बिना बारिश के गुजरेगा मार्च, दिल्ली में तापमान बढ़ने की संभावना

By: Skymet team | Edited By:
Mar 24, 2025, 2:00 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

दिल्ली में मार्च में शुष्क मौसम

मार्च का महीना राष्ट्रीय राजधानी के लिए लगभग शुष्क रहा है। महीने की शुरुआत में केवल 2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद से मौसम शुष्क बना हुआ है और महीने के आखिर मौसम की ऐसी ही स्थिति रहेगी। वहीं, बादल और बारिश नहीं होने के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। खासकर अगले तीन दिनों में तापमान ज्यादा बढ़ने की संभावना है। आमतौर पर मार्च में 19.2 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस साल यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।

पश्चिमी विक्षोभ का हल्का असर

एक पश्चिमी विक्षोभ जल्द ही पहाड़ों तक पहुंचेगा, लेकिन इसका असर केवल जम्मू-कश्मीर के ऊपरी क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा। मैदानों में इसका ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि, हवा की दिशा में बदलाव के कारण तापमान बढ़ेगा और मध्य सप्ताह तक पारा चढ़ता रहेगा। अभी तक मार्च में सबसे अधिक तापमान 36.2°C दर्ज किया गया है, लेकिन महीने के बाकी बचे दिनों में तापमान अधिक हो सकता है। मार्च के आखिर में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते ठंडी हवाएँ चलेंगी, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।

मार्च में 40°C तक पहुँच चुका है तापमान

मार्च के महीने में दिल्ली में 40°C तक तापमान दर्ज होने का इतिहास रहा है। मार्च 2021 में ऐसा हुआ था, जब पारा 40°C को पार कर गया था। दिल्ली में 31 मार्च 1945 को अब तक का सबसे अधिकतम तापमान 40.6°C दर्ज हुआ था। इस साल 26 मार्च को अधिकतम तापमान 37-38°C के बीच रहने की संभावना है, जो मार्च का उच्चतम तापमान हो सकता है।

मार्च में बारिश का रिकॉर्ड और इस साल की स्थिति

मार्च के महीने में कई बार तीन अंकों में बारिश दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर, मार्च 2020 में दिल्ली में 109.6 मिमी बारिश हुई थी। लेकिन इसके विपरीत, मार्च 2022 पूरी तरह से शुष्क रहा था और उस साल अधिकतम तापमान 39.6°C तक पहुंच गया था, जो 40°C के करीब था। मार्च 2025 की स्थिति काफी हद तक मार्च 2022 जैसी ही नजर आ रही है। इस महीने केवल 2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 28 फरवरी को हुई थी, लेकिन मानकों के अनुसार इसे मार्च में गिना जाता है।

अप्रैल में बढ़ेगी गर्मी और उमस

अप्रैल में गर्म और उमस भरे प्री-मानसून मौसम की शुरुआत होगी। तापमान लगातार बढ़ेगा और हवा में नमी बढ़ेगी, जिससे गर्मी अधिक महसूस होगी। अप्रैल में आमतौर पर हीटवेव की शुरुआत हो जाती है और इस साल भी कुछ ऐसा ही होने की संभावना है।

author image
Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है

Suggested Resources