दिल्ली में अगले कुछ दिन शुष्क मौसम, पारा चढ़ने की संभावना, धूप और उमस करेगी परेशान
अक्टूबर के पहले हफ्ते में दिल्ली में मौसम ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश दी है। बेस स्टेशन सफदरजंग पर आज सुबह 8:30 बजे तक 15 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 अक्टूबर से 8 अक्टूबर के बीच यहां कुल 90 मिमी वर्षा हुई है, जो कि मासिक सामान्य औसत 14.1 मिमी से लगभग छह गुना अधिक है। वहीं, एयरपोर्ट ऑब्जर्वेटरी पालम पर अब तक 100 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिसमें से 53 मिमी वर्षा पिछले 24 घंटों में ही हुई। दिल्ली और एनसीआर के सभी वेधशालाओं में बीते दो दिनों के दौरान मध्यम से तेज बारिश रिकॉर्ड की गई है।
अब नहीं होगी बारिश, सूखा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अब इस हफ्ते किसी और बारिश की संभावना नहीं है। सूखे का यह दौर अगले हफ्ते तक जारी रहेगा। अभी बारिश दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में बने चक्रवाती सिस्टम के संयुक्त प्रभाव के कारण हुई थी। पश्चिमी विक्षोभ अभी भी पर्वतीय क्षेत्रों में सक्रिय है और अगले तीन दिनों तक छिटपुट बारिश दे सकता है, हालांकि इसका असर धीरे-धीरे घटेगा। वहीं, हरियाणा और राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम, जो पहले दिल्ली क्षेत्र से गुजर रहा था, अब उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तराई तक खिसक गया है। आने वाले दिनों में यह सिस्टम नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के तराई इलाकों तक चला जाएगा।
तराई इलाके वे क्षेत्र होते हैं जो हिमालय की पहाड़ियों के ठीक नीचे (पहाड़ों के पायदान पर) स्थित होते हैं-यानी मैदानी इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों के बीच का संक्रमण क्षेत्र। ये इलाके अक्सर दलदली, नम और हरे-भरे होते हैं। यहां काफी नमी और भूजल स्तर ऊँचा रहता है। तराई क्षेत्र में अक्सर छोटी-छोटी नदियाँ और नाले बहते हैं जो पहाड़ों से निकलते हैं। खेती के लिए ये इलाके बहुत उपजाऊ माने जाते हैं।उत्तराखंड तराई इलाकों में रुद्रपुर, किच्छा, हल्द्वानी के आसपास क्षेत्र आता है। उत्तर प्रदेश तराई क्षेत्रों में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जिलें आते हैं। वहीं, बिहार में पश्चिमी चंपारण और किशनगंज तराई इलाकों में आते हैं। नेपाल के दक्षिणी हिस्से को भी तराई क्षेत्र कहा जाता है।
तेज बादल और तूफानी बारिश से उड़ी उड़ानों की ताल
बीते शाम दिल्ली-एनसीआर में अचानक बादलों का तेजी से विकास हुआ, जिससे अधिकांश क्षेत्रों में तेज और तीव्र गरज के साथ बारिश हुई। खराब मौसम के चलते 15 उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। इसका असर आज सुबह तक भी देखने को मिला।आज दिन में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है, और शाम को कहीं-कहीं हल्की फुहारें या छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।
कल से साफ आसमान और बढ़ता तापमान
स्काईमेट के अनुसार, कल 9 अक्टूबर से आसमान साफ रहेगा और तेज धूप पूरे दिन बनी रहेगी। अगले कई दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। बीते दिनों बारिश के कारण तापमान में तेज गिरावट आई थी, जिससे अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के स्तर तक पहुंच गया था, जबकि न्यूनतम तापमान 20°C से नीचे चला गया था। लेकिन अब पारा फिर तेजी से बढ़ेगा। सप्ताह के अंत तक दिन का तापमान 33-34°C और रात का न्यूनतम तापमान 22-23°C तक पहुंच सकता है।
अक्टूबर के बाकी दिनों में नहीं होगी बारिश
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अब दिल्ली में बारिश से फिलहाल राहत रहेगी। आने वाले दिनों में अक्टूबर का शेष भाग शुष्क रहने की उम्मीद है। यानी, महीने के बाकी दिनों में बारिश का ‘नो शो’ रहेगा और मौसम धीरे-धीरे शुष्क व गर्माहट भरा बनता जाएगा।







