उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, विदर्भ और राजस्थान में भीषण लू का कहर, कई शहरों में पारा 48°C के करीब
मुख्य मौसम बिंदु
- बांदा, बाड़मेर और ब्रह्मपुरी जैसे शहरों में तापमान 47-48°C तक पहुंचा।
- पूर्वी यूपी, विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान में भीषण लू जारी।
- 28 मई को पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय होगा।
- महीने के आखिर तक बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट संभव।
देश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 7 से 8 दिनों से भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। इस समय पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान देश के सबसे गर्म क्षेत्र बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश के बांदा में 19 मई को तापमान 48°C के पार पहुंच गया। वहीं विदर्भ के ब्रह्मपुरी, वर्धा, अमरावती और नागपुर में तापमान 45°C से अधिक दर्ज किया गया। राजस्थान के बाड़मेर, फलोदी और जैसलमेर में भी वीकेंड के दौरान तापमान 45°C से ऊपर चला गया। इससे पहले 12 मई 2026 को बाड़मेर में 48.3°C तापमान दर्ज किया गया था, जो इस सीजन के सबसे अधिक तापमानों में शामिल है। कल 24 मई को विदर्भ का ब्रह्मपुरी देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 47.2°C रिकॉर्ड किया गया। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी लू की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर भारत में फिलहाल राहत देने वाला कोई मजबूत सिस्टम नहीं
अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों पर कोई बड़ा मौसम सिस्टम सक्रिय नहीं होगा। हालांकि 28 मई की देर रात एक मध्यम रूप से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में पहुंच सकता है। फिलहाल देश के दोनों तटीय इलाकों के पास भी ऐसा कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है, जो मैदानी क्षेत्रों के मौसम को प्रभावित कर सके। पूर्व-मध्य अरब सागर पर बना चक्रवाती परिसंचरण धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है और पश्चिमी तट से दूर जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ये सिस्टम राहत देने के बजाय हवाओं के सामान्य प्रवाह को बाधित कर रहे हैं, जिससे गर्मी का असर और बढ़ रहा है।
बंगाल की खाड़ी में बनने वाला सिस्टम बदल सकता है मौसम
मौसम मॉडल्स के अनुसार सप्ताह के मध्य तक बंगाल की खाड़ी के दूरवर्ती हिस्सों में एक नया चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यह सिस्टम 28 मई के आसपास पूर्वी बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट के पास विकसित हो सकता है। इसके बाद अगले 48 घंटों में इसके मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने का अनुमान है। इस सिस्टम के बनने से देश के मध्य हिस्सों में हवाओं की दिशा में बदलाव आएगा। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यही बदलाव धीरे-धीरे गर्मी की तीव्रता को कम करेगा और कई राज्यों में राहत की शुरुआत हो सकती है।
29 मई तक जारी रह सकती है भीषण लू
पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ के आसपास के हिस्सों और पश्चिमी राजस्थान में 28 से 29 मई तक भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, जिनमें दिल्ली, सौराष्ट्र, गुजरात का आंतरिक भाग, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तर मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान शामिल हैं, वहां सामान्य लू चलने की संभावना है। उत्तर भारत में आने वाला पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनने वाला मौसम सिस्टम मिलकर महीने के आखिर तक देश के कई अंदरूनी हिस्सों में गर्मी से राहत दिला सकते हैं। इसके प्रभाव से तापमान में गिरावट, आँधी, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियाँ भी बढ़ सकती हैं।





