झमाझम बारिश से तरबतर छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश, मध्य भारत में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, जानें पूरा मौसम अपडेट
देश के मध्य हिस्सों में अगले 2-3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जोखिमभरे मौसम की चेतावनी जारी की गई है। दोनों ओर के सीमावर्ती इलाके जैसे विदर्भ (महाराष्ट्र) और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे भाग भी इस मानसूनी गतिविधि की चपेट में रहेंगे। पिछले 24 घंटों में विदर्भ, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के त्रिसीमा क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर, राजनांदगांव, माना, नागपुर, अमरावती, गोंदिया, चंद्रपुर, ब्रह्मपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, पचमढ़ी, नौगांव, बैतूल और मलांजखंड जैसे क्षेत्रों में मूसलधार बारिश हुई है। 8 से 10 जुलाई के बीच इन क्षेत्रों में और भी तेज बारिश की संभावना है।
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पूरे सप्ताह भारी मानसूनी प्रभाव संभव
गंगीय पश्चिम बंगाल पर एक कम दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जो मिड-ट्रोपोस्फेरिक स्तरों तक फैले चक्रवातीय परिसंचरण (cyclonic circulation) से जुड़ा है। इस सिस्टम के आगे एक तीव्र संमिलन क्षेत्र (intense convergence zone) बन गया है, जो भारी वर्षा की गतिविधियों को बढ़ा रहा है। यह सिस्टम धीरे-धीरे झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश की ओर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। बाद में यह कमजोर हो जाएगा, लेकिन इसका चक्रवातीय प्रभाव पश्चिम मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान तक पहुँचेगा। इस दौरान सप्ताह भर सक्रिय से अति सक्रिय मानसून स्थितियाँ देखने को मिलेंगी, जिससे कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।
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बारिश का दायरा धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ेगा
भारी बारिश की पट्टी क्रमिक रूप से पश्चिम की ओर खिसकती रहेगी। आज (8 जुलाई) दक्षिण झारखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। कल (9 जुलाई) यह बारिश और तेज़ हो जाएगी और उत्तरी मध्य प्रदेश को भी अपने प्रभाव में ले लेगी। 10 जुलाई को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ के त्रिसीमा क्षेत्र में भारी बारिश का प्रकोप रहेगा। 11 जुलाई को विदर्भ और छत्तीसगढ़ से बारिश की गतिविधियाँ हटेंगी, लेकिन उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में व्यापक वर्षा देखी जा सकती है।
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12 जुलाई से राजस्थान में सीमित रहेगी बारिश
12 जुलाई को बारिश का असर मध्य प्रदेश से पूरी तरह निकल जाएगा और पूर्वी एवं पश्चिमी राजस्थान तक ही सीमित रह जाएगा। 13 जुलाई से बारिश की तीव्रता और प्रसार में गिरावट देखी जाएगी। हालांकि, इसके बाद 2-3 दिनों तक कुछ स्थानों पर हल्की और बिखरी हुई बारिश जारी रह सकती है।





