केरल में प्री-मानसून का जोर, सप्ताहभर कहां-कहां होगी गरज के साथ बारिश, जानें पूरा मौसम अपडेट

By: Skymet team | Edited By:
May 6, 2025, 3:30 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

दक्षिण प्रायद्वीप में प्री-मानसून सीजन के दौरान अत्यधिक बारिश हुई है। 1 मार्च से 5 मई 2025 के बीच दक्षिण भारत (South Peninsula) में सामान्य से 53% अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान खासकर केरल राज्य में यह आंकड़ा 35% अधिक है। इस सप्ताह और अधिक बारिश होने की संभावना है, जिससे बारिश का यह अंतर और बढ़ सकता है।

क्यों होती है प्री-मानसून बारिश?

दक्षिण भारत में प्री-मानसून बारिश का मुख्य कारण उत्तर-दक्षिण ट्रफ (North-South Trough) है, जो अक्सर पूर्व और पश्चिम दिशा में घूमता रहता है। यह ट्रफ समुद्र से आने वाली नमी को खींचता है और तेज गरज-चमक के साथ बारिश करवाता है। दोनों ओर के समुद्री तटों से मिलने वाली नमी इस प्रक्रिया को बनाए रखती है।

मौजूदा मौसमी सिस्टम

फिलहाल यह प्रायद्वीपीय ट्रफ विदर्भ से लेकर दक्षिण भारत के अंतिम छोर तक फैला हुआ है, खासकर तमिलनाडु और केरल की सीमा के पास। अरब सागर के ऊपर निचले स्तर पर बना एंटी-साइक्लोन (वायुदाब का उच्च क्षेत्र) कर्नाटक तट से नमी से भरी हवाएं भेज रहा है। पहाड़ी इलाकों (Orography) के कारण ये हवाएं टकराकर बारिश को और बढ़ावा दे रही हैं।

आगे के दिनों में केरल में बारिश

6 मई को केरल और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 7–9 मई को प्री-मानसून बारिश मुख्य रूप से केरल के मलप्पुरम, त्रिशूर, कोच्चि, कोट्टायम, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम में देखी जाएगी। इसके बाद 10–12 मई को उत्तरी केरल के हिस्सों जैसे कासरगोड, कूड्लू, कन्नूर, वायनाड, थालास्सेरी और कोझीकोड तक बारिश फैल जाएगी। 12 मई के बाद बारिश की गतिविधियाँ धीरे-धीरे कम होने लगेंगी और अगले सप्ताह से मौसम सामान्य हो सकता है।

author image
Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है