ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में तूफानी मौसम, बिजली और ओलावृष्टि की संभावना

By: Skymet team | Edited By:
Apr 28, 2025, 3:00 PM
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ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में तूफानी मौसम, प्रतीकात्मक फोटो

देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। इस सप्ताह इन गतिविधियों में और वृद्धि होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में काल-बैसाखी का मौसम चल रहा है। जो तूफान, तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के साथ होता है, जिससे खतरनाक मौसम गतिविधियाँ हो सकती हैं।

दक्षिणी हवाओं का असर

बंगाल की खाड़ी से दक्षिणी हवाओं का गीला और गर्म प्रवाह पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में असर दिखा रहा है। ये हवाएँ भूमि पर आकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के गंगीय क्षेत्रों में फैल रही हैं। इसके साथ ही पूर्व मध्य प्रदेश में एक शुष्क प्री-मानसून परिसंचरण भी सक्रिय है। जिससे मौसम गतिविधियाँ इस सप्ताह देश के कई हिस्सों में तेज होंगी, हालांकि गुजरात और दक्षिण राजस्थान के कुछ हिस्सों में इसका प्रभाव कम रहेगा।

29 अप्रैल से 3 मई के बीच पूर्वी क्षेत्रों में तीव्र मौसम गतिविधि

पूर्वी हिस्सों में 29 अप्रैल से 3 मई 2025 के बीच तीव्र मौसम गतिविधियाँ होने की संभावना है। यह गतिविधि 29 अप्रैल को उत्तर ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों से शुरू होगी। कोलकाता, मिदनापुर, पानागढ़, कंटी, डायमंड हार्बर, दीघा, झारग्राम, बालासोर, पुरी, जाजपुर, पराडिप, कटक और भुवनेश्वर जैसे स्थानों पर भारी तूफानी बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

30 अप्रैल और 1 मई को इन राज्यों में बारिश

30 अप्रैल और 1 मई को ओडिशा और झारखंड के और हिस्सों में मौसम गतिविधियाँ बढ़ेंगी। 2 और 3 मई को आंध्र प्रदेश के उत्तर तटीय और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी तीव्र मौसम गतिविधियाँ देखने को मिलेंगी। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तर आंध्र प्रदेश के त्रिकोणीय क्षेत्र में 2 और 3 मई को भारी तूफान, बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ खतरनाक मौसम हो सकता है।

प्री-मानसून तूफानों की खतरनाक विशेषताएँ

पूर्वी क्षेत्रों में प्री-मानसून तूफान इस समय बहुत खतरनाक हो सकते हैं। क्योंकि इन तूफानों में ज्यादा देर तक चलने वाली आँधी आती है, जो कई सौ किलोमीटर तक फैल सकती हैं। इन तूफानों में बादल तेजी से बढ़ते हैं और बहुत तेज़ गति से 500 किलोमीटर से अधिक दूरी तक यात्रा कर सकते हैं। इनमें बिजली गिरने और ओलावृष्टि जैसी घटनाएँ हो सकती हैं, जो जान-माल के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना जरूरी है।

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Skymet team

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

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