राजस्थान में लौटेगा मानसून, खेतों में फिर से आएगी हरियाली, बाड़मेर से उदयपुर तक बारिश के आसार

By: Skymet team | Edited By:
Aug 14, 2025, 4:30 PM
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राजस्थान मौसम अपडेट

राजस्थान में मानसून सीजन की शानदार शुरुआत हुई थी। लेकिन अब यह राज्य लंबे समय से सूखे से जूझ रहा है। जिससे यहां पैदा होने वाली खरीफ फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। राजस्थान में जून और जुलाई दोनों ही महीनों में शुरूआती दिनों में औसत से अधिक बारिश हुई थी, लेकिन इसके बाद बारिश की रफ्तार अचानक थम गई। जिससे शुरुआती दिनों में खेतों में पानी भर गया, इस कारण जल्दी बोई गई फसलें खराब हो गई थी। लेकिन इस बारिश के पानी से बड़े बांध और जलस्रोत लबालब हो गए।

जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में बारिश नदारद

जुलाई के दूसरे पखवाड़े और अगस्त की शुरुआत में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में नाममात्र की बारिश हुई थी। पश्चिमी राजस्थान में हालात सबसे खराब रहे। बाड़मेर में 22 जुलाई से एक बार शभी भारी बारिश नहीं हुई, जबकि जोधपुर में 10 से ज्यादा दिन पूरी तरह सूखे बीते। इस बीच गर्म हवाओं और पश्चिमी सूखी बयार ने खेतों की नमी छीन ली।

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खरीफ फसलों पर गहरा संकट

पानी की कमी से मूंग, ग्वार, तिल जैसी तिलहनी और दलहनी फसलें या तो देर से बोई गईं या बिलकुल नहीं बोई जा सकीं। बारिश नहीं होने के कारण बाजरा और मक्का जैसी अनाज की फसलें भी प्रभावित हुई हैं, हालांकि कपास ने अपने बेहतर सूखा-प्रतिरोधी स्वभाव के कारण अभी तक मजबूती दिखाई है। कई इलाकों में किसान सीमित सिंचाई साधनों से फसलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात गंभीर बने हुए हैं।

राहत की आस: लौट सकती है बारिश

मौसम मॉडल के अनुसार 15 अगस्त की शाम से राजस्थान के मध्य और पश्चिमी इलाकों में बारिश शुरू हो सकती हैं। 17 से 20 अगस्त के बीच बारिश की तीव्रता और क्षेत्र दोनों बढ़ेंगे। जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, सिरोही, राजसमंद, पाली, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में अच्छी बारिश की संभावना है।

पूर्वी राजस्थान को भी मिलेगा फायदा

पूर्वी जिलों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है, जिससे वहां की फसलों की पैदावार और जलस्तर दोनों में सुधार होगा। हालांकि अब तक हुए नुकसान को पूरी तरह भरपाई करना मुश्किल होगा। लेकिन आने वाले दिनों की बारिश इस समय खेतों में खड़ी फसलों को बचा सकती है। यह देर से बोई गई फसलों को भी सहारा देगी। साथ ही, रबी सीज़न के लिए मिट्टी में नमी बढ़ाने में मदद करेगी।

किसानों की नजर अब आसमान पर

भले ही राजस्थान में सूखे ने पहले ही काफी नुकसान कर दिया हो, लेकिन आगामी बारिश कई इलाकों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है। फिलहाल, पूरे राजस्थान में किसानों की निगाहें आसमान की ओर टिकी हैं। उम्मीद है कि मानसून फिर से रफ्तार पकड़े और राजस्थान की सूखी धरती को राहत मिले।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: डिस्कलेमर- यह विश्लेषण स्काइमेट के मौसम संबंधी आंकड़ों, आंतरिक पूर्वानुमान मॉडल, मौसम केंद्रों से प्राप्त जानकारी, जलवायु संबंधी डेटा और स्काइमेट की मौसम विशेषज्ञ टीम के आकलन पर आधारित है। सटीक जानकारी देने का पूरा प्रयास किया गया है, लेकिन मौसम लगातार बदलने वाली प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए परिस्थितियां समय के साथ बदल सकती हैं। यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है और इसे अंतिम या पूरी तरह निश्चित मौसम पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।

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