[Hindi] आईओडी और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2020

March 28, 2020 4:15 PM |

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2020 की शुरुआत होने में अब अधिक समय बाकी नहीं है। 4 महीनों तक चलने वाले इस सीजन की उल्टी गिनती जल्द शुरू होगी। मॉनसून का पूर्वानुमान लगाना दुनिया भर के मौसम विशेषज्ञों के लिए कड़ी चुनौती रहा है।

मॉनसून का प्रदर्शन कई बार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लगाए गए अनुमान से उलट होता रहा है। कुछ मौके ऐसे रहे हैं जब अनुमान और प्रदर्शन में आश्चर्यचकित करने वाला अंतर रहा है। कई बार अनुमान कमजोर मॉनसून का लगाया गया लेकिन मॉनसून का प्रदर्शन काफी अच्छा हुआ। कई मौके ऐसे रहे जब मौसम वैज्ञानिकों को लगा कि मॉनसून अच्छा होगा जबकि भारतीय उम-महाद्वीप ने अकाल देखा।

सबसे ताजा उदाहरण 2019 का है, जब दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कमजोर रहने की संभावना जताई गई थी। लेकिन यह बीते 25 वर्षों में सबसे बेहतर मॉनसून साबित हुआ। मॉनसून का पूर्वानुमान लगाने से पहले तीन सामुद्रिक परिस्थितियों को विशेष तौर पर ध्यान में रखा जाता है। इसमें अल-नीनो सबसे महत्वपूर्ण है। उसके बाद आईओडी और एम जे ओ भी भारतीय मॉनसून को प्रभावित करने वाले माने जाते हैं।

इंडियन ओशन डायपोल को इंडियन नीनो भी कहा जा सकता है। आईओडी के अंतर्गत भूमध्य रेखा के पास हिंद प्रशांत क्षेत्र में पश्चिम और पूर्व में तापमान के अंतर को संरेखित किया जाता है। आईओडी इतना प्रभावी होता है कि कई बार अल-नीनो के चरम पर होने के बावजूद भारतीय मॉनसून को यह बचा लेता है। 2019 में ऐसा ही देखने को मिला, जब अल-नीनो प्रभावी था लेकिन आईओडी ने सारे पूर्वानुमान को धता बताते हुए दक्षिण-पश्चिम मॉनसून को सक्रिय कर दिया।

पिछले वर्ष ही हमने यह भी देखा कि आईओडी लंबे समय तक मई से लेकर दिसंबर 2019 तक अस्तित्व में रहा। इस पूरी अवधि में आईओडी 0.4 डिग्री के स्तर से ऊपर ही रहा। कुछ मौकों पर यह 2.2 डिग्री सेंटीग्रेड के अधिकतम स्तर पर भी पहुंचा जो 1997 के बाद से सबसे अधिक था।

ऐतिहासिक आंकड़े कर देखें तो लगातार दो बार सकारात्मक या लगातार दो बार नकारात्मक आईओडी नहीं रहा है। बल्कि आईओडी का अनुपात 1:1:4 का रहा है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि भारत में सर्दी और वसंत ऋतु के समय इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन यानी आईटीसीज़ेड के दक्षिणी गोलार्द्ध की तरफ जाने के चलते आईओडी का आंकड़ा नहीं आ पाता। लेकिन अब प्री मॉनसून सीजन शुरू हो रहा है ऐसे में आईओडी के आंकड़े मिलने की संभावना है, जो भरोसेमंद हो सकते हैं।

IOD-Current-Status

ब्यूरो ऑफ मैट्रोलोजी ऑस्ट्रेलिया के हालिया पूर्वानुमान के अनुसार आई ओ डी तटस्थ या नकारात्मक स्थिति में रहने वाला है। इसके अनुसार जून में 0.1, जुलाई में -0.2 और अगस्त में -0.2 रहने की संभावना है।

IOD probabilities

ज्यादातर वेदर मॉडल इस बार अल-नीनो और आईओडी दोनों के तटस्थ रहने की संभावना जता रहे हैं। इसका मतलब यह है कि मॉनसून अपनी चाल से चल सकता है। हम सभी जानते हैं कि मॉनसून एक वैश्विक मौसमी स्थिति है। समुद्र की स्थितियों में बदलाव पर इसमें भी बदलाव इसमें देखने को मिलता है।

लेकिन इस बार मॉनसून पर समुद्री स्थितियों के बहुत अधिक दबाव की आशंका फिलहाल कम है। हमारा अनुमान है कि आईटीसीज़ेड, तिब्बत पठार की गर्मी और मेडागास्कर में अधिक तापमान इस बार मॉनसून के प्रदर्शन में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

Image credit: Cruise Critic

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