बेंगलुरू में मानसून आया लेकिन बरसा नहीं, बढ़ा बारिश का इंतजार, गहरा सकता है जल संकट

By: skymet team | Edited By: skymet team
Jul 9, 2025, 2:15 PM
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बेंगलुरु में शुष्क मौसम

टेक सिटी बेंगलुरु में इस बार मानसून समय से आ गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक बारिश की भारी कमी बनी हुई है। बेंगलुरु शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में वर्षा में लगभग 60% या उससे अधिक की कमी दर्ज की गई है। जलाशयों और जल स्रोतों को भरने वाले कैचमेंट एरिया में भी बारिश नहीं के बराबर हुई है। बता दें, बेंगलुरु में आने वाले10 दिनों तक भी अच्छी बारिश की कोई संभावना नहीं है। मध्य जुलाई के बाद भी मौसम बेहद शुष्क रह सकता है, जिससे शहर में पानी की कमी एक गंभीर समस्या बन सकती है, जैसा कि पहले भी कई बार हुआ है।

जून-जुलाई में बेहद कम वर्षा, स्थिति और बिगड़ी

जून माह में बेंगलुरु में सामान्य 106.5 मिमी की तुलना में केवल 21 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जुलाई में स्थिति और खराब हो गई है। 1 से 9 जुलाई के बीच अब तक सिर्फ 2.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि पूरे महीने का सामान्य औसत 112.9 मिमी होता है। चिंता की बात यह है कि मानसूनी गतिविधियों के तेज होने के कोई संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।

पिछले वर्षों से तुलना: कभी रिकॉर्ड बारिश, कभी रिकॉर्ड सूखा

पिछले साल (2024) जुलाई में बेंगलुरु ने 204.1 मिमी बारिश दर्ज की थी, जो 1996 के 228.6 मिमी के ऑल टाइम हाई के बेहद करीब थी। लेकिन जुलाई 2012 में बेंगलुरु में भयंकर सूखा पड़ा था, जब पूरे महीने में केवल 7.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल की भी शुरुआत अब तक 2012 जैसी स्थिति की ओर इशारा कर रही है।

दक्षिण भारत में नहीं बन रही कोई मौसम प्रणाली

फिलहाल दक्षिण भारत में कोई सक्रिय मौसम प्रणाली नहीं है, न ही दोनों तटीय क्षेत्रों पर कोई ट्रफ रेखा या चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है जो वर्षा गतिविधि को बढ़ा सके। आंध्र प्रदेश का रायलसीमा क्षेत्र भी इस बार भयंकर बारिश की कमी झेल रहा है। तमिलनाडु और केरल में मानसून की शुरुआती बारिश से जो जल भंडारण हुआ था, वह भी अब खत्म होने लगा है।

अगले 7 दिन और सूखे, मध्य जुलाई के बाद भी राहत नहीं

बेंगलुरु में अगले 7 दिनों तक तो अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी होने के भी आसार नहीं दिख रहे हैं। मध्य जुलाई तक मौसम काफी शुष्क बना रह सकता है। उसके बाद भी केवल कुछ स्थानों पर हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन अब तक हुई बारिश की भारी कमी की भरपाई होना संभव नहीं है। यह स्थिति बेंगलुरु में भविष्य में जल संकट को और गंभीर बना सकती है।

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डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है