पश्चिमी हिमालय की चोटियाँ बर्फ को तरसीं, नई बर्फबारी का इंतज़ार लंबा हुआ, मनाली से गुलमर्ग तक सन्नाटा
जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख तक फैली पश्चिमी हिमालय की पहाड़ियों में पिछले छह दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। इस दौरान किसी नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आने के संकेत नहीं हैं। यह शुष्क दौर उत्तर पाकिस्तान तक फैला हुआ है, जहाँ मौसम शांत और ठंडा बना हुआ है।
मौसम की शुरुआत में हुई पहली बर्फबारी
इस सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी 2 अक्टूबर को दर्ज की गई थी। इसके बाद 6 अक्टूबर के आसपास एक सक्रिय और व्यापक पश्चिमी विक्षोभ आया, जिसने हिमालय के ऊपरी इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी कराई। उस समय लगभग 85% ऊँचे इलाकों में बर्फ की चादर बिछ गई थी, जो सर्दी की जल्दी शुरुआत का संकेत था।
अक्टूबर के अंत में फिर हुई छिटपुट बारिश और बर्फबारी
20 से 22 अक्टूबर के बीच एक और प्रणाली (सिस्टम) सक्रिय हुई, जिससे हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बर्फबारी और हल्की बारिश दर्ज की गई। इसके बाद 4 नवंबर के आसपास गुजरे पश्चिमी विक्षोभ ने केवल जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों को प्रभावित किया, जबकि बाकी क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहा।
8–10 दिनों तक नया पश्चिमी विक्षोभ नहीं
Skymet Weather के अनुसार, आने वाले 8 से 10 दिनों तक कोई नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर नहीं आने वाला है। इसका अर्थ है कि क्षेत्र में शुष्क और ठंडा मौसम जारी रहेगा। आसमान साफ रहेगा और सुबहें ठंडी बनी रहेंगी।
ठंडी हवाएँ बढ़ा रहीं हैं मैदानों की सर्दी
बादलों के नहीं होने और बर्फ से ढके पहाड़ों से बहने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएँ उत्तर और मध्य भारत में तापमान गिराने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इन हवाओं के कारण मैदानों में सर्दी और भी अधिक महसूस की जा रही है।
हिल स्टेशनों में बर्फबारी का इंतजार लंबा हुआ
अभी किसी बड़े मौसमीय सिस्टम के आने के संकेत नहीं हैं। जिसके चलते गुलमर्ग, पहलगाम, मनाली और कुर्फरी जैसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में बर्फबारी का इंतजार लंबा होता जा रहा है। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही मौसम में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं ताकि अगली बर्फबारी के साथ सर्दी के पर्यटन सीजन की शुरुआत हो सके।
साफ आसमान और ठंडी हवाओं का दौर जारी रहेगा
जब तक अगला पश्चिमी विक्षोभ नहीं आता, तब तक पश्चिमी हिमालय पर ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। तापमान में गिरावट जारी रहेगी और आसमान एकदम साफ रहेगा। यह एक शांत ठहराव है, अगला बर्फबारी दौर शुरू होने से ठीक पहले।
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