पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

By: Skymet team | Edited By:
Apr 15, 2025, 6:15 PM
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पूर्वी भारत के राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में इन दिनों बिजली गिरने और तेज आँधी-तूफान लगातर बढ़ रहे हैं। खासकर पश्चिम बंगाल और झारखंड के कुछ इलाके हर साल इस समय खतरनाक मौसम की चपेट में रहते हैं। इन राज्यों में खराब मौसम की स्थिति जून के मध्य तक बनी रहती है।

काल-बैसाखी का कहर

पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अक्सर आने वाली काल-बैसाखी (स्थानीय तूफान) तेज़ हवा, जोरदार गरज-चमक और घातक बिजली गिरने जैसी घटनाओं के लिए जानी जाती है। वहीं, अप्रैल और मई के दौरान बिहार और ओडिशा में भी तेज आँधी और तूफान का खतरा बना रहता है। इस सप्ताह खासतौर पर अगले 48 घंटों में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में छिटपुट बारिश गरज-चमक के साथ होने की संभावना है।

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बन रही आँधी-तूफान वाली मौसम प्रणाली

पूर्वी मध्यप्रदेश में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, पूर्व-पश्चिम दिशा में एक ट्रफ रेखा उत्तर तटीय ओडिशा तक फैली हुई है। एक और ट्रफ रेखा पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर बंगाल तक जा रही है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर गुजर रही है। साथ ही, बंगाल की खाड़ी से गर्म और नम दक्षिण-पश्चिमी हवाएं ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर तेजी से आ रही हैं। ये सभी परिस्थितियाँ तेज तूफान और बिजली गिरने के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं।

पिछले 24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश और तूफान

पिछले 24 घंटों में बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में बिजली और तेज गरज के साथ बारिश हुई है। जिसमें पुरुलिया, बांकुड़ा, बेहरामपुर, बारिपदा, गया, पटना, रांची, जमशेदपुर ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पश्चिम बंगाल और तटीय ओडिशा में मौसम की गतिविधि अधिक तीव्र रही है। वहीं, ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों में तापमान 40°C से ऊपर पहुंच गया है, जो तूफान बनने के लिए एक और कारण है। कल(14 मार्च) संबलपुर, बोलांगीर, टिटलागढ़ और भवानीपटना में पारा 40 डिग्री के पार चला गया था।

किन इलाकों में बारिश और बिजली गिरने की आशंका

आगे के दिनों में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मिदनापुर, कालैकुंडा, पानागढ़, कोलकाता, डायमंड हार्बर, बारिपदा और बालेश्वर में तेज बारिश, गरज-चमक के साथ और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, ओडिशा के तटीय हिस्सों में यह गतिविधि(बारिश, गरज-चमक, आँधी, तूफान, बिजली) कटक-भुवनेश्वर से लेकर मयूरभंज, गंजाम और गजपति तक फैल सकती है। यह तूफानी मौसम आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों तक भी पहुँच सकता है, खासकर विजयनगरम और श्रीकाकुलम में असर दिखने की उम्मीद है।

स्थानीय लोग बरतें सावधानी

इस सप्ताह बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार राज्यों में गंभीर बिजली गिरने और तेज आँधी (गेल फोर्स विंड) का खतरा है। लोगों से अपील है कि वे खुले में न रहें, मोबाइल टावर, पेड़ या बिजली के खंभों के पास शरण न लें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है