Delhi Weather: फिर बदलने वाला है दिल्ली का मौसम, रविवार-सोमवार को तेज और भारी बारिश

By: Skymet team | Edited By:
Jul 9, 2025, 12:45 PM
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दिल्ली में मानसून के देरी से आने के बावजूद भी अब तक भारी बारिश नहीं हुई है। राजधानी के अधिकांश हिस्सों में बारिश बहुत छिटपुट और बहुत ही कम समय के लिए हुई है। आज सुबह बादल जरूर छाए लेकिन कोई खास मौसमी गतिविधि नहीं हुई। बेस स्टेशन सफदरजंग और लोधी रोड स्थित मौसम केंद्रों पर पिछले 24 घंटों में कोई वर्षा दर्ज नहीं हुई है। केवल पालम में बीती रात (8 जुलाई) हल्की गरज-चमक के साथ 0.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जाफरपुर, नजफगढ़, नरेला और अयानगर में भी हल्की बारिश हुई।

मौसम प्रणाली: दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय

उत्तर भारत के मैदानों में दो छोटे स्तर के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। एक उत्तर पंजाब और पाकिस्तान से सटे हिस्से में है, जबकि दूसरा हरियाणा पर स्थित है। इन दोनों के बीच एक ट्रफ रेखा बनी हुई है, जो दिल्ली के नज़दीक से गुजर रही है और पश्चिम बंगाल व झारखंड के ऊपर मौजूद निम्न दबाव क्षेत्र के अवशेष से जुड़े परिसंचरण से जुड़ती है। यही ट्रफ रेखा अगले एक हफ्ते तक दिल्ली में मौसम गतिविधियों का मुख्य कारण बनी रहेगी।

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रात और सुबह के समय होगी बारिश की संभावना

दिल्ली में आने वाले दिनों में बारिश रात और सुबह के समय देखने को मिलेगी। 11 जुलाई को बारिश की तीव्रता और क्षेत्रफल दोनों बढ़ सकते हैं। रविवार 13 जुलाई की रात से लेकर सोमवार 14 जुलाई की सुबह तक भी तेज और तीव्र वर्षा के आसार हैं। वहीं, 13 से 16 जुलाई के बीच भी दिल्ली में अच्छी मानसूनी बारिश की संभावना जताई जा रही है।

मानसून में अब तक असमान वर्षा वितरण

इस मानसून सीजन में दिल्ली में वर्षा का वितरण बहुत असमान रहा है। जून महीने में 20% बारिश की कमी दर्ज की गई थी। आमतौर पर जून महीने में 80.6 मिमी वर्षा होती है, लेकिन इस बार केवल 65 मिमी बारिश हुई। वहीं, जुलाई की शुरुआत भी सुस्त रही है। 1 से 9 जुलाई तक सफदरजंग वेधशाला पर सिर्फ 19 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि जुलाई महीने का औसत 195.8 मिमी होता है।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली को छोड़ बाकी हिस्से रहे सूखे

1 जून से 9 जुलाई तक केवल दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सामान्य मानसून वर्षा हुई है। बाकी सभी जिलों में बारिश की कमी दर्ज हुई है। दिल्ली के कई उत्तरी जिलों में बारिश की मात्रा अब तक दो अंकों तक ही सीमित रही है, जो कि भारी कमी को दर्शाता है। हालांकि, आने वाले सप्ताह में पिछले दो हफ्तों की तुलना में अच्छी और भारी बारिश हो सकती है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है