प्रशांत महासाग में सीजन का पहला सुपर टाइफून ‘सिनलाकू’, लैंडफॉल की संभावना नहीं-जानें क्यों
मुख्य मौसम बिंदु
- सिनलाकू’ सीजन का पहला सुपर टाइफून
- 225 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
- अगले 72 घंटों में कमजोर होने की संभावना
- किसी बड़े भूभाग से टकराने की आशंका नहीं
उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस सीजन का पहला सुपर टाइफून ‘सिनलाकू’ समय से पहले सक्रिय हो गया है। यह तूफान 16°N और 145°E के आसपास गहरे समुद्री क्षेत्र में स्थित है। यह साइपन (Saipan) के उत्तर-पश्चिम में मौजूद है और लगभग 8 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। अगले 12 घंटों तक इसी दिशा में आगे बढ़ने के बाद इसका रास्ता बदलने की संभावना है, पहले उत्तर और फिर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ेगा।
मजबूत संरचना और ट्रिपल साइक्लोन का हिस्सा
यह टाइफून गहरे समुद्र में बना हुआ है और इस महीने बने दुर्लभ तीन चक्रवातों (ट्रिपलेट साइक्लोन) में आखिरी है। इससे पहले मंगलवार(14 अप्रैल) को यह उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में सुपर टाइफून के रूप में टकराया, जहां 225 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं दर्ज की गईं। इस तूफान में स्पष्ट ‘आई’ (आंख) बनी थी, जो इसकी ताकत को दर्शाती है। अब इसकी आईवॉल रिप्लेसमेंट प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अगले 48 घंटों में इसकी आंख कमजोर होकर गायब हो सकती है।
सीजन से पहले बना शक्तिशाली तूफान
उत्तर-पश्चिमी प्रशांत में पूरे साल तूफान बन सकते हैं, लेकिन इनका पीक सीजन मई से अक्टूबर तक होता है। सबसे शक्तिशाली टाइफून आमतौर पर जुलाई से अक्टूबर के बीच बनते हैं। ऐसे में ‘सिनलाकू’ का इतनी जल्दी बनना इसे असामान्य बनाता है और यह सीजन की शुरुआत का संकेत देता है।
आगे कमजोर पड़ेगा तूफान
यह टाइफून फिलहाल अनुकूल परिस्थितियों जैसे गर्म समुद्री सतह, कम विंड शीयर और मध्यम आउटफ्लो में बना हुआ है। लेकिन आसपास के द्वीपों के कारण सूखी हवा इसकी ताकत को कम कर सकती है। जैसे ही यह उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा, यह ठंडे समुद्री पानी में पहुंच जाएगा, जिससे इसकी तीव्रता घटेगी। अगले 24 घंटों में यह कैटेगरी-II के स्तर तक कमजोर हो सकता है और 72 घंटों में सामान्य तूफान बन जाएगा। यह किसी भी बड़े भूभाग से टकराए बिना समुद्र में ही कमजोर हो जाएगा।
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