बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन, झारखंड से मध्य प्रदेश तक मूसलाधार बारिश, जानें कहां-कहां है बाढ़ का खतरा

By: skymet team | Edited By: skymet team
Jul 25, 2025, 3:15 PM
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बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन, फोटो: Wikimedia commens

उत्तर बंगाल की खाड़ी में बना एक डिप्रेशन (दवाब क्षेत्र) पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में तेज बारिश लेकर आया है। 25 जुलाई की सुबह 5:30 बजे IST पर यह प्रणाली 21.0° उत्तरी अक्षांश और 89.5° पूर्वी देशांतर के पास स्थित थी। जो मोंगला (बांग्लादेश) से 130 किमी दक्षिण में, सागर द्वीप से 150 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व में और कोलकाता से 170 किमी दक्षिण-पूर्व में था।

आगामी 36 घंटों में इन राज्यों पर असर

डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। जिससे अगले 36 घंटों में यह प्रणाली गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तर ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों को प्रभावित करेगी। पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। कोलकाता, डायमंड हार्बर, शांतिनिकेतन, बांकुरा, पुरुलियाऔर उत्तर तथा दक्षिण 24 परगना में भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका है। जिससे शहरों में स्थानीय बाढ़ और जलजमाव की स्थिति बन सकती है, विशेषकर कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में। जिससे शहरी जीवन बाधित हो सकता है।

झारखंड में भी डिप्रेशन का गहरा असर

रांची, खूंटी, जमशेदपुर, धनबाद, पाकुड़, और लातेहार जैसे जिलों में मूसलाधार बारिश की संभावना है। यह वर्षा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और दैनिक गतिविधियों में रुकावट ला सकती है।इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में तेज बौछारें जारी रहेंगी। डिप्रेशन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में तेज वर्षा होगी, जिनमें अंबिकापुर, सुरगुजा, दुर्ग, राजनांदगांव, रायपुर, रायगढ़, बालोद, बलौदाबाजार, चांपा और जांजगीर शामिल हैं।

अब मध्य प्रदेश की बारी

जैसे-जैसे डिप्रेशन अंदर की ओर बढ़ेगा, मध्य प्रदेश में भी इसका असर दिखाई देगा। 25 और 26 जुलाई को सिंगरौली, सतना, पन्ना, जबलपुर, कटनी, दमोह, डिंडोरी, मंडला, भोपाल, बैतूल, होशंगाबाद, देवास और सिवनी में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। यह डिप्रेशन 26 जुलाई की दोपहर तक अपनी शक्ति बनाए रखेगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर होकर पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश के ऊपर एक मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र में बदल जाएगा।

भारी बारिश का खतरा, लेकिन राहत के साथ परेशानी

डिप्रेशन के कारण कई जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और जलजमाव की आशंका है। हालांकि यह बारिश भूजल स्तर को रिचार्ज करने और खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद होगी, लेकिन शहरी व ग्रामीण इलाकों में दैनिक जीवन व यातायात पर असर पड़ेगा।

कहाँ-कहाँ कम होगी बारिश, कहाँ जारी रहेगी?

गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश की तीव्रता 26 जुलाई की दोपहर तक घटने लगेगी। लेकिन पश्चिम झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश जारी रह सकती है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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