उत्तराखंड में बिगड़ेगा मौसम, गढ़वाल-कुमाऊं में मूसलाधार बारिश के साथ भूस्खलन और बादल फटने का खतरा
उत्तराखंड में आज और कल (1-2 दिन) फिर से भारी से भीषण मौसम गतिविधि देखने को मिलेगी। हफ्ते के मध्य में यह गतिविधि थोड़ी कम होकर मध्यम रहेगी और सप्ताहांत तक केवल छिटपुट इलाकों में सीमित रह जाएगी।
कई सिस्टम मिलकर बढ़ा रहे खतरा
वर्तमान में उत्तर-पूर्व राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है। मॉनसून ट्रफ भी इसी सिस्टम से जुड़ी हुई है और उत्तराखंड व पश्चिमी यूपी की तराई के पास बनी हुई है। साथ ही पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम के आपसी प्रभाव से पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में खतरनाक मौसम बन रहा है।
गढ़वाल और कुमाऊं, दोनों क्षेत्रों पर असर
उत्तराखंड के दोनों डिवीज़न गढ़वाल और कुमाऊं इस समय मौसम की मार झेलने वाले हैं। कुमाऊं क्षेत्र के बागेश्वर, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में बारिश का असर अधिक रहने की संभावना है, जबकि गढ़वाल क्षेत्र में रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल और केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जा रहे हैं। तराई और निचली पहाड़ियों में उधमसिंहनगर, रुद्रपुर, पंतनगर, काशीपुर से लेकर नैनीताल और मुक्तेश्वर तक के इलाके भी भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अलर्ट पर हैं।
संभावित खतरे और मौसम में सुधार
अगले दो दिनों में भारी बारिश, बादल फटने, भूस्खलन और स्थानीय बाढ़ जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इससे सड़क नेटवर्क, संचार और कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। पहाड़ी भूभाग की जटिलता और जलस्रोतों की संवेदनशीलता के चलते मौसम सुधरने के बाद भी खतरा बना रहता है। इसलिए पूरे सप्ताह सतर्कता बेहद जरूरी है। हालांकि, सप्ताहांत तक धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा।







