Rain in Bengal: कालबैसाखी का कहर! कोलकाता समेत बंगाल के कई जिलों में तूफानी बारिश के आसार

By: Skymet team | Edited By:
Apr 29, 2025, 1:00 PM
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पश्चिम बंगाल में कई हफ्तों की भीषण गर्मी और सूखे के बाद आखिरकार कालबैसाखी (Kalbaisakhi) बारिश लौट आई है। बीते 24 घंटों में कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान देखने को मिले हैं। इससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

कई जिलों में दर्ज हुई भारी बारिश

पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जिसमें बांकुरा में 28 मिमी, कोलकाता (अलीपुर) में 23 मिमी, दमदम एयरपोर्ट पर 17 मिमी, हावड़ा में 45 मिमी, डायमंड हार्बर में 11 मिमी और साल्ट लेक में 14 मिमी बारिश दर्ज की गई। साथ ही, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक देखी गई।

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मौसम में अचानक बदलाव का कारण

मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे कई मौसमीय कारण हैं। पहला कारण है, एक चक्रवाती परिसंचरण पूर्वोत्तर बांग्लादेश पर बना हुआ है। दूसरा चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी असम पर स्थित है। इसके अलावा एक ट्रफ मध्य प्रदेश से होकर झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए दक्षिणी बांग्लादेश तक फैला है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी भरी दक्षिणी हवाएं भी इन तूफानों को मजबूत बना रही हैं।

आने वाले दिनों में तेज मौसम गतिविधियों की संभावना

पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में गंगीय पश्चिम बंगाल के कई जिलों में तेज बारिश, बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 60–70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। प्रभावित जिलों में पुरुलिया, बांकुरा, बर्दवान, बीरभूम, मुर्शिदाबाद, नादिया, हुगली, हावड़ा, कोलकाता, मेदिनीपुर, डायमंड हार्बर, कांठी, शांति निकेतन, उत्तर और दक्षिण 24 परगना शामिल हैं।

उत्तरी जिलों में हल्की बारिश का अनुमान

सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल के जिले जैसे दार्जिलिंग, कालिमपोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर और मालदा में भी बारिश होगी, लेकिन वहां बारिश की तीव्रता दक्षिणी जिलों के मुकाबले हल्की रहेगी।

तापमान में गिरावट लेकिन सतर्कता जरूरी

कालबैसाखी तूफान से गर्मी से राहत जरूर मिलेगी। कोलकाता में अधिकतम तापमान 31–32°C तक गिर सकता है और न्यूनतम तापमान 19–20°C तक पहुंच सकता है। हालांकि, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। क्योंकि तेज हवाएं, बिजली गिरना और ओलावृष्टि से स्थानीय नुकसान या रुकावट आ सकती है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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