भारत के दो-तिहाई हिस्सों से भी ज़्यादा क्षेत्रों में पहुँच जाता है वहीं अब तक यह मात्र 15% भागों पर ही पहुंचा है।

अब तक हुई बारिश

मॉनसून के आने में देरी के कारण अब तक देश में सामान्य से बहुत कम बारिश देखने को मिली है। 1 जून से 20 जून के बीच देश में महज़ 51 मिमी बारिश हुई है जो सामान्य से 43% कम है। जून के आखिर में अच्छी बारिश की उम्मीद की जा रही है लेकिन बारिश में अब तक जो कमी हुई है उसकी भरपाई वो बारिश भी नहीं कर पाएगी।

स्काइमेट ने अपने मॉनसून पूर्वानुमान में पहले ही कहा था कि जून में सबसे कम बारिश की आशंका है। स्काइमेट ने कहा था कि जून में सामान्य से 23% कम 77 फीसदी बारिश होगी। वर्तमान स्थिति इससे भी बुरी तस्वीर दिखा रही है।

मॉनसून कब बढ़ेगा आगे

मॉनसून के अब आगे बढ़ने की बात करें तो मुंबई, कोलकाता, भुवनेश्वर में 10 जून तक मॉनसून का आगमन होता है लेकिन 2019 में 25 जून से पहले मॉनसून के आने की संभावना फिलहाल नहीं है।

हालांकि 2-3 दिनों में मॉनसून के कुछ आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसी दौरान यह चेन्नई और हैदराबाद को भी पार कर जाएगा। बंगाल की खाड़ी पर एक लो प्रेशर बन रहा है जिसके चलते 21-22 जून से महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रा प्रदेश, ओड़ीशा, दक्षिणी मध्य प्रदेश और बिहार में मौसम बदलेगा और 25 जून के आसपास इन भागों पर अच्छी बारिश के साथ मॉनसून के आगमन की संभावना है।

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मॉनसून की सुस्ती से मध्य और उत्तर भारत के हैरान और परेशान किसानों को जून के आखिर तक राहत की आस दिखेगी जब अगले चरण में 30 जून के आसपास मॉनसून अहमदाबाद, भोपाल और लखनऊ तक के शहरों को कवर करेगा।

राजधानी दिल्ली, पिंक सिटी जयपुर और हरियाणा के अंबाला में एक हफ्ते की देरी के बाद 7 जुलाई के आसपास मॉनसून दस्तक दे सकता है। इसी दौरान देहारादून, शिमला, श्रीनगर सहित उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में भी मॉनसून का आगाज़ हो सकता है।

मॉनसून क्यूँ रहा अब तक कमज़ोर

मॉनसून 2019 पर अल-नीनो का साया तो था ही, अरब सागर पर विकसित हुए चक्रवाती तूफान वायु के कारण इसकी रफ्तार व्यापक रूप में प्रभावित हुई है। मॉनसून जल्द उबरता दिखाई नहीं दे रहा है।

अल नीनो का असर ना सिर्फ मॉनसून के शुरुआती महीने जून में रहा है बल्कि जुलाई-अगस्त और सितंबर में भी यह मॉनसून पर हावी रहेगा। अल नीनो की संभाव्यता 50% से ऊपर पूरे मॉनसून सीज़न में बनी रहेगी।

मॉनसून की सुस्ती के कारण देश के ज़्यादातर राज्यों में बारिश में कमी बहुत ऊपर पहुँच गई है। सबसे अधिक मार उत्तर प्रदेश पर पड़ी है जहां 83% कम बारिश हुई है।

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Image credit:  India Today

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