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[Hindi] जतिन सिंह, एमडी स्काइमेट: नए साल की पूर्व संध्या पर उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे की संभावना | मध्य प्रदेश में सप्ताह के आखिर में वर्षा के आसार | तमिलनाडु, केरल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा में इस सप्ताह होगी बारिश

December 28, 2020 3:32 PM |

भारत में मॉनसून के बाद का मौसम और उत्तर-पूर्वी मॉनसून दोनों 31 दिसंबर, 2020 को संतोषजनक आंकड़ों के साथ समाप्त होगा। हालांकि दक्षिण भारत में केरल, लक्षद्वीप और उत्तर भारत के पहाड़ी तथा मैदानी राज्यों के लिए स्थितियाँ चिंताजनक रहीं क्योंकि इन भागों में 1 अक्टूबर से 31 दिसम्बर के बीच बारिश औसत से काफी नीचे रहने वाली है। ला नीना की स्थिति के चलते उत्तर भारत के अधिकांश भागों में बारिश में कमी के लिए जिम्मेदार होंगी। उत्तर भारत में जनवरी और फरवरी 2021 के दौरान भी इसी तरह की मौसमी स्थितियाँ जारी रहने की संभावना है।

सर्दियों की बारिश में कमी को सीधे तौर पर ला नीना के दुष्प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। समूचे उत्तर भारत में बारिश में 39% की कमी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हरियाणा कम वर्षा प्राप्त करने वाले राज्यों में सबसे ऊपर हैं। इस तरह की मौसमी स्थितियों की पुनरावृत्ति के पीछे जलवायु परिवर्तन को एक कारक के रूप में देखा जा रहा है। कश्मीर की "रेड गोल्ड" यानि केसर की फसल की तबाही के पीछे भी जलवायु परिवर्तन एक प्रमुख कारण था।

जलवायु परिवर्तन के कारण शुष्क मौसम के लंबे दौर के चलते दुनिया के सबसे महंगे मसालों की उपज को आधा कर दिया है। इससे नकदी फसल का भविष्य खतरे में है। तापमान और बारिश में अनिश्चितता बढ़ती जा रही है जिससे मिट्टी में नमी की संरचना में बदलाव हो रहा है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर घटते जा रहे हैं जिससे निचले इलाकों में जल प्रवाह बाधित हो रहा है। परिणामस्वरूप केसर यानि लाल सोने की उपज घटते हुए 1.4 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक आ गई है, जो कि 90 के दशक में होने वाले उत्पादन का सिर्फ आधा है।

दुनिया का लगभग 90% केसर ईरान में उगाया जाता है, लेकिन कश्मीर की फसल को इसके गहरे लाल रंग और इसकी विशिष्ट सुगंध के कारण सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। केसर की फसल की कटाई आमतौर पर रोपाई के 8-10 सप्ताह बाद होती है। लेकिन साल 2020 में कोरोना वायरस की महामारी के चलते भी इसकी खेती प्रभावित हो रही है।

नए साल 2021 के आगमन से पहले उत्तर भारत पर फिर से कड़ाके की सर्दी पड़ने वाली और घना कोहरा भी देखने को मिलेगा। दक्षिण भारत के राज्यों में दिसम्बर की विदाई से पहले ठीक-ठाक बारिश होने वाली है। यहाँ तक कि नए साल के शुरुआती दिनों में भी दक्षिणी राज्यों पर मौसम की मेहरबानी देखने को मिलेगी। मध्य भारत में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस सप्ताह के आखिर में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

उत्तर भारत

हाल ही में उत्तर भारत को बारिश देने वाले पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती क्षेत्र के बचे हुए प्रभाव के चलते 28 दिसंबर को भी पर्वतीय राज्यों और मैदानी इलाकों में कुछ वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी होगी जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में घने कोहरे की शुरुआत होगी। उत्तर भारत में बारिश देने वाले मौसमी सिस्टमों का प्रभाव खत्म होते ही न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट होगी और शीतलहर का प्रकोप देखने को मिलेगा। नए साल की पूर्व संध्या पर समूचे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, कोहरा और शुष्क मौसम की संभावना है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत

पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में सुबह के समय कोहरा और धुंध जबकि दिन में हवा इस सप्ताह की मुख्य मौसमी हलचल होगी। बिहार में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहेगा और शीतलहर का प्रकोप देखने को मिलेगा। पूर्वोत्तर भारत में जोरहाट, तेजपुर, गुवाहाटी, बागडोगरा, अगरतला और इम्फाल जैसे कुछ स्थानों पर घने कोहरे को छोड़कर समूचे पूर्वोत्तर में किसी महत्वपूर्ण मौसमी घटना की संभावना नहीं है।

मध्य भाग

मध्य भारत के सभी राज्यों में 1 जनवरी, 2021 तक मौसम पूरी तरह से साफ और शुष्क रहेगा। सप्ताह के मध्य से कई राज्यों में रात का तापमान बढ़ जाएगा और गुजरात से लेकर पश्चिमी मध्य प्रदेश और उत्तरी महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। 2 जनवरी से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदलेगा और बेमौसम बारिश की संभावना बनेगी। अगले सप्ताह का आरंभ भी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ होने के आसार हैं।

दक्षिण प्रायद्वीप

तमिलनाडु, केरल और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में सप्ताह के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 29 और 30 दिसंबर को बारिश की तीव्रता और इसका दायरा बढ़ सकता है। बेंगलुरू, चेन्नई और त्रिवेंद्रम समेत इन राज्यों के कई शहरों में नए साल की पूर्व संध्या और नए साल के पहले दिन भी बारिश हो सकती है। पुद्दुचेरी और लक्षद्वीप में भी बारिश का अनुमान है।

दिल्ली एनसीआर

दिसंबर के बाकी बचे दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में मौसम पूरी तरह से सूखा रहने की संभावना है। शीतलहर, सुबह के समय कोहरा और दिन में धूप पूरे सप्ताह रहने का अनुमान है। नए साल की पूर्व संध्या पर आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं, लेकिन यह बादल बारिश नहीं दे पाएंगे।

चेन्नई

दक्षिण भारत के इस महानगर में सप्ताह के शुरुआती दिनों में उत्तरी पूर्वी मॉनसून की सक्रियता दिखेगी और कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है। सप्ताह के मध्य से मौसम शुष्क हो जाएगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 30 डिग्री और 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

दिल्ली प्रदूषण

पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और NCR में वायु प्रदूषण फिर से बढ़ा था। हवाओं के रुख में बदलाव के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक गिरते हुए गंभीर श्रेणी में पहुँच गया था। लेकिन इस सप्ताह की शुरुआत साफ हवा के साथ और प्रदूषण में सोमवार, 28 दिसम्बर, 2020 को काफी अच्छा सुधार देखने को मिला। लेकिन सप्ताह के बाकी दिनों में फिर से हवाओं की दिशा पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी रहने के आसार हैं जिससे प्रदूषण साफ नहीं होगा बल्कि हवा में निचली सतह पर ही प्रदूषण जमा रहेगा जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक में 29 दिसम्बर से 3 जनवरी के बीच गिरावट देखने को मिलेगी।

Image credit: Nyoooz

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