म्यांमार में 4.7 तीव्रता का भूकंप, मणिपुर, नागालैंड और असम में भी झटके हुए महसूस

By: skymet team | Edited By: skymet team
Sep 30, 2025, 1:45 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

म्यांमार में 4.7 तीव्रता का भूकंप

म्यांमार में मंगलवार सुबह 4.7 तीव्रता का मध्यम भूकंप आया। इसके झटके पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर, नगालैंड और असम में महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप 30 सितम्बर सुबह 06:10 बजे (IST) आया और इसकी गहराई 15 किमी थी। इसका केंद्र अक्षांश 24.73°N और देशांतर 94.63°E पर स्थित था। यह जगह वोखा (नगालैंड) से 155 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, दीमापुर से 159 किमी दक्षिण-पूर्व और चंफाई (मिज़ोरम) से 193 किमी उत्तर-पूर्व में पड़ी।

एक हफ्ते में लगातार भूकंप

यह ताजा झटका म्यांमार में 28 सितम्बर को आए दो भूकंपों के बाद दर्ज हुआ। पहला भूकंप 4.0 तीव्रता का था, जो सुबह 06:25 बजे 10 किमी की उथली गहराई पर आया। कुछ घंटों बाद दोपहर 13:48 बजे, 3.2 तीव्रता का दूसरा भूकंप 60 किमी गहराई से दर्ज किया गया।

ये सभी झटके इस क्षेत्र की भूकंपीय सक्रियता (seismic activity) को दिखाते हैं। म्यांमार चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों इंडियन, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट के संगम पर स्थित है। इसी वजह से म्यांमार मध्यम से बड़े भूकंप और यहां तक कि समुद्री सुनामी के लिए भी संवेदनशील है।

उथले भूकंप क्यों होते हैं खतरनाक

आमतौर पर 70 किमी से कम गहराई पर आने वाले भूकंप ज्यादा नुकसानदेह होते हैं। कारण यह है कि भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुँचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे जमीन पर झटके तेज़ महसूस होते हैं। इसका असर इमारतों, ढांचों और लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है। 30 सितम्बर का यह भूकंप भी सिर्फ 15 किमी गहराई पर आया था, लेकिन इसकी तीव्रता मध्यम (4.7) थी, इसलिए बड़े नुकसान की आशंका नहीं रही।

म्यांमार की भूकंपीय इतिहास : मार्च 2025 की याद

इस साल 28 मार्च 2025 को म्यांमार के मध्य हिस्से में दो बड़े भूकंप आए थे। पहले की तीव्रता 7.7 और दूसरे की 6.4 थी। इन दोहरे झटकों से भारी तबाही हुई और स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी थी कि विस्थापित आबादी में टीबी, एचआईवी और जल-जनित व मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। यह घटना दिखाती है कि म्यांमार और आसपास का क्षेत्र लगातार भूकंपीय खतरे में रहता है।

पड़ोसी इलाकों में भी झटके

म्यांमार का यह भूकंप उसी दिन के कुछ घंटे बाद भारत में भी महसूस हुआ। 30 सितम्बर को आधी रात के बाद महाराष्ट्र के सतारा में 3.4 तीव्रता का भूकंप आया। सुबह-सुबह तिब्बत में 3.3 तीव्रता का झटका भी दर्ज हुआ। इसके पहले 27 सितम्बर को बांग्लादेश में 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र कोलकाता से सिर्फ 89 किमी दूर था। इसके झटके पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी महसूस हुए।

भूकंपीय अस्थिरता की याद दिलाते झटके

हालांकि 4.7 तीव्रता जैसे मध्यम भूकंप आमतौर पर भारी तबाही नहीं लाते, लेकिन ये हमें इस क्षेत्र की टेक्टोनिक अस्थिरता की याद दिलाते हैं। म्यांमार, भारत का पूर्वोत्तर और बांग्लादेश जैसे इलाके नियमित भूकंपीय गतिविधियों से प्रभावित रहते हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि इन संवेदनशील इलाकों में तैयारी, मजबूत ढांचा और जनजागरूकता हमेशा बनी रहे।

author image

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है