फरवरी में ही बदला मौसम, पूर्वी और मध्य भारत में प्री-मानसून की दस्तक, कई राज्यों में गरज-चमक के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- फरवरी अंत में सर्दी से प्री-मानसून की ओर मौसम बदलाव
- छत्तीसगढ़-ओडिशा के बीच बनेगा कन्वर्जेंस जोन।
- 22–23 फरवरी को मध्य और पूर्वी भारत में बारिश बढ़ेगी।
- 25–26 फरवरी को दक्षिण भारत के हिस्सों में प्री-मानसून बारिश जारी।
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फरवरी के आखिरी दिनों में सर्दी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है और प्री-मानसून का दौर शुरू हो जाता है। मौसम विज्ञान के अनुसार आमतौर पर प्री-मानसून मार्च से मई तक माना जाता है, लेकिन कई बार इसकी शुरुआत फरवरी के अंत में ही हो जाती है। खासकर दक्षिण और मध्य भारत में मौसम जल्दी बदलने लगता है। मौसम में ऐसा ही बदलाव अगले हफ्ते से इन इलाकों में देखने को मिल सकता है।
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मध्य और पूर्वी भारत में बदलता हवा पैटर्न
मध्य और पूर्वी हिस्सों में हवाओं का पैटर्न जल्द ही उलझा हुआ दिखाई देगा। प्रतिचक्रवात (एंटीसाइक्लोन) अब खिसककर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ऊपर पहुंच गया है। वहीं, दूसरा प्रतिचक्रवात (anticyclone) उत्तर-पूर्वी अरब सागर में कोंकण और गुजरात तट के पास विकसित हो रहा है। इनके बीच का वायु प्रवाह (Air flow) बिखरा हुआ है। मौसम बदलने के समय मध्य भारत में इस तरह का पैटर्न सामान्य रूप से देखने को मिलता है।
दो एंटीसाइक्लोन से बनेगा कन्वर्जेंस जोन
इन दोनों प्रतिचक्रवातों की स्थिति ऐसी है कि इनके बीच एक कन्वर्जेंस जोन (संगम क्षेत्र) बन रहा है। द्रव गतिकी (Fluid Dynamics) के कारण यह क्षेत्र दाएं-बाएं हिलता रहता है। छत्तीसगढ़-ओडिशा वाला एंटीसाइक्लोन समुद्र से नमी भरी हवाओं को अंदरूनी इलाकों की ओर धकेलता है। यही स्थिति बार-बार बनती है और खासकर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश (थंडरस्टॉर्म) की गतिविधियां तेज हो जाती हैं।
22–23 फरवरी: इन राज्यों में बढ़ेगी बारिश
मौजूदा हालात में 22 फरवरी से विदर्भ, मराठवाड़ा और दक्षिण छत्तीसगढ़ में हल्की और बिखरी हुई बारिश शुरू होगी। 23 फरवरी 2026 को इसका दायरा और तीव्रता बढ़ेगी और पूरे छत्तीसगढ़, ओडिशा के बड़े हिस्सों तथा झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों तक फैल जाएगी।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और भूमध्यरेखीय क्षेत्र में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण 21 से 23 फरवरी के बीच प्रायद्वीपीय भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। दोनों ओर की गतिविधियां आपस में जुड़कर प्रभाव और क्षेत्रफल बढ़ाएंगी तथा Telangana और आंतरिक Karnataka के हिस्सों तक फैल सकती हैं।
25 फरवरी के बाद कहां रहेगा असर?
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25 फरवरी तक मध्य और पूर्वी भारत से गरज-चमक वाली गतिविधियां कम हो जाएंगी। लेकिन प्रायद्वीपीय भारत के अंदरूनी हिस्सों में 25 और 26 फरवरी 2026 को प्री-मानसून की बारिश जारी रह सकती है। केरल में हल्की बारिश दो दिन और हो सकती है। इसके बाद मार्च की शुरुआत में यह गतिविधि पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
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