बंगाल की खाड़ी से उठेगा कम दबाव का क्षेत्र, ओडिशा से गुजरात तक बरसेगा पानी, जानें कब और कहां होगी बारिश
उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी (BoB) और म्यांमार तट के पास एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके असर से उत्तर बंगाल की खाड़ी पर लो-प्रेशर एरिया बनने की संभावना है। यह सिस्टम तटीय इलाके को पार करने से पहले और मजबूत हो जाएगा, जिससे पूर्वी, मध्य और पश्चिमी भारत में मानसून की गतिविधि तेज होगी।
‘Nongfa’ तूफान का असर
यह चक्रवाती सिस्टम दरअसल दक्षिण चीन सागर के उष्णकटिबंधीय तूफान नोंगफा (Nongfa) का अवशेष है। यह तूफान हैनान (चीन) के दक्षिण में कमजोर पड़कर 30 अगस्त को उत्तरी वियतनाम से टकराया था। इसके बाद यह और कमजोर होकर लाओस, थाईलैंड और म्यांमार होते हुए बंगाल की खाड़ी में पहुंचा है। अब यह नया लो-प्रेशर एरिया बनेगा।
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उष्णकटिबंधीय तूफान नोंगफा (Nongfa) के अवशेष, सैटेलाइन इमेज
दो सिस्टम मिलकर बनाएंगे ताकतवर मानसून
पहले से ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, ओडिशा तट के पास एक चक्रवाती क्षेत्र सक्रिय है। यह सिस्टम और नया चक्रवाती क्षेत्र आपस में मिलकर एक मजबूत मॉनसून सिस्टम बनाएंगे। यह लो-प्रेशर सिस्टम 3 सितम्बर 2025 को ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट को पार करेगा और करीब 6 दिन तक सक्रिय रहेगा। यह सिस्टम ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात तक जाएगा। 9 सितम्बर तक यह भारत से बाहर निकल जाएगा। इन राज्यों में सक्रिय से प्रबल मानसून की स्थिति रहेगी।
दक्षिण भारत कम होगी बारिश
दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में बारिश में कमी आएगी। वहीं, तेलंगाना, विदर्भ और मराठवाड़ा में भी बारिश थोड़े समय के लिए ही होगी। हालांकि, किसी भी मौसम मॉडल की सटीकता 4-5 दिन के बाद कम हो जाती है, इसलिए इस सिस्टम के अंदरूनी इलाकों में पहुंचने के बाद पूर्वानुमान को दोबारा अपडेट किया जाएगा।
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