दीघा तट पार कर आगे बढ़ा डीप डिप्रेशन, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश का अलर्ट, जानें किन जिलों पर सबसे ज्यादा खतरा
मुख्य मौसम बिंदु
- गहरा अवदाब दीघा के पास तट पार कर उत्तर ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है।
- दक्षिण ओडिशा और मध्य-दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश और बाढ़ का खतरा है।
- बाद के दिनों में एमपी, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी में भी बारिश बढ़ेंगी।
- गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और मुंबई में फिलहाल अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं।
- पूर्वानुमान वैधता: यह पूर्वानुमान 28 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक प्रभावी है और मौसम प्रणालियों की स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव संभव है।
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उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब (Deep Depression) आज तड़के दीघा के पास तट पार कर चुका है। फिलहाल इसका केंद्र बालासोर के पास लगभग 22° उत्तरी अक्षांश और 87° पूर्वी देशांतर पर स्थित है। यह मौसम प्रणाली धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर आगे बढ़ेगी। गहरे अवदाब के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में सबसे मजबूत नमी और हवाओं का संगम (Convergence Zone) बना हुआ है। यही कारण है कि दक्षिणी ओडिशा के अंदरूनी इलाकों और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना रहेगा।
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ओडिशा में मूसलाधार बारिश, अब मध्य और उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा असर
इस गहरे अवदाब के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों में व्यापक बारिश हुई है। सबसे अधिक 247 मिमी बारिश बालासोर में दर्ज की गई। इसके अलावा पुरी, हीराकुंड, राउरकेला और क्योंझरगढ़ में भी पिछले 24 घंटों के दौरान 100 मिमी से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई। वहीं पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई।यह गहरा अवदाब अगले लगभग 48 घंटों तक इसी क्षेत्र में धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। इसके बाद यह कमजोर होकर पहले डिप्रेशन और फिर सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) में बदलते हुए मध्य प्रदेश पहुंच जाएगा। इसके साथ ही बारिश का दायरा भी मध्य भारत से आगे बढ़कर राजस्थान तक फैल जाएगा।
उत्तर भारत में भी बढ़ेगा बारिश का दौर, कई राज्यों के लिए बाढ़ का अलर्ट
जैसे-जैसे यह मौसम प्रणाली पश्चिम की ओर बढ़ेगी, इसका असर पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलकर और मजबूत होगा। इसके परिणामस्वरूप पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के तराई क्षेत्रों में भी अच्छी से भारी बारिश होने की संभावना है। फिलहाल सबसे अधिक चिंता ओडिशा के गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, कालाहांडी, नबरंगपुर तथा छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर, बस्तर और दंतेवाड़ा जैसे जिलों में बहुत भारी बारिश को लेकर है। इसके अलावा मध्य प्रदेश की सीमावर्ती क्षेत्रों, विदर्भ और तेलंगाना में भी तेज बारिश हो सकती है।
वहीं राहत की बात यह है कि पिछले सप्ताह भारी बारिश झेल चुके गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण और मुंबई में फिलहाल किसी अत्यधिक मौसम गतिविधि की संभावना नहीं है। हालांकि, अगले एक सप्ताह तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय से प्रबल बना रहेगा। ऐसे में भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
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