अब बदलेगा मौसम का मिजाज: उत्तर भारत में शुष्क दौर शुरू, बढ़ेगा तापमान, प्री-मानसून के संकेत

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Feb 19, 2026, 2:30 PM
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उत्तर भारत में तापमान बढ़ने के आसार

मुख्य मौसम बिंदु

  • पश्चिमी विक्षोभ से कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश।
  • पूर्वी राजस्थान और पश्चिम हरियाणा में तेज बारिश व ओले।
  • फरवरी के बाकी दिन रहेंगे शुष्क, बारिश की कमी बढ़ेगी।
  • दिन का तापमान 30°C तक पहुंचने की संभावना।

पहाड़ी इलाकों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मैदानी क्षेत्रों में मजबूत चक्रवाती परिसंचरण के संयुक्त प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में व्यापक वर्षा हुई। अधिकतर स्थानों पर बारिश हल्की से मध्यम रही, लेकिन पूर्वी राजस्थान और पश्चिम हरियाणा के कुछ हिस्सों में मौसम गतिविधियां तेज और तीव्र रहीं। कई जगहों पर ओलावृष्टि, गरज-चमक और तेज हवाएं भी चलीं। हालांकि, बीती शाम से मौसम में सुधार आ गया है।

अब मजबूत सिस्टम की संभावना नहीं, बारिश सामान्य से कम

मैदानों और पहाड़ों दोनों जगह फरवरी के बाकी दिनों में किसी भी मजबूत मौसम प्रणाली की संभावना नहीं है। पूरे महीने पर नजर डालें तो उत्तर भारत में सर्दियों की बारिश सामान्य से कम रही है। शेष दिनों में ज्यादातर शुष्क मौसम बने रहने की वजह से मौसमी बारिश की कमी और बढ़ सकती है।

साफ आसमान से बढ़ेगा तापमान, कुछ जगह 30°C पार संभव

किसी बड़े मौसम सिस्टम के अभाव में अब तापमान के स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बादलों की कमी और तेज धूप के कारण दिन का तापमान तेजी से बढ़ेगा। अधिकतम तापमान मिड-20 डिग्री से बढ़कर ऊपरी 20 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं, पश्चिम व उत्तर राजस्थान तथा हरियाणा से सटे इलाकों में 30°C का आंकड़ा भी पार कर सकता है। न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान को छोड़कर अधिकतर जगहों पर रात का तापमान 10 से 12 डिग्री के बीच रहेगा। हिसार और अमृतसर जैसे कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान अभी भी एक अंक के ऊपरी स्तर (8-9°C) पर रह सकता है।

फसल कटाई के लिए अनुकूल समय, मार्च में फिर बदल सकता है मौसम

इन मैदानी इलाकों में सामान्य तौर पर फसल कटाई का समय मार्च से मई के बीच होता है, जिसमें अप्रैल सबसे व्यस्त महीना रहता है। हालांकि, जल्दी बोई गई फसलें जल्द ही तैयार हो सकती हैं। फरवरी के अंत तक के अगले 10-12 दिन खेती से जुड़ी गतिविधियों के लिए सुरक्षित माने जा रहे हैं। हालांकि अभी कहना थोड़ा जल्दबाजी होगा, लेकिन मार्च के पहले सप्ताह में एक और मौसम बदलाव की संभावना बन रही है। इस पूर्वानुमान को अगले सप्ताह के मध्य में अपडेट किया जाएगा। फिलहाल संकेत मिल रहे हैं कि अगले 15 दिनों में प्री-मानसून की स्थिति देखने को मिल सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

नहीं, फरवरी के शेष दिनों में किसी मजबूत मौसम प्रणाली की संभावना नहीं है।

दिन का तापमान तेजी से बढ़ेगा और कुछ इलाकों में 30°C पार कर सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान में कम बदलाव होगा।

हाँ, फरवरी के अंत तक अगले 10–12 दिन खेती और कटाई के लिए सुरक्षित माने जा रहे हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है