दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा बारिश वाला अप्रैल, आज धूल भरी आँधी-बारिश और गरज-चमक की संभावना
मुख्य मौसम बिंदु
- अप्रैल में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई
- 9 दिन तापमान 40°C से ऊपर गया
- आज धूल भरी आँधी और हल्की बारिश के आसार
- 4–6 मई के बीच मौसम गतिविधि रहेगी चरम पर
अप्रैल महीने में दिल्ली का मौसम पूरी तरह से मिला-जुला रहा। महीने के पहले आधे हिस्से में बारिश के कई दौर देखने को मिले, जबकि दूसरे हिस्से में गर्मी ने जोर पकड़ा। इस दौरान पर्यावरण की स्थिति साफ-सुथरी रही, जो राहत की बात रही। गौरतलब है, इस साल का अप्रैल महीना, 2008 के अप्रैल महीने के बाद सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा है। बता दें, इस बार 29.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 16.7 मिमी होती है। साल 2008 में सफदरजंग स्टेशन पर 38.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी, जो सामान्य से लगभग ढाई गुना ज्यादा थी। तापमान की बात करें तो औसत अधिकतम तापमान करीब 37°C रहा, जो सामान्य 36.5°C के आसपास है। पूरे महीने में 9 दिन ऐसे रहे जब तापमान 40°C से ऊपर गया और सबसे ज्यादा 42.8°C तापमान 25 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड किया गया। अगर, आज 30 अप्रैल को बारिश होती है तो उसे 1 मई 2026 के खाते में जोड़ा जाएगा।
आज आँधी-बारिश के आसार
इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पाकिस्तान और कश्मीर क्षेत्र के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण पंजाब और उत्तर राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवाती सिस्टम(induced cyclonic system) सक्रिय है। इस सिस्टम से एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है, जो दिल्ली के काफी करीब है। यही ट्रफ उत्तर-दक्षिण दिशा में हिलती रहेगी और इसके साथ मौसम की गतिविधियाँ भी आगे-पीछे होती रहेंगी। आज शाम और रात के समय दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आँधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जिसमें तेज़ और धूल उड़ाने वाली हवाएं भी चलेंगी।
2 मई से फिर बढ़ेगी गतिविधि, 4–6 मई के बीच पीक असर
कल 1 मई को यह ट्रफ दिल्ली के उत्तर की ओर खिसक जाएगी, जिससे मौसम गतिविधियाँ कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाएंगी और हल्का ब्रेक देखने को मिल सकता है। लेकिन 2 मई 2026 से एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाला है, जो पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत होगा। इसके साथ बनने वाला चक्रवाती सिस्टम भी सक्रिय रहेगा, जिससे मौसम की गतिविधियों का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ेंगे। 4 से 6 मई के बीच दिल्ली में प्री-मानसून गतिविधियों का चरम देखने को मिलेगा। हालांकि इस पीक पीरियड से पहले और बाद के दो-दो दिनों में भी हल्की-फुल्की मौसम गतिविधियाँ जारी रहेंगी, लेकिन उनका असर कम होगा।






