Monsoon 2025 Update: मानसून पर ब्रेक जारी, बंगाल की खाड़ी में जल्द बनेगा बारिश लाने वाला नया सिस्टम

By: Skymet team | Edited By:
Aug 8, 2025, 1:30 PM
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मानसून पर ब्रेक जारी

जैसा अनुमान था देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। ‘ब्रेक-इन-मॉनसून’ जैसी स्थिति बनी हुई है, जो आमतौर पर अगस्त में देखने को मिलती है। देशभर में बारिश लगातार 8वें दिन सामान्य से कम रही है। कल यानी 7 अगस्त को मात्र 3.8 मिमी वर्षा हुई थी, जबकि सामान्य 9.4 मिमी होती है, यानी 60% की कमी बनी हुई है। 1 जून से 7 अगस्त तक औसत बारिश 115% से घटकर 102% रह गई है। अगले 4 दिनों में बारिश के स्तर में और कमी आ सकती है।

पश्चिम और मध्य भारत में सूखा, दक्षिण व पूर्व में बौछारें

पश्चिमी और मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम लगभग शुष्क बना हुआ है। गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश में बारिश नहीं हुई है। दक्षिण भारत में कर्नाटक के दक्षिणी हिस्सों, रायलसीमा, केरल और तमिलनाडु के आंतरिक भागों में हल्की बारिश हुई। वहीं, पूर्वोत्तर भारत जो आमतौर पर सबसे ज्यादा बारिश वाला इलाका है, वहां भी बारिश की कमी देखी जा रही है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, तटीय तमिलनाडु, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज हुई है।

‘ब्रेक’ के दौरान सामान्य पैटर्न, नया सिस्टम देगा रफ्तार

अगस्त में मानसून का ‘ब्रेक’ आना आम बात है, जो आमतौर पर 10 दिन तक चलता है। यह कभी छोटा तो कभी लंबा भी हो सकता है, जो समुद्री परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इस स्थिति को खत्म करने के लिए बंगाल की खाड़ी में नई मौसम प्रणाली बनना जरूरी है। 13 अगस्त के आसपास एक नया सिस्टम बनने की संभावना है, जो मानसून को फिर से सक्रिय करेगा।

पहले दो महीनों में अच्छा प्रदर्शन, अगस्त में गिरावट

मानसून के पहले दो महीने अच्छे रहे। जून और जुलाई में बारिश का समय और वितरण संतुलित रहा था। जून में 9% और जुलाई में 5% ज्यादा बारिश हुई थी। अब तक सीजन में कुल बारिश 106% रही है। लेकिन अगस्त की शुरुआत कमजोर रही, क्योंकि 1 से 7 अगस्त के बीच 30% बारिश की कमी दर्ज हुई। मौसम का ऐसा रुझान महीने के मध्य तक जारी रह सकता है। अगस्त में अब तक 19 मिमी कम बारिश हुई है। अगर यह कमी ज्यादा बढ़ी, तो अगसत् महीने का औसत भी सामान्य से नीचे रह सकता है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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