पहाड़ों में फिर जमेगी ठंड, दो पश्चिमी विक्षोभ लाएंगे बारिश और बर्फबारी

By: Skymet team | Edited By:
Feb 5, 2025, 4:56 PM
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पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी, फोटो: Canva

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाले हैं। इनका असर इस सप्ताहांत से शुरू होकर अगले हफ्ते के अंत तक देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा, इसके बाद हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी। उत्तराखंड में इसका असर सबसे कम रहेगा।

9 फरवरी से मौसम में बदलाव: वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर से बाहर निकल चुका है और अगले 12-18 घंटों में हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड से भी हट जाएगा। इसके बाद 08 फरवरी की रात को एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय में प्रवेश करेगा और 09 फरवरी से मौसम में बदलाव दिखने लगेगा। इसके तुरंत बाद एक और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पहुंचेगा, लेकिन इसका प्रभाव सीमित रहेगा। 15 फरवरी के बाद मौसम में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।

जम्मू-कश्मीर में अच्छी बर्फबारी: पहला पश्चिमी विक्षोभ 09 से 11 फरवरी के बीच सक्रिय रहेगा। इस दौरान कश्मीर घाटी और लद्दाख के निचले, मध्यम और ऊंचे इलाकों में मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी। 10 और 11 फरवरी को सबसे ज्यादा प्रभाव रहेगा। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर अच्छी बर्फबारी होगी। 8,000 फीट से ऊंचे इलाकों में अधिक बर्फबारी होने की संभावना है।

हिमाचल में अधिक बारिश: हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी कम, लेकिन गरज के साथ बारिश अधिक होगी। मनाली में हल्की बर्फबारी हो सकती है, जबकि केलांग घाटी (Keylong Valley) में मध्यम बर्फबारी होगी। डलहौजी, धर्मशाला और शिमला में बारिश और गरज के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

उत्तरखंड में कम असर: उत्तराखंड में मौसम का प्रभाव सबसे कम रहेगा। सिर्फ ऊंचाई वाले इलाकों में ही हल्की बर्फबारी हो सकती है। मसूरी, नैनीताल, उत्तरकाशी, जोशीमठ और मुक्तेश्वर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होगी।

दूसरा पश्चिमी विक्षोभ, कमजोर प्रभाव: 12 से 14 फरवरी के बीच दूसरा पश्चिमी विक्षोभ पहुंचेगा, लेकिन यह काफी कमजोर होगा। इसका असर पहले सिस्टम की तुलना में कम रहेगा। 15,000 फीट से ऊपर के कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में ही हल्की बर्फबारी हो सकती है, और वह भी बहुत कम समय के लिए।

पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी की कमी: इस पूरे सर्दी के मौसम में पहाड़ों पर बहुत कम बर्फबारी हुई है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 85% से ज्यादा की कमी दर्ज की गई है। यह पश्चिमी विक्षोभ आगे और गिरावट को रोक सकता है, लेकिन मौजूदा घाटे को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। फरवरी के तीसरे हफ्ते में मौसम पूरी तरह साफ होने लगेगा।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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