Kolkata Rains: कोलकाता में सीजन की सबसे जोरदार बारिश, अगले 24 घंटे लगातार बादल बरसने के आसार

By: Skymet team | Edited By:
Jul 8, 2025, 1:40 PM
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कोलकाता में इस साल मानसून की शुरुआत 16 जून 2025 को हुई, जो सामान्य से काफी देर से थी। इसके बाद शहर में अब तक केवल 20 से 30 मिमी की मामूली बारिश दर्ज हुई है। लेकिन 6 जुलाई को रविवार से मौसम का मिजाज बदलने लगा, जब गंगीय पश्चिम बंगाल में एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ। इसके बाद शहर में वातावरण नम और तूफानी हो गया। कल (7 जुलाई) को कोलकाता और इसके उपनगरों में इस सीज़न की पहली मानसूनी मूसलधार बारिश देखने को मिली, जो अब भी जारी है और इसके अधिक तेज होने की संभावना है।

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कम दबाव और ट्रफ की मौजूदगी से तेज हुई बारिश

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गंगीय पश्चिम बंगाल में बना कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसे एक अच्छी तरह से बने हुए चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) का समर्थन मिल रहा है। उत्तरी मैदानों से निकली हुई एक लंबी मानसून ट्रफ इस कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से होते हुए गुजर रही है। इस ट्रफ की उपस्थिति के कारण कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधि और अधिक बढ़ गई है।

कोलकाता में जलभराव और यातायात बाधित

कल (7 जुलाई) से गंगीय पश्चिम बंगाल में लगातार बारिश हो रही है, जिसमें कोलकाता और उसके उपनगर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। दम दम एयरपोर्ट में 89 मिमी और क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र में 82 मिमी इस सीजन की पहली भारी बारिश दर्ज हुई है। कोलकाता-हावड़ा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा 112 मिमी बारिश रिकॉर्ज हुई है। सॉल्ट लेक ने भी 88 मिमी बारिश के साथ दम दम एयरपोर्ट की बराबरी की। कोलकाता में आज सुबह से ही लगातार गरज-चमक के साथ बारिश जारी है। घने बादलों के बीच कुछ इलाकों में बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

वहीं, जोधपुर पार्क में केवल दो घंटे में लगभग 100 मिमी बारिश रिक़ॉर्ज हुई है। इस तेज बारिश ने शहर की मुख्य सड़कों को जलमग्न कर दिया है और कमजोर ड्रेनेज सिस्टम को भारी दबाव में डाल दिया है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और फ्लैश फ्लडिंग जैसी स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में और भी जलभराव की आशंका बनी हुई है जिससे आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

अगले 24 घंटे और बारिश संभव, 10-11 जुलाई से सुधार के आसार

कम दबाव का यह क्षेत्र अगले 24 घंटों तक कोलकाता के पास बना रहेगा और धीरे-धीरे पश्चिम की ओर झारखंड की तरफ बढ़ेगा। इसके बाद यह पश्चिम बंगाल से थोड़ा दूर चला जाएगा। आज दिनभर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें जारी रहने की संभावना है, हालांकि बीच-बीच में थोड़े-बहुत ब्रेक भी हो सकते हैं। इस सिस्टम का असर कल यानी 9 जुलाई को भी रह सकता है, जब कुछ जगहों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम की स्थिति में 10 जुलाई को दोपहर के बाद से सुधार होने की संभावना है और 11 जुलाई से स्पष्ट रूप से मौसम खुल सकता है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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