दिल्ली-एनसीआर से मानसून की विदाई जल्द, हफ्ताभर रहेगा शुष्क और गर्म मौसम, जानें पूरा मौसम का हाल
दिल्ली-एनसीआर में पिछले तीन दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। वीकेंड के दौरान गर्मी और उमस बनी रही और अधिकतम तापमान 35°C से ऊपर दर्ज हुआ, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था। दोपहर के समय सतही और निचली सतह की हवाएँ सामान्य से तेज रहीं और उमस (humidity) में गिरावट दर्ज की गई। ये सभी संकेत बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर से मानसून अब विदाई की ओर है।
इस हफ्ते बारिश की संभावना नहीं
दिल्ली-एनसीआर में इस हफ्ते बारिश के आसार नहीं हैं। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) अब पहाड़ी राज्यों से आगे बढ़ चुका है। पिछले हफ्ते जो ट्रफ रेखा के कारण बुधवार और गुरुवार(17-18 सितंबर) को बारिश हुई थी, वह रेखा भी समाप्त हो गई है। नतीजतन, मैदानी इलाकों की तरह पहाड़ों में भी धूप खिली रहेगी। फिलहाल हवाओं का रुख एंटीसाइक्लोनिक (उच्च दबाव) हो गया है और नमी का स्तर ज्यादा नीचे जाने की संभावना है।
मानसून वापसी के संकेत पूरे
मानसून की वापसी के लिए तीन मानक माने जाते है,जिसमें पहला हैं पाँच दिन तक बारिश न होना, दूसरा है उमस(आर्द्रता) में कमी और तीसरा मानक होता है हवाओं में एंटीसाइक्लोनिक पैटर्न। ये सभी मानक अब पूरे हो रहे हैं। सामान्यतः दिल्ली से मानसून की विदाई 29 सितंबर को होती है। इस बार पश्चिमी राजस्थान, कच्छ, पंजाब और हरियाणा से मानसून पहले ही विदा हो चुका है। पिछले दो दिनों से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में कहीं भी बारिश नहीं हुई है और तापमान 35°C से ऊपर दर्ज हुआ है। मौसम के ये सभी संकेत दिल्ली से जल्द मानसून विदाई की ओर इशारा कर रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम, पर दिल्ली पर असर नहीं
फिलहाल बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव प्रणाली सक्रिय है और 3-4 दिन बाद एक और बनने की संभावना है। हालांकि, ये सिस्टम उत्तर और पश्चिम भारत तक नहीं पहुँचेंगे। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम असर केवल बादल छाने तक ही सीमित रहेगा, वह भी इस हफ्ते के अंत तक। बता दें, मानसून विदाई के बाद भी हल्की फुहार या बादल छाना सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है।
48 घंटों में दिल्ली से विदा हो सकता है मानसून
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए, दिल्ली से मानसून की विदाई बहुत जल्द शुरू हो सकती है। अगले 48 घंटों में राजधानी से दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक विदाई की घोषणा संभव है।






