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[Hindi] उत्तर प्रदेश में 48 घंटों के बाद वर्षा; फसलों की कटाई-मड़ाई में हो सकता है व्यवधान

[Hindi] उत्तर प्रदेश में 48 घंटों के बाद वर्षा; फसलों की कटाई-मड़ाई में हो सकता है व्यवधान

12:33 PM

Wheat harvesting and pre-Monsoon rains in UP उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में से है। इस समय कटाई-मड़ाई चरम पर है। अधिकांश स्थानों पर गेहूं सहित रबी फसलों की कटाई-मड़ाई हो चुकी है। हालांकि स्काइमेट के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में लगभग 20 प्रतिशत फसल अभी भी खेतों में है। किसान कटाई-मड़ाई की तैयारी में होंगे लेकिन कुछ भागों में संभावित बारिश इस योजना में बाधा बन सकती है। अनुमान है कि 27 और 28 अप्रैल को उत्तर प्रदेश में बारिश होगी।

इस बीच उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। इसमें जल्द ही बदलाव हो सकता है। राज्य के कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है। स्काइमेट के वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ महेश पालावत के अनुसार 26 अप्रैल को उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ पहुँचने वाला है। इसके प्रभाव से एक चक्रवाती सिस्टम पंजाब तथा आसपास के हिस्सों पर विकसित होगा और एक ट्रफ उत्तर प्रदेश तक बनेगी।

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इन सभी सिस्टमों के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में 27 और 28 अप्रैल को कुछ स्थानों पर गरज के साथ हल्की प्री-मॉनसून वर्षा होने की संभावना है। बारिश की शुरुआत 27 अप्रैल को पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई वाले जिलों से होगी। राज्य के पश्चिमी भागों में 28 अप्रैल को वर्षा होने के आसार हैं। राज्य के दक्षिणी हिस्सों विशेषकर बुंदेलखंड क्षेत्र में मौसम सूखा ही बना रह सकता है। गरज और वर्षा वाले बादलों की ताज़ा स्थिति जानने के लिए नीचे दिए गए मैप पर क्लिक करें।

 

Lightning and rain in Uttar Pradesh and Agra

प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में प्रमुख होंगे वाराणसी, गोरखपुर, बहराइच, गोंडा, बस्ती, लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, बरेली, शाहजहाँपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, मुरादाबाद और गाज़ियाबाद सहित आसपास के इलाके। यहाँ 27 और 28 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की और एक-दो जगह मध्यम प्री-मॉनसून वर्षा रिकॉर्ड की जा सकती है। इन गतिविधियों के चलते रबी फसलों की हार्वेस्टिंग में कुछ समय की बाधा आ सकती है।

किसानों को सुझाव है कि अगर आपने कटाई कर ली है तो 27 अप्रैल से पहले मड़ाई भी कर लें। और अगर नहीं की है तो अप्रैल की विदाई तक रुक जाएं और मई के आरंभ में ही करें क्योंकि तब मौसम शुष्क रहेगा और बारिश होने तथा तेज़ हवाएँ चलने जैसी स्थितियाँ आपके लिए मुश्किलें खड़ी नहीं करेंगी।

Image credit: scidv.net

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