गुजरात में हीटवेव का असर नहीं, मई के अंत तक नहीं दिखेगी खतरनाक गर्मी, प्री-मानसून बारिश के संकेत
मुख्य मौसम बिंदु
- बाड़मेर में तापमान 48°C से ऊपर पहुंचा।
- गुजरात में ज्यादातर जगह तापमान 45°C से नीचे रहा।
- 29 से 31 मई के बीच तापमान में गिरावट संभव।
- जून के पहले सप्ताह में प्री-मानसून बारिश के आसार।
पश्चिम राजस्थान, सौराष्ट्र के अंदरूनी हिस्से और मध्य गुजरात को प्री-मानसून सीजन के दौरान देश के पश्चिमी भागों का सबसे गर्म इलाका माना जाता है। मई का महीना यहां लगातार कई दिनों तक पड़ने वाली भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है। इस दौरान शुष्क और झुलसा देने वाली हवाएं चलती हैं, जिससे लू की स्थिति आम बात बन जाती है।
राजस्थान में 48°C के पार पहुंचा तापमान
राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में इस बार भी तेज गर्मी देखने को मिली। बाड़मेर में तापमान 48°C से ऊपर पहुंच गया, जबकि फलोदी में कई बार पारा 47°C के करीब दर्ज किया गया। वहीं, गुजरात के ज्यादातर हिस्से इस महीने 45°C के हीटवेव स्तर तक नहीं पहुंचे। केवल सुरेंद्रनगर में 10 और 11 मई 2026 को तापमान 45°C या उससे थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया।समुद्री तटीय क्षेत्रों को छोड़कर गुजरात के अधिकांश हिस्सों में मई के दौरान सामान्य अधिकतम तापमान 41°C से 42°C के बीच रहता है। मौसम मानकों के अनुसार हीटवेव घोषित करने के लिए तापमान का 45°C पार करना जरूरी होता है, जो इस सीजन में अधिकतर स्थानों पर नहीं हुआ।
पाकिस्तान और राजस्थान की गर्म हवाओं से बचा गुजरात
गुजरात में तापमान बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से दो स्थितियाँ जिम्मेदार होती हैं। पहली, जब राज्य में लंबे समय तक मौसम शुष्क बना रहे और दूसरी, जब उत्तर-पश्चिमी हवाएं पाकिस्तान की ओर से अतिरिक्त गर्मी लेकर आएं। इस समय पाकिस्तान के जैकोबाबाद में तापमान 49°C तक पहुंच चुका है और कई अन्य स्थानों पर भी पारा 48°C के करीब दर्ज हुआ है। इसके बावजूद हवाओं की दिशा ऐसी नहीं है कि यह भीषण गर्मी गुजरात तक पहुंच सके। इसी तरह राजस्थान की तपती गर्मी से भी गुजरात को राहत मिली हुई है, क्योंकि हवाओं का रुख अनुकूल नहीं है।
जून की शुरुआत में बदल सकता है मौसम का मिजाज
अगले दो दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ने की संभावना कम है। इसके बाद 29 से 31 मई के बीच गुजरात समेत कई राज्यों में तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। जून महीने की शुरुआत से हवाओं के पैटर्न में बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे गर्मी का असर और कम हो सकता है। हालांकि अभी इसकी पूरी पुष्टि करना जल्दबाजी होगी, लेकिन जून 2026 के पहले सप्ताह की शुरुआत में गुजरात में सामान्य से अलग प्री-मानसून बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल संकेत हैं कि प्री-मानसून सीजन के बाकी दिनों में भारत के इस पश्चिमी राज्य में भीषण गर्मी की संभावना नहीं है।
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